भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका Asha Bhosle अब हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। अपनी मधुर और बहुमुखी आवाज से दशकों तक श्रोताओं के दिलों पर राज करने वाली आशा भोसले सिर्फ एक गायिका ही नहीं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत थीं जिनकी निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा में रही। खासकर उनका रिश्ता महान संगीतकार R. D. Burman के साथ आज भी प्रेम की मिसाल माना जाता है।
अगर उनके रिश्ते की शुरुआत की बात करें, तो यह एक सामान्य पेशेवर मुलाकात से शुरू हुई थी। 1960 के दशक में काम के सिलसिले में दोनों पहली बार मिले थे। उस दौर में R. D. Burman अपने अनोखे और प्रयोगधर्मी संगीत के लिए जाने जाते थे, जबकि Asha Bhosle अपनी आवाज के जरिए हर तरह के गीतों को जीवंत कर देती थीं। दोनों की केमिस्ट्री ने जल्द ही संगीत की दुनिया में अलग पहचान बना ली।
1966 में आई फिल्म Teesri Manzil का गाना “आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा” उनके साथ काम करने की पहली बड़ी सफलता साबित हुआ। इसके बाद दोनों ने मिलकर एक से बढ़कर एक हिट गाने दिए, जिन्होंने उन्हें इंडस्ट्री की सबसे चर्चित जोड़ियों में शामिल कर दिया।
समय के साथ-साथ यह पेशेवर रिश्ता गहरी दोस्ती और फिर प्यार में बदल गया। कहा जाता है कि आशा भोसले को पंचम दा का संगीत बनाने का अलग अंदाज बेहद पसंद था। वहीं पंचम दा को आशा की आवाज में वो versatility दिखाई देती थी, जो हर शैली के गीत को खास बना देती थी। उम्र में कुछ साल का अंतर होने के बावजूद दोनों के बीच की समझ और जुड़ाव बेहद मजबूत था।
1970 का दशक इस जोड़ी के लिए बेहद खास रहा। इसी दौरान उन्होंने “दम मारो दम”, “चुरा लिया है तुमने” और “पिया तू अब तो आजा” जैसे कई सदाबहार गीत दिए। धीरे-धीरे उनका रिश्ता निजी जिंदगी में भी गहराता गया। R. D. Burman की पहली शादी टूटने के बाद दोनों ने अपने रिश्ते को एक नया नाम देने का फैसला किया और साल 1980 में विवाह कर लिया।
शादी के बाद का दौर हालांकि आसान नहीं था। 1980 के दशक में पंचम दा के करियर में गिरावट आने लगी और उनकी सेहत भी बिगड़ने लगी। ऐसे कठिन समय में Asha Bhosle ने उनका साथ नहीं छोड़ा और हर मुश्किल में उनके साथ खड़ी रहीं। यही वजह है कि उनका रिश्ता सिर्फ प्यार ही नहीं, बल्कि समर्पण और विश्वास की भी मिसाल बन गया।
लेकिन यह खूबसूरत कहानी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। जनवरी 1994 में 54 साल की उम्र में R. D. Burman का निधन हो गया। उनके जाने के बाद फिल्म 1942: A Love Story का संगीत रिलीज हुआ, जिसने दर्शकों के दिलों को छू लिया और कई पुरस्कार भी जीते।
आज भले ही यह जोड़ी हमारे बीच मौजूद नहीं है, लेकिन उनका संगीत और उनकी प्रेम कहानी हमेशा जिंदा रहेगी। आशा भोसले और पंचम दा का रिश्ता यह साबित करता है कि सच्चा प्यार वक्त और हालात से परे होता है और जब दो कलाकार दिल से जुड़ते हैं, तो उनकी कहानी इतिहास बन जाती है।




