आगामी नगर निगम चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने इस बार अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए पंचकूला, अंबाला और सोनीपत के मेयर पद के उम्मीदवार पहले ही घोषित कर दिए हैं। इसके साथ ही पार्टी ने जहां अन्य दलों से बढ़त बनाने की कोशिश की है, वहीं चुनाव के ठीक पहले उम्मीदवार घोषित करने की पुरानी परंपरा को भी तोड़ा है।
उम्मीदवारों के चयन में कांग्रेस ने संबंधित क्षेत्रों के विधायकों की राय को प्राथमिकता दी है। पार्टी का मानना है कि स्थानीय नेताओं की सहमति से चुनावी मैदान में मजबूती मिलती है और जीत की संभावनाएं बढ़ती हैं। हालांकि इस प्रक्रिया में जातीय समीकरणों को ज्यादा महत्व नहीं दिया गया।
अंबाला नगर निगम की सीट बीसी-बी (महिला) वर्ग के लिए आरक्षित है, जबकि सोनीपत और पंचकूला सामान्य श्रेणी की सीटें हैं। कांग्रेस ने अंबाला से कुलविंद्र कौर को उम्मीदवार बनाया है, जो स्थानीय नेता कृपाल सिंह सैनी की पत्नी हैं। वहीं सोनीपत से पार्टी ने कमल दीवान पर भरोसा जताया है, जो पूर्व विधायक देवराज दीवान के बेटे और जिला स्तर पर सक्रिय नेता हैं।
पंचकूला में कांग्रेस ने महिला नेता सुधा भारद्वाज को मैदान में उतारा है, जिनका संगठन में लंबा अनुभव रहा है। उनके परिवार की भी स्थानीय राजनीति और व्यवसाय में पहचान मानी जाती है।
अंबाला में कुलविंद्र कौर को मजबूत दावेदार माना जा रहा है, जिसमें उनके परिवार की सामाजिक और आर्थिक पकड़ का भी योगदान है। वहीं सोनीपत के उम्मीदवार कमल दीवान भी पार्टी के प्रभावशाली गुट से जुड़े माने जाते हैं।
कांग्रेस का यह कदम साफ संकेत देता है कि पार्टी इस बार नगर निकाय चुनावों में पूरी तैयारी और नई रणनीति के साथ उतर रही है।




