रोहतक में मगन सुहाग सुसाइड केस मामले में आरोपी दिव्या की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें दिव्या के वकील की तरफ से रखी दलीलों के आधार पर जमानत याचिका को मंजूर कर लिया गया। जमानत के लिए दिव्या ने मृतक मगन पर ही पैसे कमाने के लिए दबाव डालने व काम न करने पर उसे व उसके बेटे को मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। गांव डोभ निवासी मगन सुहाग ने 18 जून को फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले मगन ने वीडियो बनाकर अपनी मौत के लिए पत्नी दिव्या व महाराष्ट्र पुलिस के सिपाही दीपक को जिम्मेदार ठहराया था। इस मामले में दिव्या की जमानत याचिका पर रोहतक एडिशनल सेशन कोर्ट में 4, 8, 9,11 व 19 सितंबर को सुनवाई हुई, जिसमें याचिका को खारिज कर दिया गया। दिव्या की एक बार अग्रिम जमानत की याचिका भी खारिज हो चुकी है। इसके बाद दिव्या की तरफ से हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई, जिस पर सुनवाई के बाद कल शाम दिव्या को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। अब इस मामले में रोहतक की एडिशनल सेशन कोर्ट में 23 अक्टूबर को रेगुलर सुनवाई होनी है। 21 दिन के बेटे को लेकर ससुराल गई दिव्या जमानत याचिका में दिव्या के वकील ने कहा कि 3 जुलाई 2019 को दिव्या व मगन ने प्रेम विवाह किया। परिवार के लोगों ने शादी को स्वीकार नहीं किया तो मगन के साथ रोहतक में किराए पर रहने लगी। 2021 में लड़के को जन्म दिया। जब लड़का 21 दिन का था तो दिव्या अपने ससुराल में रहने लगी। लेकिन ससुराल में मगन के परिवार ने जाति व दहेज के लिए दिव्या से झगड़ा करना शुरू कर दिया। 3 महीने जेल में रहा मगन दिव्या की जमानत याचिका में कहा गया कि जब दिव्या गर्भवती थी तो मगन एनडीपीएस एक्ट में 3 महीने तक जेल में रहा। इसी दौरान दिव्या को मगन के नशे की आदत का पता चला। उसके बाद मगन की जमानत करवाई। मगन के नशे की आदत के कारण ही नौकरी करना शुरू किया और 4 माह के बेटे को छोड़कर अहमदाबाद में कैटरिंग वेटर का काम करने लगी। मगन ने मुंबई में दिलवाई बार डांसर की नौकरी जमानत याचिका में दिव्या ने मगन पर आरोप लगाया कि मृतक मगन ही उसे मुंबई के डांस बार में लेकर गया और परिवार वालों से बात को छुपाने के लिए मजबूर किया। मगन ने ही दिव्या को निजी नाइट डांस पार्टियों में जाने के लिए विवश किया, ताकि दिव्या अधिक पैसे कमा सके। मगन के पास थी दिव्या की पासबुक व डेबिट कार्ड जमानत याचिका में दिव्या ने कहा कि मगन ने उसे ग्राहकों से सीधे अपने खाते में पैसे जमा करवाने के लिए मजबूर किया। साथ ही उसका डेबिट कार्ड, पासबुक व चेक बुक अपने पास रख लिए। मगन अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए एटीएम से पैसे निकालता था और अपनी बुरी आदतों पर लगभग 7,09,400 रुपए खर्च किए। रोहतक में मगन सुहाग सुसाइड केस मामले में आरोपी दिव्या की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें दिव्या के वकील की तरफ से रखी दलीलों के आधार पर जमानत याचिका को मंजूर कर लिया गया। जमानत के लिए दिव्या ने मृतक मगन पर ही पैसे कमाने के लिए दबाव डालने व काम न करने पर उसे व उसके बेटे को मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। गांव डोभ निवासी मगन सुहाग ने 18 जून को फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले मगन ने वीडियो बनाकर अपनी मौत के लिए पत्नी दिव्या व महाराष्ट्र पुलिस के सिपाही दीपक को जिम्मेदार ठहराया था। इस मामले में दिव्या की जमानत याचिका पर रोहतक एडिशनल सेशन कोर्ट में 4, 8, 9,11 व 19 सितंबर को सुनवाई हुई, जिसमें याचिका को खारिज कर दिया गया। दिव्या की एक बार अग्रिम जमानत की याचिका भी खारिज हो चुकी है। इसके बाद दिव्या की तरफ से हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई, जिस पर सुनवाई के बाद कल शाम दिव्या को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। अब इस मामले में रोहतक की एडिशनल सेशन कोर्ट में 23 अक्टूबर को रेगुलर सुनवाई होनी है। 21 दिन के बेटे को लेकर ससुराल गई दिव्या जमानत याचिका में दिव्या के वकील ने कहा कि 3 जुलाई 2019 को दिव्या व मगन ने प्रेम विवाह किया। परिवार के लोगों ने शादी को स्वीकार नहीं किया तो मगन के साथ रोहतक में किराए पर रहने लगी। 2021 में लड़के को जन्म दिया। जब लड़का 21 दिन का था तो दिव्या अपने ससुराल में रहने लगी। लेकिन ससुराल में मगन के परिवार ने जाति व दहेज के लिए दिव्या से झगड़ा करना शुरू कर दिया। 