तरुण चुघ का AAP पर हमला: ‘पंजाब में भ्रष्टाचार और अपराध का बोलबाला, सरकार जवाबदेही से भाग रही’

तरुण चुघ का AAP पर हमला: ‘पंजाब में भ्रष्टाचार और अपराध का बोलबाला, सरकार जवाबदेही से भाग रही’

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब भ्रष्टाचार, अपराध और नशे के दलदल में धंसता जा रहा है। चुघ ने कहा कि 2022 में ‘कट्टर ईमानदार’ का नारा देकर सत्ता में आई AAP अब ‘संस्थागत भ्रष्टाचार’ का पर्याय बन चुकी है। विजिलेंस विभाग, जो भ्रष्टाचार रोकने के लिए बना था, खुद सवालों के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने और विरोधियों को डराने के लिए किया जा रहा है।खनन घोटाले पर घेराखनन के मुद्दे पर चुघ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने 20 हजार करोड़ रुपये सरकारी खजाने में लाने का वादा किया था, लेकिन हकीकत में एक हजार करोड़ भी नहीं आए। उन्होंने दावा किया कि करीब 19,200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सतलुज बाँध के पास आई त्रासदी को भी उन्होंने ‘मानव निर्मित आपदा’ बताया। चुघ के मुताबिक स्थानीय लोगों ने अप्रैल 2025 से ही अवैध खनन को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। नतीजा, 2100 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए।कानून-व्यवस्था पर सवालचुघ ने कहा कि पिछले चार सालों में पंजाब में हर साल नया संकट खड़ा हुआ है। पहले साल गैंगस्टर कल्चर, दूसरे साल रंगदारी, तीसरे साल लूट की घटनाएं और चौथे साल भ्रष्टाचार के साथ-साथ ‘टॉर्चर सेंटर’ की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने अमृतसर की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक मंत्री पर अपने आवास में अफसरों से जबरन कागजों पर दस्तखत कराने के आरोप लगे, लेकिन मुख्य आरोपी अब तक कानून की पकड़ से बाहर है।चुघ ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों से हर महीने BNRP के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ ED की जांच का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 100 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग के दस्तावेज एजेंसी के पास हैं, फिर भी राज्य सरकार आरोपियों का बचाव कर रही है।नशे और अपराध का मुद्दापंजाब में नशे की स्थिति पर चुघ ने AAP विधायक के विधानसभा में दिए बयान को दोहराया कि ‘यहां पिज्जा लेट आ सकता है, नशा नहीं’। उन्होंने कहा कि ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ अभियान जमीनी स्तर पर असफल रहा है। पुलिस की गाड़ी से चूड़ी बिकने जैसी घटनाएं व्यवस्था की पोल खोलती हैं।कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरपंचों की हत्या, शादी समारोहों में फायरिंग, व्यापारियों को धमकियां अब रोज की बात हो गई हैं। बड़े डॉक्टर, अस्पताल संचालक और उद्योगपति भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। चुघ ने आरोप लगाया कि ‘खाकी, खादी और बाबू’ तीनों पर AAP का नियंत्रण है।सीमा सुरक्षा पर चिंताचुघ ने दावा किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से 24 घंटे पहले अमृतसर कैंट और जालंधर BSF चौकी के पास हमले हुए। थानों पर रॉकेट लॉन्चर से हमले, धार्मिक स्थलों पर फायरिंग और भाजपा दफ्तरों पर बम फेंकने की घटनाएं हुईं, लेकिन सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि DGP पाकिस्तान लिंक की बात करते हैं, जबकि मुख्यमंत्री केंद्र पर आरोप लगाते हैं।‘जनता हिसाब मांगेगी’चुघ ने चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे में सरकार ने अपने आरोपों के सबूत नहीं दिए तो भाजपा कानूनी रास्ता अपनाएगी। उन्होंने कहा, “पंजाब की जनता अब बदलाव चाहती है। लोग कह रहे हैं- Bye Bye केजरीवाल, Bye Bye भगवंत मान।” उन्होंने अन्ना आंदोलन से जुड़े नेताओं का हवाला देते हुए कहा कि किरण बेदी, कुमार विश्वास, आशुतोष, शाजिया इल्मी, स्वाति मालीवाल समेत कई बड़े चेहरे AAP छोड़ चुके हैं। अंत में चुघ ने कहा, “पंजाब त्रस्त है और सरकार मस्त है।” उन्होंने जनता से डबल इंजन सरकार को मौका देने की अपील की और दावा किया कि भाजपा ने जिन राज्यों में सरकार बनाई, उन्हें ‘बीमारू’ से ‘विकसित’ बनाया है। पंजाब को भी सुरक्षित और समृद्ध बनाया जाएगा।