चंडीगढ़ जमीन सौदों पर मजीठिया के गंभीर आरोप, “कैप्टन सिन्हा” समेत कई नामों पर उठाए सवाल; ED-CBI जांच की मांग तेज

चंडीगढ़ जमीन सौदों पर मजीठिया के गंभीर आरोप, “कैप्टन सिन्हा” समेत कई नामों पर उठाए सवाल; ED-CBI जांच की मांग तेज

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया ने चंडीगढ़ और उसके आसपास हुए कथित जमीन सौदों को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मजीठिया ने सोशल मीडिया पर किए गए एक बयान में दावा किया कि यदि इन जमीनों के लेन-देन और रजिस्ट्रियों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए तो “सबसे बड़े भू-माफिया नेटवर्क” का पर्दाफाश हो सकता है।

अकाली नेता ने विशेष रूप से अनुग्रह प्रसाद सिन्हा उर्फ “कैप्टन सिन्हा” का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि चंडीगढ़ के आसपास करोड़ों रुपये की जमीनें बेहद कम कीमतों पर खरीदी गईं और पूरे मामले में प्रभावशाली लोगों की भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों और तंत्र पर सरकारी खजाने और सार्वजनिक हितों की रक्षा की जिम्मेदारी थी, वही कथित तौर पर कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने में लगे रहे।

मजीठिया ने दावा किया कि उनके पास ऐसी कथित रजिस्ट्रियां और दस्तावेज मौजूद हैं, जिनमें बाजार मूल्य से बेहद कम कीमतों पर बड़े भू-खंड खरीदे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में 5 से 6 एकड़ जमीन केवल लगभग 5 लाख रुपये में खरीदने जैसी डील्स सामने आई हैं। अकाली नेता ने कहा कि इन दस्तावेजों को जल्द सार्वजनिक किया जाएगा ताकि पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने लाई जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा विकास गर्ग और अनुग्रह प्रसाद सिन्हा की भूमिका को लेकर उठाए गए सवालों के बाद इस पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। उनके अनुसार, अब यह केवल जमीन खरीद-फरोख्त का मामला नहीं रह गया, बल्कि यह प्रशासनिक फैसलों, प्रभावशाली लोगों और कथित भ्रष्ट नेटवर्क के गठजोड़ की ओर इशारा करता है।

Enforcement Directorate और Central Bureau of Investigation से जांच की मांग करते हुए मजीठिया ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसियों से जांच करवाई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी पदों और अधिकारों का इस्तेमाल जनहित में हुआ या फिर कथित तौर पर “लैंड माफिया” को लाभ पहुंचाने के लिए।

अकाली नेता ने सवाल उठाया कि अगर आरोपों में सच्चाई नहीं है तो संबंधित पक्ष इन जमीन सौदों और रजिस्ट्रियों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने से क्यों बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब और चंडीगढ़ क्षेत्र में जमीनों से जुड़े कई फैसलों की गहराई से जांच की जरूरत है, क्योंकि इससे बड़े स्तर पर आर्थिक और प्रशासनिक अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है।

मजीठिया के इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार और प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं, जबकि आने वाले दिनों में इस मामले के और ज्यादा गरमाने की संभावना जताई जा रही है।