प्रयागराज में रविवार शाम प्रयागराज के राजरूपपुर इलाके में हुई भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। डेढ़ करोड़ की लग्जरी जगुआर कार से छह लोगों को कुचल देने वाला युवक कोई साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि शहर के नामी कारोबारी और प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखता है। हादसे के बाद जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, आरोपी की पहचान सामने आई जो रचित मध्यान है। वह शहर के प्रसिद्ध मिठाई व्यवसायी वासुदेव मध्यान का बेटा और कामधेनु स्वीट्स परिवार से जुड़ा है। मिठाई कारोबार से जुड़ा प्रतिष्ठित परिवार रचित मध्यान का परिवार प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के लूकरगंज इलाके में रहता है। उसके पिता वासुदेव मध्यान और चाचा इंदल मध्यान, दोनों शहर के चर्चित कामधेनु स्वीट्स प्रतिष्ठान के मालिक हैं। यह मिठाई कारोबार प्रयागराज में दशकों से जाना जाता है और इस परिवार का नाम शहर के समृद्ध व्यापारिक घरानों में शुमार है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस जगुआर एफ-पेस (Jaguar F-Pace) कार से यह दर्दनाक हादसा हुआ, वह भी लूकरगंज पते पर ही रजिस्टर्ड है। नामी डॉक्टर का दामाद रचित मध्यान की पहचान केवल एक कारोबारी परिवार के बेटे के रूप में ही नहीं, बल्कि एक प्रतिष्ठित मेडिकल फैमिली से भी जुड़ी है। वह प्रयागराज के नामी अस्पताल संचालक डॉ. एम.के. मदनानी का दामाद है। रचित की पत्नी अमृता मदनानी डर्मेटोलॉजिस्ट हैं और शहर में अपना क्लीनिक चलाती हैं। एलएलबी की पढ़ाई कर चुका, क्रिकेट टीम का कप्तान रचित ने एलएलबी की पढ़ाई की है और वह खुद को अधिवक्ता के रूप में परिचित कराता है। लेकिन कानून की पढ़ाई के साथ-साथ उसकी दिलचस्पी क्रिकेट में भी गहरी थी। वह एल्गिन क्लब इलाहाबाद क्रिकेट टीम का कप्तान है। रविवार को भी जब यह हादसा हुआ, तब रचित क्रिकेट मैच खेलकर लौट रहा था। 3.25 मिनट पर खत्म हुआ था मैच सूत्रों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे एल्गिन क्लब इलाहाबाद और चंद्रकला यूनिवर्सल प्राइवेट लिमिटेड के बीच मुकाबला हुआ था। मैच 3:25 बजे समाप्त हुआ और इसके लगभग 20 मिनट बाद रचित अपनी जगुआर कार लेकर वहां से घर लौटने लगा। इसी दौरान राजरूपपुर इलाके में उसने नियंत्रण खो दिया और यह भीषण दुर्घटना हो गई, जिसमें छह लोगों की जान चली गई। मैच हारने से था तनाव में? सूत्रों का कहना है कि जिस मैच से लौटते वक्त यह हादसा हुआ, उसमें रचित की टीम को 56 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। कप्तान होने के बावजूद रचित को बैटिंग का मौका नहीं मिला, जिससे वह बेहद निराश था। इससे पहले सुबह खेले गए मैच में उसने केवल 10 रन बनाए थे, हालांकि वह मैच उसकी टीम जीत गई थी। आशंका जताई जा रही है कि कहीं वह इस हार के चलते तनाव में तो नहीं था। कहीं इसी वजह से तो उसने तेज गति से कार चलाई, जिससे नियंत्रण खो बैठा। हादसे के बाद का घटनाक्रम प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद रचित मौके से भागा नहीं, बल्कि खुद को कार के अंदर बंद कर लिया था। लोग जब तक उसके पास पहुंचे, तब तक पुलिस भी मौके पर आ गई। पुलिस ने उसे कार से बाहर निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। फिलहाल पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया है और आगे की विवेचना जारी है। फिलहाल देर रात उसे कॉल्विन और फिर एसआरएन अस्पताल भेजा गया, जहां से उसे देर रात लखनऊ रेफर किया गया। शहर में चर्चा का विषय बना हादसा राजरूपपुर की यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि शहर में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार