पंजाब में होने वाले नगर निगम और निकाय चुनाव इस बार पूरी तरह पारंपरिक तरीके से करवाए जाएंगे। राज्य चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की अनुपलब्धता के चलते बैलेट पेपर और मतपेटियों के जरिए मतदान कराने का फैसला लिया है। इस निर्णय के बाद चुनावी तैयारियों को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सभी जिलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को तय समय पर पूरा कराने के लिए यह फैसला लेना जरूरी हो गया था। आयोग ने EVM मशीनों की मांग भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) से की थी, लेकिन कंपनी ने कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में व्यस्तता का हवाला देते हुए समय पर मशीनें उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई।
सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित कई राज्यों में चुनावी प्रक्रिया चलने के कारण EVM मशीनों की भारी मांग बनी हुई है। ऐसे में पंजाब को निर्धारित समय सीमा के भीतर मशीनें नहीं मिल सकीं। चुनाव आयोग ने माना कि यदि बाद में मशीनें मिलती भी हैं तो उनकी जांच, आवंटन, सीलिंग और पोलिंग स्टेशनों तक पहुंचाने में काफी समय लग जाता, जिससे चुनाव कार्यक्रम प्रभावित हो सकता था।
इसी स्थिति को देखते हुए आयोग ने बैलेट पेपर प्रणाली को अपनाने का फैसला किया। इसके तहत राज्यभर में लगभग 4200 मतपेटियां तैयार कर ली गई हैं। हर मतदान केंद्र पर अलग मतपेटी रखी जाएगी और मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की भी तैनाती की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों को मतगणना और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
राजनीतिक दलों के बीच इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ दलों ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे अधिक पारदर्शी बताया है, जबकि कुछ नेताओं का मानना है कि इससे मतगणना में अधिक समय लग सकता है। हालांकि चुनाव आयोग ने साफ किया है कि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।
पंजाब में इस बार 8 नगर निगमों के चुनाव होने हैं, जिनमें मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट शामिल हैं। इसके अलावा 76 नगर कौंसिल और 21 नगर पंचायतों के लिए भी मतदान कराया जाएगा।
चुनाव आयोग का दावा है कि बैलेट पेपर प्रणाली अपनाने के बावजूद चुनाव कार्यक्रम में किसी तरह की देरी नहीं होगी और पूरे राज्य में तय समय पर मतदान संपन्न कराया जाएगा।




