हिंदू पंचांग के अनुसार मार्च का महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। जैसे ही फरवरी विदा लेता है, वैसे ही मार्च अपने साथ पूजा-पाठ, व्रत, त्योहार और आध्यात्मिक साधना के कई शुभ अवसर लेकर आता है। यह वही समय होता है जब फाल्गुन मास समाप्ति की ओर बढ़ता है और चैत्र मास का आगमन होता है, जो हिंदू नववर्ष की शुरुआत का संकेत देता है।मौसम में परिवर्तन के साथ-साथ यह काल धार्मिक ऊर्जा से भी भरपूर माना जाता है। शास्त्रों में मान्यता है कि इस दौरान किया गया जप, तप, दान और व्रत विशेष फल प्रदान करता है। यही कारण है कि भक्तजन इस पूरे महीने को पुण्य अर्जन और आत्मिक शुद्धि के लिए श्रेष्ठ मानते हैं।
चैत्र मास को हिंदू कैलेंडर का पहला महीना माना जाता है। इसी माह में चैत्र नवरात्रि जैसे बड़े पर्व आते हैं, जब नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना की जाती है। वहीं फाल्गुन पूर्णिमा पर होली का पर्व उल्लास और भाईचारे का संदेश देता है। इसके अतिरिक्त एकादशी, प्रदोष, शिवरात्रि जैसे कई व्रत भी मार्च में पड़ते हैं, जो भगवान विष्णु और शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए किए जाते हैं।
मार्च 2026 में आने वाले प्रमुख व्रत और त्योहार
- 1 मार्च, रविवार – प्रदोष व्रत
- 2 मार्च, सोमवार – फाल्गुन चौमासी चौदस
- 3 मार्च, मंगलवार – होलिका दहन, वसंत पूर्णिमा व्रत, फाल्गुन पूर्णिमा, चंद्र ग्रहण
- 4 मार्च, बुधवार – होली, चैत्र मास का आरंभ, हिंदू नववर्ष
- 5 मार्च, गुरुवार – भाई दूज
- 6 मार्च, शुक्रवार – भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी
- 8 मार्च, रविवार – रंग पंचमी
- 10 मार्च, मंगलवार – शीतला सप्तमी
- 11 मार्च, बुधवार – शीतला अष्टमी, बसोड़ा, कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
- 15 मार्च, रविवार – पापमोचनी एकादशी, कृष्ण नृसिंह द्वादशी, मीन संक्रांति
- 16 मार्च, सोमवार – प्रदोष व्रत
- 17 मार्च, मंगलवार – मासिक शिवरात्रि
- 18 मार्च, बुधवार – दर्श अमावस्या
- 19 मार्च, गुरुवार – युगादी, गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्रि की शुरुआत
- 20 मार्च, शुक्रवार – झूलेलाल जयंती, चंद्र दर्शन
- 21 मार्च, शनिवार – मत्स्य जयंती, गौरी पूजा, गणगौर
- 22 मार्च, रविवार – वासुदेव चतुर्थी
- 23 मार्च, सोमवार – लक्ष्मी पंचमी, मासिक कार्तिगाई
- 24 मार्च, मंगलवार – संकन्द षष्ठी, रोहिणी व्रत, यमुना छठ
- 26 मार्च, गुरुवार – राम नवमी, अशोक अष्टमी, महातारा जयंती, मासिक दुर्गाष्टमी
- 27 मार्च, शुक्रवार – राम नवमी (इस्कॉन), स्वामीनारायण जयंती
- 29 मार्च, रविवार – कामदा एकादशी, वामन द्वादशी
- 30 मार्च, सोमवार – शुक्ल प्रदोष व्रत
- 31 मार्च, मंगलवार – महावीर जयंती
मार्च 2026 का यह पूरा महीना श्रद्धा, उत्सव और साधना का संगम लेकर आ रहा है। ऐसे में व्रत-त्योहारों के माध्यम से ईश्वर आराधना कर जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता प्राप्त की जा सकती है।