का बेटा, नामी डॉक्टर का दामाद और सामाजिक रूप से पहचान रखने वाला युवक, ऐसे व्यक्ति से हुई लापरवाही ने सबको हैरान कर दिया है। पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि हादसे के समय रचित नशे में था या नहीं। इसके लिए उसका ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। प्रयागराज में रविवार शाम प्रयागराज के राजरूपपुर इलाके में हुई भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। डेढ़ करोड़ की लग्जरी जगुआर कार से छह लोगों को कुचल देने वाला युवक कोई साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि शहर के नामी कारोबारी और प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखता है। हादसे के बाद जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, आरोपी की पहचान सामने आई जो रचित मध्यान है। वह शहर के प्रसिद्ध मिठाई व्यवसायी वासुदेव मध्यान का बेटा और कामधेनु स्वीट्स परिवार से जुड़ा है। मिठाई कारोबार से जुड़ा प्रतिष्ठित परिवार रचित मध्यान का परिवार प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के लूकरगंज इलाके में रहता है। उसके पिता वासुदेव मध्यान और चाचा इंदल मध्यान, दोनों शहर के चर्चित कामधेनु स्वीट्स प्रतिष्ठान के मालिक हैं। यह मिठाई कारोबार प्रयागराज में दशकों से जाना जाता है और इस परिवार का नाम शहर के समृद्ध व्यापारिक घरानों में शुमार है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस जगुआर एफ-पेस (Jaguar F-Pace) कार से यह दर्दनाक हादसा हुआ, वह भी लूकरगंज पते पर ही रजिस्टर्ड है। नामी डॉक्टर का दामाद रचित मध्यान की पहचान केवल एक कारोबारी परिवार के बेटे के रूप में ही नहीं, बल्कि एक प्रतिष्ठित मेडिकल फैमिली से भी जुड़ी है। वह प्रयागराज के नामी अस्पताल संचालक डॉ. एम.के. मदनानी का दामाद है। रचित की पत्नी अमृता मदनानी डर्मेटोलॉजिस्ट हैं और शहर में अपना क्लीनिक चलाती हैं। एलएलबी की पढ़ाई कर चुका, क्रिकेट टीम का कप्तान रचित ने एलएलबी की पढ़ाई की है और वह खुद को अधिवक्ता के रूप में परिचित कराता है। लेकिन कानून की पढ़ाई के साथ-साथ उसकी दिलचस्पी क्रिकेट में भी गहरी थी। वह एल्गिन क्लब इलाहाबाद क्रिकेट टीम का कप्तान है। रविवार को भी जब यह हादसा हुआ, तब रचित क्रिकेट मैच खेलकर लौट रहा था। 3.25 मिनट पर खत्म हुआ था मैच सूत्रों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे एल्गिन क्लब इलाहाबाद और चंद्रकला यूनिवर्सल प्राइवेट लिमिटेड के बीच मुकाबला हुआ था। मैच 3:25 बजे समाप्त हुआ और इसके लगभग 20 मिनट बाद रचित अपनी जगुआर कार लेकर वहां से घर लौटने लगा। इसी दौरान राजरूपपुर इलाके में उसने नियंत्रण खो दिया और यह भीषण दुर्घटना हो गई, जिसमें छह लोगों की जान चली गई। मैच हारने से था तनाव में? सूत्रों का कहना है कि जिस मैच से लौटते वक्त यह हादसा हुआ, उसमें रचित की टीम को 56 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। कप्तान होने के बावजूद रचित को बैटिंग का मौका नहीं मिला, जिससे वह बेहद निराश था। इससे पहले सुबह खेले गए मैच में उसने केवल 10 रन बनाए थे, हालांकि वह मैच उसकी टीम जीत गई थी। आशंका जताई जा रही है कि कहीं वह इस हार के चलते तनाव में तो नहीं था। कहीं इसी वजह से तो उसने तेज गति से कार चलाई, जिससे नियंत्रण खो बैठा। हादसे के बाद का घटनाक्रम प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद रचित मौके से भागा नहीं, बल्कि खुद को कार के अंदर बंद कर लिया था। लोग जब तक उसके पास पहुंचे, तब तक पुलिस भी मौके पर आ गई। पुलिस ने उसे कार से बाहर निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। फिलहाल पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया