ईरान-अमेरिका समझौते की अटकलें तेज, ट्रम्प के बयान से मिडिल ईस्ट में हलचल

ईरान-अमेरिका समझौते की अटकलें तेज, ट्रम्प के बयान से मिडिल ईस्ट में हलचल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो सकता है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है और जल्द ही शांति समझौते पर मुहर लग सकती है। हालांकि, इस दावे को ईरानी मीडिया ने खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ऐसी कोई सहमति नहीं बनी है और ट्रम्प बिना आधार के बयान दे रहे हैं।

पाकिस्तान में हो सकती है अहम बैठक

ट्रम्प ने यह भी कहा कि यदि बातचीत सफल रहती है, तो समझौते पर हस्ताक्षर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर डील फाइनल होती है, तो वे खुद पाकिस्तान का दौरा भी कर सकते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच बातचीत का अगला दौर यहीं हो सकता है।

तेल सप्लाई और होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर

ट्रम्प के मुताबिक, अगर समझौता होता है तो वैश्विक स्तर पर तेल सप्लाई सामान्य हो जाएगी और होर्मुज स्ट्रेट भी खुला रहेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है, क्योंकि यह क्षेत्र तेल परिवहन के लिए बेहद अहम माना जाता है।

इजराइल-लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम

इसी बीच मिडिल ईस्ट से एक राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका की पहल पर इजराइल और लेबनान 10 दिनों के सीजफायर पर सहमत हो गए हैं। भारतीय समयानुसार यह युद्धविराम गुरुवार देर रात लागू हो चुका है।

ट्रम्प ने बताया कि इस समझौते से पहले उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की थी।

सीजफायर की शर्तें क्या हैं?

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इजराइल को आत्मरक्षा का अधिकार रहेगा, लेकिन वह लेबनान पर जमीन, हवा या समुद्र से कोई आक्रामक हमला नहीं करेगा। वहीं लेबनान सरकार पर दबाव रहेगा कि वह हिजबुल्लाह को इजराइल के खिलाफ हमले करने से रोके, हालांकि इस संगठन पर उसका सीधा नियंत्रण नहीं है।

परमाणु कार्यक्रम पर बढ़ा दबाव

ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है। यूरेनियम को सेंट्रीफ्यूज मशीनों की मदद से शुद्ध किया जाता है, जिसे ‘यूरेनियम एनरिचमेंट’ कहा जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के पास करीब 5 से 6 टन तक एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद है। इनमें से करीब 120 से 130 किलोग्राम यूरेनियम को 60% तक शुद्ध किया जा चुका है। अगर यह स्तर 90% तक पहुंच जाता है, तो इससे परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं। इसी वजह से अमेरिका और इजराइल लगातार ईरान पर दबाव बना रहे हैं कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करे और संवर्धित यूरेनियम का भंडार सौंप दे।

सैन्य गतिविधियां भी तेज

बातचीत के बीच अमेरिकी सेना ने मिडिल ईस्ट में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं, तो सेना किसी भी स्थिति के लिए तैयार है।

अमेरिकी संसद में ट्रम्प को राहत

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक अहम प्रस्ताव गिर गया, जिसमें ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की बात कही गई थी। यह प्रस्ताव बेहद करीबी अंतर से 213-214 वोट से खारिज हो गया, जिससे ट्रम्प प्रशासन को राहत मिली है। मिडिल ईस्ट में हालात एक तरफ बातचीत और शांति की ओर बढ़ते दिख रहे हैं, तो दूसरी तरफ तनाव और सैन्य तैयारी भी जारी है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह कूटनीति स्थायी शांति में बदलती है या फिर तनाव फिर से बढ़ता है।