अक्षय तृतीया पर सोने की चमक: एक साल में जबरदस्त उछाल, निवेशकों की हुई चांदी

अक्षय तृतीया पर सोने की चमक: एक साल में जबरदस्त उछाल, निवेशकों की हुई चांदी

भारतीय परंपरा में अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन इस बार यह सिर्फ आस्था तक सीमित नहीं रहा। बीते एक साल में सोने ने ऐसा रिटर्न दिया है, जिसने इसे निवेश के लिहाज से बेहद आकर्षक बना दिया है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल अक्षय तृतीया (30 अप्रैल 2025) के समय 24 कैरेट सोने का दाम लगभग ₹99,500 प्रति 10 ग्राम था। वहीं इस साल यह बढ़कर करीब ₹1,57,800 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। यानी महज एक साल में करीब ₹58,000 की बढ़ोतरी, जो लगभग 60% का रिटर्न दर्शाती है।

लंबी अवधि में भी शानदार प्रदर्शन

सोने का सफर सिर्फ एक साल तक सीमित नहीं है। यदि पिछले 12 वर्षों की बात करें तो 2014 में अक्षय तृतीया के दौरान सोने की कीमत करीब ₹30,000 प्रति 10 ग्राम थी। आज यह ₹1.5 लाख के पार पहुंच चुकी है, यानी निवेश करीब पांच गुना से ज्यादा बढ़ चुका है।

उतार-चढ़ाव भी रहे शामिल

हालांकि इस दौरान बाजार पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा। मार्च 2026 में सोने की कीमतों में गिरावट आई और यह लगभग ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया था। लेकिन इसके बाद फिर तेजी लौटी और भाव दोबारा ऊंचाई पर पहुंच गए।

तेजी के पीछे ये बड़े कारण

सोने की कीमतों में उछाल के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव, डॉलर में अस्थिरता और केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद ने इसे सुरक्षित निवेश विकल्प बना दिया है। यही वजह है कि इसकी मांग और कीमत दोनों में तेजी देखने को मिली।

आगे क्या संकेत दे रहा बाजार?

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में भी सोने की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। अगर महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता जारी रहती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5300 से 5500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। भारत में इसकी कीमत अगले एक साल में ₹1,70,000 से ₹1,85,000 प्रति 10 ग्राम तक जाने का अनुमान है।

निवेशकों के लिए सलाह

सोने ने एक बार फिर यह साबित किया है कि अनिश्चित हालात में यह भरोसेमंद निवेश साबित होता है। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश करते समय केवल एक विकल्प पर निर्भर न रहें, बल्कि संतुलित रणनीति अपनाकर जोखिम को कम करें।