हिमाचल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर हलचल बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग आज एक अहम बैठक में चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेगा और इसी के आधार पर चुनाव की घोषणा को लेकर फैसला लिया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि परिसीमन और नई पंचायतों के गठन के बाद मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने का काम जारी है। आयोग यह आकलन करेगा कि 450 पंचायतों में से कितनी पंचायतों की वोटर लिस्ट पूरी तरह तैयार हो चुकी है, जिसके बाद चुनाव कार्यक्रम तय किया जाएगा।
राज्य में चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे। इसके लिए करीब 22 हजार मतदान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक चरण में लगभग 7,000 से 7,500 मतदान केंद्रों पर वोटिंग होगी। पूरी प्रक्रिया के संचालन के लिए करीब 32 हजार मतपेटियों की व्यवस्था की जा रही है।
इन चुनावों में मतदाताओं को पांच अलग-अलग पदों के लिए मतदान करना होगा, जिनमें पंचायत प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य शामिल हैं। हालांकि, जहां निर्विरोध उम्मीदवार चुने जाएंगे, वहां संबंधित पदों पर मतदान नहीं कराया जाएगा।
चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।


