‘वंदे मातरम्’ विवाद पर गरमाई राजनीति, अनिल विज ने वारिस पठान और भगवंत मान दोनों पर साधा निशाना

‘वंदे मातरम्’ विवाद पर गरमाई राजनीति, अनिल विज ने वारिस पठान और भगवंत मान दोनों पर साधा निशाना

हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर अपने तीखे बयानों से राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। AIMIM नेता वारिस पठान के ‘वंदे मातरम्’ को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कहा कि “जो भारत में रहना चाहता है, उसे वंदे मातरम् का सम्मान करना होगा।” उन्होंने राष्ट्रीय गीत के सम्मान को राष्ट्रगान के बराबर बताते हुए कहा कि उसका अपमान किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

अनिल विज ने कहा कि वंदे मातरम् देश की भावनाओं और स्वतंत्रता संग्राम की पहचान है। ऐसे में राष्ट्रीय गीत पर सवाल उठाना करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को आहत करने जैसा है। उन्होंने साफ कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

दरअसल AIMIM नेता वारिस पठान ने हाल ही में कहा था कि वह वंदे मातरम् का सम्मान करते हैं, लेकिन इसकी कुछ पंक्तियां इस्लाम के अनुसार स्वीकार्य नहीं हैं, इसलिए वह इसे नहीं बोलेंगे। इसी बयान को लेकर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।

वहीं अनिल विज ने पंजाब में हाल के बम धमाकों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इन घटनाओं के पीछे भाजपा का हाथ होने का आरोप बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। विज ने कहा कि यदि भगवंत मान के पास कोई सबूत है तो वह सार्वजनिक करें, अन्यथा उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार गंभीर मुद्दों पर जिम्मेदारी से काम करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी कर रही है। विज ने कहा कि मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ भगवंत मान गृह मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं, इसलिए उन्हें तथ्यों के आधार पर बोलना चाहिए।

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुभेन्दू अधिकारी के पीए की हत्या पर भी विज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां लंबे समय से राजनीतिक हिंसा का माहौल बना हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।

इसके अलावा विज ने ममता बैनर्जी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान में ऐसे प्रावधान मौजूद हैं जिनके तहत पद पर बने रहने या हटाने से जुड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर बोलते हुए अनिल विज ने कहा कि देश अब आतंकवाद के खिलाफ पहले जैसी नरम नीति नहीं अपनाता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि भारत अब हर चुनौती का जवाब मजबूती से देता है और दुश्मनों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

विज के इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्षी दल जहां उनके बयानों को विवादित बता रहे हैं, वहीं भाजपा समर्थक इसे राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं।