अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर बड़ा बयान देते हुए संकेत दिया है कि हालात बिगड़ने पर सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह कहना अभी मुश्किल है कि युद्ध जरूरी होगा या नहीं, लेकिन जरूरत पड़ी तो उससे पीछे नहीं हटेंगे।
ओवल ऑफिस में बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत की असली स्थिति बहुत सीमित लोगों को ही पता है। उनके अनुसार, Iran किसी भी कीमत पर समझौता करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अंदरूनी हालात अस्पष्ट हैं।
ट्रंप ने ईरान की नेतृत्व व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह साफ नहीं है कि Tehran में अंतिम निर्णय लेने वाला असली नेता कौन है। उन्होंने इसे अमेरिका के लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती बताया।
अमेरिकी प्रतिबंधों पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि आर्थिक नाकाबंदी का असर साफ दिख रहा है और इससे ईरान की अर्थव्यवस्था पर गहरा दबाव पड़ा है। उनका दावा है कि तेल से होने वाली आय लगभग खत्म हो चुकी है और सैन्य ताकत भी कमजोर पड़ रही है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति को वह पूर्ण युद्ध नहीं मानते, बल्कि इसे एक सीमित सैन्य ऑपरेशन के तौर पर देखते हैं। साथ ही उम्मीद जताई कि जल्द ही इसका कोई समाधान निकल सकता है।
ट्रंप ने ईरान की सरकार पर अपने ही नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आरोप लगाते हुए दावा किया कि हाल के महीनों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि वास्तविक आंकड़े सामने आए आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकते हैं।
इसके अलावा, ट्रंप ने ईरान पर परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश करने का आरोप दोहराया और कहा कि अमेरिका इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगा।




