Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरदूलगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य की राजनीति, विकास योजनाओं और शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को लेकर विस्तार से अपने विचार रखे। इस अवसर पर उन्होंने गांव फतेहगढ़ साहनेवाली में एक नई सरकारी आईटीआई के निर्माण की आधारशिला रखी। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने वाली पारंपरिक पार्टियों ने पंजाब के लोगों के हितों की अनदेखी की और केवल अपने परिवारों को मजबूत किया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ राज्य के संसाधनों का उपयोग कर रही है।
Punjab News: पूर्व सरकारों पर आरोप और राजनीतिक टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल और कांग्रेस ने लंबे समय तक पंजाब पर शासन किया, लेकिन उन्होंने आम जनता की शिक्षा और तरक्की को प्राथमिकता नहीं दी। उनका आरोप था कि इन दलों ने जानबूझकर लोगों को सशक्त नहीं बनने दिया, ताकि राजनीतिक परिवारों का वर्चस्व बना रहे। उन्होंने कहा कि इन दलों की राजनीति परिवारवाद पर आधारित रही है, जबकि आम आदमी पार्टी आम नागरिकों को अवसर देने में विश्वास रखती है।
उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह चुनावी सफलता पाने के लिए दूसरी पार्टियों से आए नेताओं पर निर्भर है। उनके अनुसार, पंजाब की जनता अब जागरूक हो चुकी है और पुराने राजनीतिक तरीकों को स्वीकार नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा कि कुछ दल राज्य को बचाने की बात करते हैं, जबकि असल में वे अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने में लगे हुए हैं।
CM Bhagwant Singh: शिक्षा को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने बताया कि राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए उन्हें फिनलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में भेजा गया है, ताकि वे नई शिक्षण पद्धतियां सीख सकें।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय कई स्कूलों की हालत खराब थी और वे केवल औपचारिक संस्थान बनकर रह गए थे। लेकिन अब स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है और गरीब विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि आने वाले समय में व्यक्ति की पहचान उसकी संपत्ति से नहीं, बल्कि उसके बच्चों की शिक्षा से होगी।
नई सरकारी आईटीआई का निर्माण
सरदूलगढ़ क्षेत्र में युवाओं को तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गांव फतेहगढ़ साहनेवाली में सरकारी आईटीआई का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 24.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पंचायत द्वारा पांच एकड़ भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई है, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त किया।
यह संस्थान हर वर्ष 240 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देगा। इसमें इलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रिक वाहन मैकेनिक, रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनिंग तकनीशियन, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन तथा सीएनसी मशीनिंग जैसे पांच प्रमुख ट्रेड शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे ग्रामीण युवाओं को अपने घर के पास ही रोजगारोन्मुखी शिक्षा का अवसर मिलेगा और उन्हें बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले जा चुके हैं, जहां लोगों को मुफ्त दवाएं और जांच सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
सरदूलगढ़ में 39 लाख रुपये की लागत से एक नया आम आदमी क्लीनिक खोला जाएगा, जहां 107 प्रकार की दवाएं और 47 प्रकार की जांच मुफ्त उपलब्ध होंगी। इसके अलावा गांव भगवानपुर हिंगा में 55 लाख रुपये की लागत से हेल्थ एंड वेलनेस क्लीनिक बनाया जाएगा। सरदूलगढ़ सब डिवीजनल अस्पताल में 49 लाख रुपये की लागत से ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट भी स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सरदूलगढ़ के सरकारी अस्पताल को 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
बिजली और सिंचाई क्षेत्र में सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें खेती में सुविधा हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत किया है। सिंचाई के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पहले केवल 21 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग सिंचाई के लिए होता था, जो अब बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है। 6,900 किलोमीटर लंबे 18,349 खालों को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे किसानों को काफी लाभ हुआ है।
बुनियादी ढांचा और विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि घग्गर नदी के पास स्थित 27 गांवों को बेहतर संपर्क सुविधा देने के लिए 17.31 करोड़ रुपये की लागत से दो नए पुल बनाए जा रहे हैं। गांव भलुआणा में 12.03 करोड़ रुपये और गांव बार्न में 5.28 करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे लोगों की यात्रा दूरी 5 से 9 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। मानसा-तलवंडी साबो सड़क को 31.20 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है। नए खालों के निर्माण पर 33.07 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गांव झंडा कलां, उल्लक और बणवाला नए में 12.83 करोड़ रुपये की लागत से नए ग्रिड स्थापित किए जा रहे हैं। सरदूलगढ़ शहर में 14.76 करोड़ रुपये की लागत से नई सीवरेज पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिसके तहत लगभग 24.80 किलोमीटर लंबा सीवरेज नेटवर्क तैयार होगा।
रोजगार और सामाजिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 63,000 से अधिक युवाओं को बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने इसे पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का परिणाम बताया। भोजन और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘मेरी रसोई योजना’ शुरू की गई है। इसके तहत 40 लाख परिवारों को हर तिमाही मुफ्त राशन किट दी जाएगी। प्रत्येक किट में दो किलो दाल, दो किलो चीनी, एक किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल शामिल होगा। यह राशन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाले गेहूं से अलग होगा।
समापन संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस क्षेत्र से हमेशा प्यार और समर्थन मिला है, चाहे वह एक कलाकार के रूप में हो या एक जनप्रतिनिधि के रूप में। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की जनता विकास और ईमानदार राजनीति का साथ देगी। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभी नेताओं ने राज्य के विकास और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

