पेशावर से अमेरिकी कॉन्सुलेट बंद करने का फैसला, सुरक्षा कारणों का हवाला

पेशावर से अमेरिकी कॉन्सुलेट बंद करने का फैसला, सुरक्षा कारणों का हवाला

अमेरिका ने पेशावर में स्थित अपने महावाणिज्य दूतावास को बंद करने का निर्णय लिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह प्रक्रिया चरणों में पूरी की जाएगी और वहां की जिम्मेदारियां इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास को सौंप दी जाएंगी।

विदेश विभाग ने साफ किया कि यह कदम मुख्य रूप से कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। बयान में कहा गया कि संसाधनों का बेहतर उपयोग और राजनयिकों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। हालांकि, पाकिस्तान के प्रति अमेरिकी नीतियों में किसी बदलाव की बात से इनकार किया गया है।

अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही पेशावर में उसकी भौतिक मौजूदगी खत्म हो रही है, लेकिन खैबर पख्तूनख्वा में स्थानीय समुदायों और नेताओं से संपर्क जारी रहेगा। इसके जरिए आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी हितों को मजबूत करने की कोशिश जारी रहेगी। साथ ही, कराची और लाहौर में मौजूद अमेरिकी मिशन काम करते रहेंगे।

दरअसल, इस फैसले पर पिछले एक साल से विचार चल रहा था। मार्च में आई रिपोर्ट्स में भी इसके बंद होने के संकेत मिले थे। विदेश विभाग ने तब अमेरिकी कांग्रेस को बताया था कि इस कदम से हर साल करीब 75 लाख डॉलर की बचत संभव है और इससे क्षेत्र में अमेरिका के रणनीतिक हितों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

गौरतलब है कि पेशावर स्थित यह कॉन्सुलेट अफगानिस्तान सीमा के करीब होने के कारण लंबे समय तक रणनीतिक रूप से अहम रहा है। खासकर 2001 के बाद अफगानिस्तान से जुड़े अभियानों में इसने एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक और राजनयिक केंद्र के रूप में भूमिका निभाई थी।