3 महीने जेल में रहा मगन दिव्या की जमानत याचिका में कहा गया कि जब दिव्या गर्भवती थी तो मगन एनडीपीएस एक्ट में 3 महीने तक जेल में रहा। इसी दौरान दिव्या को मगन के नशे की आदत का पता चला। उसके बाद मगन की जमानत करवाई। मगन के नशे की आदत के कारण ही नौकरी करना शुरू किया और 4 माह के बेटे को छोड़कर अहमदाबाद में कैटरिंग वेटर का काम करने लगी। मगन ने मुंबई में दिलवाई बार डांसर की नौकरी जमानत याचिका में दिव्या ने मगन पर आरोप लगाया कि मृतक मगन ही उसे मुंबई के डांस बार में लेकर गया और परिवार वालों से बात को छुपाने के लिए मजबूर किया। मगन ने ही दिव्या को निजी नाइट डांस पार्टियों में जाने के लिए विवश किया, ताकि दिव्या अधिक पैसे कमा सके। मगन के पास थी दिव्या की पासबुक व डेबिट कार्ड जमानत याचिका में दिव्या ने कहा कि मगन ने उसे ग्राहकों से सीधे अपने खाते में पैसे जमा करवाने के लिए मजबूर किया। साथ ही उसका डेबिट कार्ड, पासबुक व चेक बुक अपने पास रख लिए। मगन अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए एटीएम से पैसे निकालता था और अपनी बुरी आदतों पर लगभग 7,09,400 रुपए खर्च किए। हरियाणा | दैनिक भास्कर
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भिवानी में एक्सीडेंट में चरखी दादरी के युवक की मौत:ट्रैक्टर की चपेट में आया, ब्रेक साफ कर रहा था, काम करके लौटा चरखी दादरी के गांव बौंद कलां निवासी युवक का भिवानी के लोहारू रोड़ स्थित देवसर मोड़ के नजदीक एक्सीडेंट हो गया। इस दौरान युवक ट्रैक्टर की चपेट में आ गया, जिस कारण उसकी मौत हो गई। वहीं, मामले की सूचना मिलते ही जुई कलां थाना पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। मृतक के भाई के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है। मृतक की पहचान चरखी दादरी जिले के गांव बौंद कलां निवासी करीब 27 वर्षीय अमित उर्फ सीटू के रूप में हुई है। मृतक के ताऊ गांव बौंद कलां निवासी रामनिवास ने बताया कि उसके छोटे भाई सतबीर के 3 बच्चे (2 बेटे व एक बेटी) हैं। जिनमें से अमित कुमार सबसे छोटा था और मजदूरी करता था। अमित फिलहाल अविवाहित था। वह शनिवार को भिवानी के गांव देवसर की तरफ मजदूरी करने के लिए गया हुआ था। इसी दौरान उसका एक्सीडेंट हो गया और मौत हो गई। ट्रैक्टर की चपेट में आया अमित
जुई कलां थाना पुलिस को दिए बयान में महेश ने बताया कि उसका भाई अमित मजदूरी के लिए गांव देवसर की तरफ आया हुआ था। इसी दौरान ट्रैक्टर स्टार्ट खड़ा था। इसी दौरान ट्रैक्टर के दोनों ब्रेक के बीच की पत्ती हटाने लगा और इसी दौरान क्लच छूट गई। जिसके कारण अमित गिर गया और ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। इसके बाद घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल में लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया और इसकी सूचना पुलिस को दे दी। इत्तफाकिया कार्रवाई की गई
जुई कलां थाना के जांच अधिकारी एएसआई कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्हें एक्सीडेंट की सूचना मिली थी। अस्पताल में पहुंचकर मृतक अमित के भाई महेश के बयान दर्ज किया है। जिसमें बताया कि ब्रेक के बीच की पत्ती हटाते समय क्लच छूटने के कारण अमित नीचे गिर गया। वहीं ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। जिसके कारण उसकी मौत हो गई। बयानों के आधार पर इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है।
गुरुग्राम मेट्रो को लेकर मंत्री की चिट्ठी से फंसा पेंच:राव नरबीर का अंडरग्राउंड बनाने का सुझाव, इससे तीन साल देरी और लागत दोगुना बढ़ेगी
गुरुग्राम मेट्रो को लेकर मंत्री की चिट्ठी से फंसा पेंच:राव नरबीर का अंडरग्राउंड बनाने का सुझाव, इससे तीन साल देरी और लागत दोगुना बढ़ेगी गुरुग्राम में मेट्रो एक्सटेंशन के निर्माण को लेकर अब नया पेंच फंस गया है। