हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए इंटरव्यू शैडयूल जारी किया है। कैमिस्ट्री विषय के लिए युवाओं को 3 से 5 नवंबर तक प्रत्येक दिन 2-2 शिफ्टों में इंटरव्यू के लिए आयोग मुख्यालय पर बुलाया है। हरियाणा में HPSC ने advt. No. 43/2024 के तहत कैमिस्ट्री असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए भर्ती आयोजित की है। जिसमें 123 पदों के लिए विज्ञापन मांगे गए थे। 123 पदों में 79 पद जनरल, 15 एससी, 13 बीसी व बीसीबी के लिए 5 तथा EWS के लिए 11 पद आरक्षित किए गए थे। विभाग नॉलेज टेस्ट व स्क्रीनिंग टेस्ट की परीक्षाएं आयोजित कर चुका है। जिसमें 232 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए योग्य पाए गए हैं। जिनका 3 से 5 नवंबर तक इंटरव्यू शैड्यूल रखा गया है। कैसे रहेगा इंटरव्यू शैड्यूल 40025 से 41903 के बीच योग्य उम्मीदवारों को 3 नवंबर सुबह की शिफ्ट में, 41924 से 43214 के बीच वालों को 3 नवंबर को 12 बजे रिपोर्ट करना है। 43222 से 44141 के बीच वालों को 4 नवंबर सुबह साढे 8 बजे तथा 44195 से 45558 तक वालों को 4 नवंबर 12 बजे तक रिपोर्ट करना है। 45564 से 46356 तक वालों को 5 नवंबर सुबह साढे 8 बजे तक तथा 46362 से 46945 के बीच पाए गए योग्य उम्मीदवार 5 नवंबर 12 बजे तक रिपोर्ट करेंगे। हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए इंटरव्यू शैडयूल जारी किया है। कैमिस्ट्री विषय के लिए युवाओं को 3 से 5 नवंबर तक प्रत्येक दिन 2-2 शिफ्टों में इंटरव्यू के लिए आयोग मुख्यालय पर बुलाया है। हरियाणा में HPSC ने advt. No. 43/2024 के तहत कैमिस्ट्री असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए भर्ती आयोजित की है। जिसमें 123 पदों के लिए विज्ञापन मांगे गए थे। 123 पदों में 79 पद जनरल, 15 एससी, 13 बीसी व बीसीबी के लिए 5 तथा EWS के लिए 11 पद आरक्षित किए गए थे। विभाग नॉलेज टेस्ट व स्क्रीनिंग टेस्ट की परीक्षाएं आयोजित कर चुका है। जिसमें 232 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए योग्य पाए गए हैं। जिनका 3 से 5 नवंबर तक इंटरव्यू शैड्यूल रखा गया है। कैसे रहेगा इंटरव्यू शैड्यूल 40025 से 41903 के बीच योग्य उम्मीदवारों को 3 नवंबर सुबह की शिफ्ट में, 41924 से 43214 के बीच वालों को 3 नवंबर को 12 बजे रिपोर्ट करना है। 43222 से 44141 के बीच वालों को 4 नवंबर सुबह साढे 8 बजे तथा 44195 से 45558 तक वालों को 4 नवंबर 12 बजे तक रिपोर्ट करना है। 45564 से 46356 तक वालों को 5 नवंबर सुबह साढे 8 बजे तक तथा 46362 से 46945 के बीच पाए गए योग्य उम्मीदवार 5 नवंबर 12 बजे तक रिपोर्ट करेंगे। हरियाणा | दैनिक भास्कर
Related Posts

Haryana के मंत्री अनिल विज बोले – पहलगाम हमले के एक-एक दोषी से बदला लिया; आतंकियों को ऐसा ठोका…
Haryana के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने पाकिस्तान को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि…

हरियाणा में घर खरीदना हुआ महंगा, 46 शहरों में 10% बढ़ा EDC शुल्क
हरियाणा के रियल एस्टेट में तेजी देखने को मिल रही है। राज्य के लगभग सभी शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें…
हरियाणा के कॉलेजों में सेमिनार-वर्कशॉप के रेट तय:₹40 की चाय, खाने के ₹200 फिक्स; ये करने की 3 वजह, शिकायत कर सकेंगे स्टूडेंट
