Punjab and Haryana High Court ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी विभाग में जूनियर कर्मचारियों को नियमित किया गया है, तो समान स्थिति में कार्य कर रहे सीनियर कर्मचारियों को इस लाभ से वंचित नहीं रखा जा सकता।
अदालत ने Punjab Roadways Transport Corporation को निर्देश दिए कि गुरमेल सिंह नामक कर्मचारी की सेवा को नियमित किया जाए। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील Vikas Chatrath ने दलील दी कि निगम ने नियमों का पालन नहीं करते हुए उन्हें यह लाभ नहीं दिया।
मामले की सुनवाई करते हुए Harpreet Singh Brar की एकल पीठ ने वर्ष 2004 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कर्मचारी को नियमितीकरण से वंचित किया गया था। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारी को उसी तिथि से नियमित किया जाए, जिस दिन उसके जूनियर कर्मचारियों को यह लाभ मिला था।
अदालत ने यह भी दोहराया कि समान परिस्थितियों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ बराबरी का व्यवहार करना आवश्यक है और इससे हटना संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। साथ ही, कोर्ट ने कर्मचारी को वरिष्ठता, वेतन, एरियर और पेंशन सहित सभी लाभ देने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, बकाया राशि पर 6% वार्षिक ब्याज देने और पूरी प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी करने का आदेश भी दिया गया है।




