विश्व पर्यावरण दिवस पर राजभवन से हरियाली का संदेश, राज्यपाल कटारिया ने लोगों से की पौधे लगाने की अपील

विश्व पर्यावरण दिवस पर राजभवन से हरियाली का संदेश, राज्यपाल कटारिया ने लोगों से की पौधे लगाने की अपील

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंजाब राजभवन में प्रकृति संरक्षण और हरित भविष्य के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इस अवसर पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।

चंडीगढ़ स्थित राजभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने अपने परिवार के सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। इस दौरान उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों के दौर में वृक्षारोपण केवल एक औपचारिक गतिविधि नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने का माध्यम है।

राज्यपाल ने कहा कि पेड़-पौधे प्रकृति के सबसे बड़े संरक्षक हैं। ये न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं बल्कि भूजल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन के विशेष अवसरों को वृक्षारोपण से जोड़ें और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी करें।

कार्यक्रम के दौरान फलदार, छायादार, औषधीय और सजावटी पौधों को प्राथमिकता दी गई। राज्यपाल और उनके परिवार ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यक्तिगत भागीदारी का संदेश दिया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे पौधों का चयन किया गया है जो स्थानीय जलवायु के अनुकूल होने के साथ-साथ पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं।

राज्यपाल ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल समाज को भावनात्मक रूप से पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी माता के सम्मान में पौधा लगाता है, तो वह केवल एक पेड़ नहीं लगाता बल्कि प्रकृति और परिवार के मूल्यों को भी मजबूत करता है।

उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों को विशेष रूप से इस अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की लड़ाई केवल सरकारी योजनाओं से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। यदि प्रत्येक नागरिक वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरणीय चुनौतियों से काफी हद तक निपटा जा सकता है।

राज्यपाल ने चंडीगढ़ की हरित पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर देश के सबसे सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल शहरों में गिना जाता है। इस पहचान को बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार वृक्षारोपण, हरित क्षेत्रों के संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण के बढ़ते दबाव के बीच हरित क्षेत्र बचाना और उनका विस्तार करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। इस दौरान पर्यावरण संतुलन, जल संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।

समारोह का समापन पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे न केवल पौधे लगाएंगे बल्कि उनकी देखभाल कर उन्हें विकसित भी करेंगे, ताकि भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ, स्वस्थ और हरित वातावरण मिल सके।