है और आगे की विवेचना जारी है। फिलहाल देर रात उसे कॉल्विन और फिर एसआरएन अस्पताल भेजा गया, जहां से उसे देर रात लखनऊ रेफर किया गया। शहर में चर्चा का विषय बना हादसा राजरूपपुर की यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि शहर में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार का बेटा, नामी डॉक्टर का दामाद और सामाजिक रूप से पहचान रखने वाला युवक, ऐसे व्यक्ति से हुई लापरवाही ने सबको हैरान कर दिया है। पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि हादसे के समय रचित नशे में था या नहीं। इसके लिए उसका ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
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बडगाम विधानसभा उपचुनाव: नेशनल कांफ्रेंस ने घोषित किया प्रत्याशी, आगा सैयद महमूद को दिया टिकट
बडगाम विधानसभा उपचुनाव: नेशनल कांफ्रेंस ने घोषित किया प्रत्याशी, आगा सैयद महमूद को दिया टिकट <p style=”text-align: justify;”>सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस ने रविवार को जम्मू-कश्मीर की बडगाम विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता आगा सैयद महमूद को अपना उम्मीदवार घोषित किया. राज्य में इस उपचुनाव के लिए 11 नवंबर वोटिंग होगी. फिलहाल पार्टियों की तरफ से प्रचार का दौर जारी है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं भारतीय जनता पार्टी ने आगा सैयद मोहसिन को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी ने आगा मुंतजिर मेहदी को इस सीट के लिए मैदान में उतारा है. इस सीट पर पारंपरिक रूप से शिया नेताओं का दबदबा रहा है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>नेशनल कांफ्रेंस ने उतारा शिया प्रत्याशी</h3>
<p style=”text-align: justify;”>बता दें नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के उम्मीदवार महमूद एक वरिष्ठ शिया नेता हैं. नेकां ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट में लिखा, ‘पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर, जेकेएनसी ने आगामी बडगाम विधानसभा चुनाव के लिए आगा सैयद महमूद को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है. पार्टी बडगाम के लोगों की सेवा में उनके सफल अभियान के लिए उन्हें शुभकामनाएं देती है.'</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>पीडीपी प्रत्याशी ने दी नामांकन की जानकारी</h3>
<p style=”text-align: justify;”>पीडीपी की ओर से रविवार (19 अक्टूबर) को कहा गया कि उसके उम्मीदवार आगा मुंतजिर मेहदी सोमवार (20 अक्टूबर) को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. विपक्षी दल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘पीडीपी के आगा सैयद मुंतजिर मेहदी साहब कल दोपहर 12 बजे बडगाम विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे.'</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>अन्य दो उम्मीदवार भी सोमवार को करेंगे नामांकन</h3>
<p style=”text-align: justify;”>बडगाम विधानसभा सीट मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के इस्तीफे के कारण खाली हुई थी, क्योंकि उन्होंने दोनों सीटों से सफलतापूर्वक चुनाव लड़ने के बाद गंदेरबल सीट को बरकरार रखने का फैसला किया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं नगरोटा विधानसभा क्षेत्र में भी 11 नवंबर को मतदान होगा. यह सीट पिछले साल चुनाव के बाद भाजपा विधायक देविंदर सिंह राणा के निधन के कारण खाली हुई थी. भाजपा की ओर से पहली बार इस सीट पर महिला प्रत्याशी को उतारा गया है. भाजपा की ओर से दिवंगत देवेंद्र राणा की बेटी देवयानी राणा को टिकट दिया गया है.</p>