हरियाणा के कॉलेजों में सेमिनार-वर्कशॉप के रेट तय:₹40 की चाय, खाने के ₹200 फिक्स; ये करने की 3 वजह, शिकायत कर सकेंगे स्टूडेंट हरियाणा के कॉलेजों में सेमिनार, वर्कशॉप, कॉन्फ्रेंस में खाने-पीने के रेट तय कर दिए गए हैं। अब कॉलेज प्रबंधन ऐसे आयोजनों में अपनी मनमर्जी नहीं चला सकेंगे। हायर एजूकेशन डिपार्टमेंट ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बना दी है। ये एसओपी सरकारी, एडिड व निजी कॉलेजों में लागू की गई है। इसके अनुसार, आयोजनों में शामिल होने वालों से 500 रुपए से अधिक रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ले सकेंगे। राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार या वर्कशॉप पर प्रतिदिन 60 हजार और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार पर 1 लाख रुपए खर्च किए जा सकेंगे। आयोजनों में प्रतिभागियों की संख्या 60 से 80 के बीच रहेगी। प्रिंसिपल कारण बता इनकी संख्या 10% बढ़ाने की अनुमति ले सकेंगे। 40 रुपए चाय के फिक्स हुए आयोजन में प्रति व्यक्ति चाय के लिए 40 रुपए और खाने का 200 रुपए प्रतिदिन बजट तय किया है। विशेष वक्ता को प्रति घंटे 2 हजार रुपए के हिसाब से पेमेंट की जा सकेगी। वक्ता दिन में दो लेक्चरर दे सकेंगे। बोर्डिंग व लोडिंग पर प्रति व्यक्ति 1 हजार रुपए खर्च होगा। स्टेशनरी व अन्य चीजों पर 15 हजार रुपए तक खर्च कर सकेंगे। आयोजन के बाद 15 दिन में यूटिलाइज सर्टिफिकेट देना होगा। कार्यक्रम की रिपोर्ट, फोटोग्राफ, प्रतिभागियों का फीडबैक निदेशालय के पास भेजना होगा। ऐसे में कोई भी सेमिनार के नाम पर फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेगा। नवंबर-दिसंबर में देना होगा प्रस्ताव आयोजनों का समय सुबह 9:30 से शाम 5 बजे तक रहेगा। 4 सेशन होंगे। टी-ब्रेक, लंच का समय भी तय है। कार्यक्रम के लिए शनिवार, रविवार जैसे छुट्टी के दिन को प्राथमिकता देने के लिए कहा है। इनसे कॉलेज में पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। आयोजन की तारीखें व मकसद बताते हुए नवंबर-दिसंबर में ही इसका प्रस्ताव हायर एजूकेशन डिपार्टमेंट के पास भेजना होगा। पिछले 3 साल के आयोजनों के विषय की भी जानकारी देनी होगी। स्क्रीनिंग कमेटी मंजूरी जरूरी एसओपी में हायर एजूकेशन डिपार्टमेंट ने एसओपी में ये भी व्यवस्था की है जिसके तहत बजट की डिमांड करते वक्त आइटम वाइज खर्च ब्योरा देना होगा। आयोजन में कौन शामिल होगा, जैसे विद्यार्थी, फैकल्टी, स्कॉलर्स, वक्ता या अन्य। स्क्रीनिंग कमेटी तय करेगी कि आयोजन होना चाहिए या नहीं। अभी कॉलेजों में होने वाले कार्यक्रमों के लिए प्रबंधन मर्जी के हिसाब से फीस लेते हैं। लागू करने की ये 3 बड़ी वजह… 1. कॉलेज के स्टूडेंट्स की हमेशा से शिकायत रहती है कि खर्च के मुकाबले फीस ज्यादा ले ली जाती है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ये एसओपी में इसकी भी व्यवस्था की गई है। यदि कोई कॉलेज अब ज्यादा फीस लेता है तो विद्यार्थी शिकायत भी कर पाएंगे। 2. सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप जैसे आयोजनों में खाने-पीने के बिलों में बजट को लेकर गड़बड़ी सामने आई हैं। कुछ कॉलेजों में कई बार आयोजन पर बजट खर्च अधिक दिखाए जाने की संभावना रहती है। इस एसओपी के बाद अब इस पर अंकुश लग सकेगा। 3. हायर एजूकेशन डिपार्टमेंट की ओर से जारी एसओपी से फर्जीवाड़ा रुकेगा। कुछ कॉलेजों में कार्यक्रमों में देर शाम हो जाती है। इससे छात्रों को घर जाने में असुविधा होती है। खासकर छात्राओं को इससे काफी परेशानी होती थी।
