हरियाणा में अब इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। प्रदेश सरकार जल्द ही ऐसा फैसला लेने की तैयारी में है, जिसके बाद ईवी खरीदने वालों को रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टै्स पूरी तरह से नहीं देना पड़ेगा। परिवहन विभाग की ओर से तैयार किया गया प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है और माना जा रहा है कि आगामी कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश सरकार पेट्रोल-डीजल पर बढ़ती निर्भरता कम करने और प्रदूषण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा फैसला लेने जा रही है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो हरियाणा में इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह फ्री हो जाएगा। इससे ईवी खरीदने वाले लोगों को हजारों रुपये की सीधी राहत मिलने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि परिवहन विभाग ने यह प्रस्ताव पड़ोसी राज्यों चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की ईवी नीतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है। इन राज्यों में पहले से ही इलेक्ट्रिक वाहनों को टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट दी जा रही है, जिसके कारण वहां ईवी वाहनों की बिक्री में तेजी देखी गई है।
फिलहाल हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहनों पर केवल 20 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन फीस में छूट मिल रही है, लेकिन नए प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की तैयारी है। हालांकि अभी तक वाहन खरीद पर सीधी सब्सिडी देने का कोई प्रावधान प्रस्ताव में शामिल नहीं किया गया है। इसके बावजूद माना जा रहा है कि रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स पूरी तरह माफ होने से ईवी वाहनों की मांग में बड़ा इजाफा हो सकता है।
परिवहन विभाग के प्रस्ताव को परिवहन मंत्री अनिल विज द्वारा मंजूरी देकर मुख्यमंत्री के पास भेजा जा चुका है। संभावना जताई जा रही है कि 18 मई को होने वाली हरियाणा कैबिनेट बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है।
दरअसल, चंडीगढ़ में करीब चार साल पहले लागू हुई ईवी पॉलिसी के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद में काफी तेजी आई थी। वहां ईवी खरीदने वालों को सब्सिडी के साथ-साथ रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी छूट दी गई थी। इसका फायदा हरियाणा के कई लोगों ने भी उठाया और चंडीगढ़ के पते पर वाहन रजिस्टर करवाए। इसी के बाद हरियाणा सरकार पर भी अपनी नीति को और आकर्षक बनाने का दबाव बढ़ा।
सरकार अब नई ईवी पॉलिसी पर भी काम कर रही है। उद्योग विभाग की ओर से तैयार किए जा रहे नए ड्राफ्ट में इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर अतिरिक्त प्रोत्साहन और सब्सिडी देने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि भविष्य में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने, बैटरी स्टेशन स्थापित करने और ईवी उद्योग में निवेश आकर्षित करने के लिए भी विशेष योजनाएं लाई जा सकती हैं।
हरियाणा सरकार ने अपने हालिया बजट में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का संकेत दिया था। बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा था कि ईवी वाहनों के लिए मौजूदा छूट को और बढ़ाया जाएगा, ताकि लोग पेट्रोल-डीजल वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से शिफ्ट हों। अब माना जा रहा है कि उसी घोषणा को अमलीजामा पहनाने की तैयारी की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह फैसला लागू होता है तो हरियाणा में ईवी सेक्टर को बड़ी गति मिलेगी। इससे न केवल लोगों का खर्च कम होगा बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। साथ ही प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग और उससे जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।




