हर माता-पिता के लिए वह पल बेहद खास और भावुक होता है, जब उनका बच्चा पहली बार स्कूल की दहलीज पर कदम रखता है। बच्चे के लिए यह एक नया अनुभव होता है, वहीं पेरेंट्स के लिए भी उससे कुछ घंटों की दूरी आसान नहीं होती। अक्सर बच्चे नए माहौल, नए लोगों और माता-पिता से अलग होने के कारण घबराहट महसूस करते हैं। ऐसे समय में अगर अभिभावक समझदारी और धैर्य से काम लें, तो बच्चे का स्कूल में एडजस्ट करना काफी आसान हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चे अपने माता-पिता के व्यवहार को देखकर ही परिस्थितियों को समझते हैं। अगर पेरेंट्स तनाव में या परेशान नजर आते हैं, तो बच्चा भी असुरक्षित महसूस करने लगता है। इसलिए जरूरी है कि माता-पिता इस बदलाव को सकारात्मक तरीके से अपनाएं और बच्चे को भरोसा दिलाएं कि स्कूल एक मजेदार और सुरक्षित जगह है।
स्कूल शुरू होने से पहले करें तैयारी
बच्चे को अचानक स्कूल भेजने के बजाय उसे धीरे-धीरे नई दिनचर्या के लिए तैयार करना बेहतर होता है। स्कूल खुलने से करीब एक हफ्ता पहले उसे समय पर उठाना शुरू करें। साथ ही बैग तैयार करना, यूनिफॉर्म पहनना और जूते पहनने जैसी छोटी-छोटी चीजों की प्रैक्टिस कराएं। अगर संभव हो तो बच्चे को स्कूल भी घुमाकर लाएं, ताकि वह वहां के माहौल से परिचित हो सके।
बच्चे के साथ बिताएं खास समय
स्कूल शुरू होने से पहले बच्चे के साथ ज्यादा समय बिताना उसके आत्मविश्वास को बढ़ा सकता है। कहानी सुनाना, ड्राइंग करना, खेल-खेल में स्कूल एक्टिविटी करना या उसकी भावनाओं को समझना बच्चे को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। इससे वह माता-पिता से अलग होने पर ज्यादा सहज महसूस करता है।
स्कूल को लेकर बनाएं पॉजिटिव माहौल
बच्चे के सामने स्कूल की अच्छी बातें करें। उसे बताएं कि वहां नए दोस्त मिलेंगे, खेल-कूद होगी, गाने सीखने को मिलेंगे और टीचर उसका ध्यान रखेंगे। डर पैदा करने या दबाव डालने की बजाय अगर उत्साह बढ़ाया जाए, तो बच्चा स्कूल को लेकर ज्यादा उत्साहित महसूस करता है।
स्टोरी बुक्स की लें मदद
स्कूल से जुड़ी कहानियां बच्चों को नई शुरुआत समझाने का आसान तरीका हो सकती हैं। ऐसी किताबों में स्कूल की दिनचर्या, दोस्ती और खेल जैसी चीजें होती हैं, जिन्हें पढ़कर बच्चा खुद को उस माहौल के लिए तैयार महसूस करता है। इससे उसके मन का डर काफी कम हो सकता है।
बच्चे के सामने खुद रहें शांत
अक्सर बच्चे माता-पिता की बेचैनी तुरंत महसूस कर लेते हैं। अगर आप रोते हुए या ज्यादा भावुक होकर बच्चे को स्कूल छोड़ेंगे, तो वह भी घबरा सकता है। इसलिए स्कूल छोड़ते समय मुस्कुराकर और आत्मविश्वास के साथ बच्चे को बाय कहें। इससे उसे भरोसा मिलेगा कि सब कुछ सामान्य और सुरक्षित है।
इन बातों से करें परहेज
- बच्चे की तुलना दूसरे बच्चों से न करें
- डराकर या डांटकर स्कूल भेजने की कोशिश न करें
- बिना बताए चुपचाप वहां से न निकलें
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