पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में प्रस्तावित चुनावों को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। भारत ने इस इलाके में चुनाव कराने की पाकिस्तान की योजना पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे गैर-कानूनी कदम बताया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान का वहां किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि आयोजित करना उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है। भारत ने इस क्षेत्र में चुनाव कराने की प्रक्रिया की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की कवायद से जमीन पर वास्तविक स्थिति नहीं बदल सकती।
भारत की आपत्ति के बाद पाकिस्तान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने भारत के दावों को खारिज करते हुए कहा कि कश्मीर मुद्दे का समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है।
पाकिस्तान ने अपने बयान में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले का भी उल्लेख किया। इस्लामाबाद ने भारत से 5 अगस्त 2019 के बाद किए गए संवैधानिक और प्रशासनिक बदलावों को वापस लेने की मांग दोहराई है। साथ ही कश्मीर में मानवाधिकारों से जुड़े आरोप भी लगाए गए।
उधर, गिलगित-बाल्टिस्तान में विधानसभा की 33 सीटों के लिए मतदान कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। पाकिस्तान की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां चुनाव प्रचार में सक्रिय रही हैं और मतदान सप्ताहांत में कराया जाना प्रस्तावित है। यह क्षेत्र में आयोजित होने वाला चौथा चुनाव होगा।
भारत लगातार यह रुख दोहराता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, कानूनी रूप से भारत का हिस्सा है। नई बयानबाजी के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।