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने फेज-2 के तहत सेक्टर-9 से लेकर साइबर सिटी तक की लाइन को अंडरग्राउंड करने के सुझाव के बाद इसके बदलाव को फिलहाल होल्ड पर रख दिया है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) की तकनीकी और वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव से प्रोजेक्ट के पूरा होने में करीब तीन साल की देरी का अनुमान है। परियोजना की लागत भी 350 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर से बढ़कर 600-650 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर हो जाएगी। जीएमआरएल अधिकारियों का कहना है कि लागत बढ़ने के साथ-साथ टेंडर, डिजाइन में बदलाव और मंजूरी मिलने में भी देरी हो सकती है। इस प्रस्तावित अंडरग्राउंड रूट की रिपोर्ट प्रदेश सरकार को अंतिम फैसले के लिए सौंपी जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही सरकार यह तय करेगी कि अतिरिक्त लागत को कैसे वहन किया जाए। प्रोजेक्ट के भूमि पूजन के बाद सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने सवाल उठाया था कि प्रोजेक्ट समय पर पूरा न होने के लिए जवाबदेही तय की जाए और जिनकी वजह से देरी हो रही है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। तब राव नरबीर ने दावा किया था कि प्रोजेक्ट समय पर चल रहा है और पहले जो कंफ्यूजन थी, वह दूर हो चुकी है। राव नरबीर की चिट्ठी की 3 अहम बातें.. ये है पूरा प्रोजेक्ट
केंद्र सरकार ने जून 2023 में गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। यह प्रोजेक्ट मिलेनियम सिटी सेंटर और साइबर सिटी के बीच 28.5 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें द्वारका एक्सप्रेसवे तक एक और रास्ता भी शामिल है, जिसके सभी स्टेशन एलिवेटेड होंगे। जीएमआरएल बोर्ड ने गुड़गांव रेलवे स्टेशन तक 1.8 किलोमीटर लंबा एक और रास्ता बनाने की भी मंजूरी दे दी है, ताकि लोगों को आने-जाने में आसानी हो। ये है फेज एक
28 किलोमीटर में 27 मेट्रो स्टेशन होंगे: पहले चरण में सेक्टर नौ तक होगा सिविल वर्क मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 28.05 किलोमीटर में 27 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन होंगे। पहले चरण में मिलेनियम सिटी मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर 47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72 ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज-6, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई गांव, सेक्टर-9, बसई से द्वारका एक्सप्रेसवे (सेक्टर 101) का निर्माण कार्य शामिल है। पहले चरण में मेट्रो निर्माण का ठेका दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड और रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड को दिया गया है। कंपनी को कास्टिंग यार्ड/ बैचिंग प्लांट बनाने के लिए नाहरपुर रूपा गांव (ट्रांसपोर्ट नगर) में करीब पांच हेक्टेयर जमीन अस्थायी तौर पर दी हुई है। कंपनी गर्डर, एलिवेटेड गर्डर समेत अन्य स्ट्रक्चर बनाने के लिए प्लांट स्थापित करेगी। फेज दो का प्रोजेक्ट
सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक 14 मेट्रो स्टेशन होंगे
फेस दो के तहत सेक्टर-9 से लेकर दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित डीएलएफ साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। मेट्रो निर्माण को लेकर भू तकनीकी सर्वे किया जा चुका है। पुरानी डीपीआर के तहत दूसरे चरण में मेट्रो के 13 स्टेशन बनने थे, लेकिन नई डीपीआर में रेलवे स्टेशन मेट्रो स्टेशन शामिल होने के बाद 14 स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। नई डीपीआर को मंजूरी के लिए शहरी आवास मंत्रालय को भेजा जा चुका है। मेक इन इंडिया का ख्याल
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में मेक इन इंडिया पहल का ध्यान रखा जाएगा। परियोजना में अधिकतम भारतीय तकनीकी, उपकरण और संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। मेट्रो कॉरिडोर एक अलग (स्वतंत्र) मेट्रो लाइन के रूप में बनेगा। स्वतंत्र कॉरिडोर में मेट्रो लाइन की अपनी अलग पहचान और संचालन प्रणाली होगी। इसका ट्रैक, स्टेशन और प्रबंधन अभी चल रही रैपिड मेट्रो से अलग होगा। यह नई मेट्रो लाइन रैपिड मेट्रो के ट्रैक या सिस्टम से नहीं जुड़ेगी या उसके साथ संयुक्त रूप से नहीं चलेगी। पहले जानिए.. मेट्रो को लेकर क्यों आमने-सामने हुए थे दोनों राव यह फाइल केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी के पास थी। अब केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर के मंत्रालय से संबंधित है। डीपीआर से संबंधित भ्रम दूर होने के बाद मनोहर लाल खट्टर ने हाल ही में परियोजना का भूमि पूजन किया, और अब यह प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है।
