हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने हरियाणा सिविल सेवा (HCS) और अन्य संबद्ध पदों की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने परीक्षा में भाग लिया था, लेकिन सफलता केवल सीमित अभ्यर्थियों को ही मिल सकी।
आयोग के अनुसार, करीब 50 हजार परीक्षार्थियों में से केवल 1243 उम्मीदवार ही प्रीलिम्स परीक्षा पास कर पाए हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा के स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह परीक्षा 26 अप्रैल को राज्य के 8 जिलों में बनाए गए 337 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी।
पंजीकरण करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 90 हजार से अधिक थी, जिनमें से बड़ी संख्या परीक्षा में शामिल हुई। परीक्षा दो चरणों—सुबह और शाम—में आयोजित की गई। मूल्यांकन के दौरान कुछ ओएमआर शीट्स में तकनीकी खामियां पाई गईं, जिसके चलते उन्हें अंतिम परिणाम में शामिल नहीं किया गया।
आयोग इससे पहले प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी कर चुका था और अभ्यर्थियों को आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर भी दिया गया था। आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम परिणाम घोषित किया गया है, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
मुख्य परीक्षा में बड़ा बदलाव
प्रीलिम्स में सफल अभ्यर्थियों के लिए अब अगला चरण मुख्य परीक्षा का होगा, जो 27 से 29 जून के बीच आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया गया है, जो अभ्यर्थियों के लिए नई चुनौती लेकर आएगा।
मुख्य परीक्षा में कुल 600 अंकों के 6 पेपर होंगे। इनमें चार पेपर सामान्य अध्ययन के होंगे, जबकि हिंदी और अंग्रेजी निबंध के लिए 100-100 अंक निर्धारित किए गए हैं। खास बात यह है कि इस बार वैकल्पिक विषयों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, जिससे सभी अभ्यर्थियों के लिए समान आधार पर मूल्यांकन किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए पैटर्न से तैयारी का तरीका भी बदलेगा और अभ्यर्थियों को व्यापक विषयों पर पकड़ मजबूत करनी होगी।
आगे की प्रक्रिया और चयन
मुख्य परीक्षा के बाद साक्षात्कार चरण आयोजित किया जाएगा, जो संभावित रूप से अगस्त या सितंबर में हो सकता है। इंटरव्यू में अभ्यर्थियों की व्यक्तित्व, निर्णय क्षमता और प्रशासनिक समझ का आकलन किया जाएगा।
अंतिम चयन सूची मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के संयुक्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को राज्य की विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं में नियुक्त किया जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया के बीच अभ्यर्थियों में उत्साह के साथ-साथ दबाव भी देखा जा रहा है, क्योंकि अब अगला चरण उनके करियर की दिशा तय करेगा। वहीं, आयोग की ओर से निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।



