हरियाणा में रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रही हलचल के बीच परिवहन मंत्री Anil Vij सोमवार को अचानक कर्मचारियों के बीच पहुंच गए। अंबाला छावनी स्थित उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में रोडवेज कर्मचारी और यूनियन प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए थे। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि उनका ज्ञापन अधिकारियों के माध्यम से भेजा जाएगा, लेकिन मंत्री खुद बाहर आकर उनसे मिले और उनकी बातें सुनीं।
मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यदि यूनियन उन्हें पत्र के जरिए भी अपनी मांगें भेजती तो भी वे उस पर कार्रवाई करते। उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
9 जून को होगी अहम बैठक
विज ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ पहले ही प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है। अब 9 जून को वरिष्ठ अधिकारियों और यूनियन नेताओं के साथ विस्तृत बैठक बुलाई गई है, जिसमें कर्मचारियों की हर मांग पर बिंदुवार चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि रोडवेज व्यवस्था बेहतर तरीके से चले और कर्मचारियों की परेशानियों का भी समाधान हो। इसलिए बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश की जाएगी।
कर्मचारियों ने रखीं कई मांगें
प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने रोडवेज कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए। इनमें कर्मचारियों की लंबित मांगें, कार्य परिस्थितियां, भर्तियां, वेतन संबंधी समस्याएं और विभागीय व्यवस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने सरकार से जल्द समाधान की मांग की।
यूनियन प्रतिनिधियों का कहना था कि लंबे समय से कई मुद्दे लंबित पड़े हैं, जिन पर अब ठोस निर्णय की जरूरत है। प्रदर्शन में राज्य के अलग-अलग जिलों से कर्मचारी पहुंचे थे।
ज्ञापन लेने खुद पहुंचे मंत्री
प्रदर्शन के दौरान अनिल विज ने कर्मचारियों से सीधे संवाद किया और मौके पर ही यूनियन नेताओं से ज्ञापन प्राप्त किया। कर्मचारियों ने भी मंत्री के इस रवैये की सराहना की कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को बुलाने के बजाय खुद उनके बीच पहुंचकर बातचीत की।
पहले भी दिखा अलग अंदाज
यह पहला मौका नहीं है जब अनिल विज प्रदर्शनकारियों के बीच खुद पहुंचे हों। इससे पहले बिजली निगम कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान भी वह मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों से मिले थे और उनकी समस्याएं सुनी थीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विज लगातार जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और सीधे संवाद की राजनीति को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं रोडवेज यूनियन अब 9 जून की बैठक को काफी अहम मान रही है, क्योंकि उसी में आगे की रणनीति और समाधान की दिशा तय हो सकती है।


