बेअदबी पर पंजाब सरकार का नया सख्त रुख: CM मान बोले— “परिवार भी नहीं बच पाएंगे”

बेअदबी पर पंजाब सरकार का नया सख्त रुख: CM मान बोले— “परिवार भी नहीं बच पाएंगे”

मुख्यमंत्री मान ने बेअदबी की घटनाओं को लेकर बड़ा और सख्त बयान देते हुए कहा है कि यदि किसी मामले में आरोपी को मानसिक रोगी बताकर बचाने की कोशिश की गई, तो उसके परिवारजनों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी व्यक्ति को “मानसिक रूप से अस्थिर” बताकर बेअदबी जैसी गंभीर घटनाओं से अलग नहीं किया जा सकता और यदि परिवार की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी मामला दर्ज होगा।

मुख्यमंत्री ने यह बयान Jalandhar में अपनी “शुकराना यात्रा” के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि कई बार लोग किसी व्यक्ति को उकसाकर या सिखाकर ऐसी घटनाओं के लिए आगे कर देते हैं और बाद में उसे मानसिक रोगी बताकर खुद जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करते हैं। सरकार अब ऐसे मामलों में गहराई से जांच करेगी।

बेअदबी कानून के बाद शुरू हुई राज्यव्यापी यात्रा

हाल ही में लागू किए गए Jagat Jot Shri Guru Granth Sahib Satkar Law Amendment 2026 के बाद मुख्यमंत्री ने Anandpur Sahib से राज्यव्यापी शुकराना यात्रा की शुरुआत की। यात्रा शुरू करने से पहले उन्होंने Takht Sri Kesgarh Sahib में माथा टेककर आशीर्वाद लिया।

इस दौरान उनके साथ कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains और आनंदपुर साहिब से सांसद Malvinder Singh Kang भी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि यह यात्रा नए कानून को लेकर लोगों के समर्थन और धार्मिक सम्मान की भावना के प्रतीक के रूप में निकाली जा रही है।

सरकार ने सख्त कानून का दिया संदेश

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से समाज और धार्मिक संगठनों की ओर से बेअदबी के मामलों में सख्त कानून की मांग की जा रही थी और अब सरकार ने लोगों की भावनाओं के अनुरूप कानून लागू किया है।

उन्होंने कहा कि नया कानून दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार कानून का दुरुपयोग नहीं होने देगी, लेकिन धार्मिक सम्मान से जुड़े मामलों में सख्त रुख जारी रहेगा।

जालंधर से आदमपुर और फिर दमदमा साहिब तक यात्रा

शुकराना यात्रा के तहत मुख्यमंत्री जालंधर सेंट्रल क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इसके बाद उनका आदमपुर में नुक्कड़ सभा को संबोधित करने का कार्यक्रम तय किया गया।

यात्रा के अगले चरण में मुख्यमंत्री Amritsar होते हुए Takht Sri Damdama Sahib के लिए रवाना होंगे। सरकार इस यात्रा के जरिए धार्मिक सम्मान, सामाजिक एकता और नए कानून के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने की कोशिश कर रही है।

विपक्ष भी रख रहा नजर

राज्य सरकार के इस नए कानून और मुख्यमंत्री के बयानों पर विपक्ष की भी नजर बनी हुई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बेअदबी का मुद्दा पंजाब की राजनीति में बेहद संवेदनशील रहा है और सरकार इस विषय पर सख्त रुख दिखाकर लोगों के बीच मजबूत संदेश देने की कोशिश कर रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में इस कानून के क्रियान्वयन और इससे जुड़े मामलों पर पूरे राज्य की निगाहें रहेंगी, क्योंकि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दे पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक दिशा को गहराई से प्रभावित करते हैं।