कहीं आपका रिश्ता भी तो नहीं हो रहा फीका? ये 5 आदतें बन सकती हैं दूरी की वजह

कहीं आपका रिश्ता भी तो नहीं हो रहा फीका? ये 5 आदतें बन सकती हैं दूरी की वजह

हर रिश्ते में कभी-कभी बहस होना स्वाभाविक है, लेकिन जब छोटी-छोटी बातें रोज़ के तनाव में बदलने लगें, तो समझ लेना चाहिए कि कहीं न कहीं गड़बड़ ज़रूर है। ज़्यादातर लोग इस स्थिति में अपने पार्टनर को ज़िम्मेदार मान लेते हैं, जबकि कई बार अनजाने में की गई हमारी अपनी हरकतें रिश्ते में कड़वाहट घोल देती हैं। अगर आपके रिश्ते में भी पहले जैसी मिठास नहीं रही, तो इन आदतों पर एक नज़र डालना ज़रूरी है।

1. संवाद से दूरी बनाना
कई लोग सोचते हैं कि उनका पार्टनर बिना कहे ही सब समझ जाएगा। लेकिन चुप्पी अक्सर गलतफहमियों को जन्म देती है। जब भावनाएं खुलकर और सलीके से साझा नहीं की जातीं, तो मन में नाराज़गी जमा होने लगती है, जो आगे चलकर झगड़ों का रूप ले लेती है।

2. तुलना का ज़हर
दूसरों के रिश्तों को देखकर अपने रिश्ते को कमतर आंकना सबसे बड़ी भूलों में से एक है। सोशल मीडिया पर दिखने वाली परफेक्ट तस्वीरें अक्सर हकीकत से दूर होती हैं। ऐसी तुलना से पार्टनर को खुद को कम समझने का एहसास होता है और रिश्ते में असुरक्षा बढ़ती है।

3. हर वक्त सही साबित होने की कोशिश
रिश्ता जीत-हार का मैदान नहीं होता। जब हर बहस में खुद को सही और सामने वाले को गलत साबित करने की ज़िद हो जाती है, तो समझदारी पीछे छूट जाती है। अपनी गलती मानने से इनकार करना रिश्ते की नींव को धीरे-धीरे कमजोर कर देता है।

4. बीती बातों को बार-बार दोहराना
वर्तमान समस्या को सुलझाने के बजाय पुराने झगड़ों और गलतियों को बीच में लाना हालात और बिगाड़ देता है। इससे पार्टनर को लगता है कि उन्हें कभी माफ ही नहीं किया गया। ऐसे में समाधान निकलने के बजाय दूरी बढ़ती चली जाती है।

5. निजी आज़ादी में दखल देना
प्यार में साथ होना ज़रूरी है, लेकिन हर पल निगरानी रखना रिश्ते में घुटन पैदा करता है। फोन चेक करना, दोस्तों से मिलने पर सवाल उठाना या हर फैसले में दखल देना अविश्वास को दर्शाता है। जब व्यक्ति को अपनी आज़ादी खतरे में लगती है, तो चिड़चिड़ापन और टकराव बढ़ने लगता है।

अगर समय रहते इन आदतों को पहचानकर सुधारा जाए, तो रिश्ते में दोबारा समझ और सुकून लौटाया जा सकता है।