टीवी के सुनहरे दौर में जहां ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ जैसे धारावाहिकों का दबदबा था, वहीं एक ऐसा शो भी आया जिसने भारतीय इतिहास को बेहद रोचक अंदाज में दर्शकों तक पहुंचाया। इस सीरीज का नाम ‘भारत एक खोज’ था, जिसका निर्देशन मशहूर फिल्ममेकर श्याम बेनेगल ने किया था।
यह धारावाहिक भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की चर्चित पुस्तक ‘द डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ से प्रेरित था। सीरीज में देश के हजारों वर्षों के इतिहास को पर्दे पर उतारा गया, जिसमें सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर आजादी के आंदोलन तक की घटनाओं को दिखाया गया।
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को तैयार करने से पहले निर्माताओं ने करीब तीन साल तक गहन रिसर्च की। इसके लिए 22 इतिहासकारों और 10 लेखकों की टीम ने मिलकर काम किया ताकि ऐतिहासिक तथ्यों को सही तरीके से प्रस्तुत किया जा सके।
सीरीज को भव्य बनाने के लिए लगभग 500 कलाकारों को कास्ट किया गया था। अलग-अलग कालखंडों को वास्तविक रूप देने के लिए 144 से ज्यादा सेट तैयार किए गए, जबकि शूटिंग पूरी करने में करीब 20 महीने का समय लगा।
इतिहास की सटीकता बनाए रखने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) समेत कई संस्थानों का सहयोग लिया गया। कलाकारों की वेशभूषा, सेट की बनावट और हर छोटे-बड़े विवरण पर विशेष ध्यान दिया गया था।
एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इस धारावाहिक में एक खास भूमिका निभाई थी। 1988 में शुरू हुई यह सीरीज 1989 तक प्रसारित हुई और हर रविवार दर्शकों को नया एपिसोड देखने को मिलता था।
कुल 53 एपिसोड वाले ‘भारत एक खोज’ को आज भी भारतीय टेलीविजन की सबसे बेहतरीन ऐतिहासिक प्रस्तुतियों में गिना जाता है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे IMDb पर 8.9 की शानदार रेटिंग मिली हुई है।




