वैश्विक तनाव के असर से घरेलू शेयर बाजार ने आज कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत की। खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने निवेशकों के मूड को प्रभावित किया, जिससे शुरुआती सत्र में ही बाजार दबाव में आ गया।
सुबह करीब 9:30 बजे, बीएसई सेंसेक्स लगभग 500 अंकों से ज्यादा टूटकर 78,771 के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं, एनएसई का निफ्टी50 भी 24,500 के अहम स्तर से नीचे फिसलकर करीब 24,451 पर पहुंच गया। इससे पहले के कारोबारी दिन में बाजार ने मजबूती दिखाई थी और सेंसेक्स 79,273 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 24,576 के करीब पहुंचा था।
आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
आज की गिरावट में आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। एचसीएल टेक के शेयरों में 7% से ज्यादा की तेज गिरावट देखने को मिली, जिसका असर पूरे सेक्टर पर पड़ा। इसके अलावा टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टीसीएस और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े शेयरों में भी 1% से 3% तक की कमजोरी दर्ज की गई। हालांकि, कुछ शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की। ट्रेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील और एसबीआई जैसे स्टॉक्स में खरीदारी देखने को मिली।
मिडकैप और स्मॉलकैप ने दिखाई मजबूती
मुख्य सूचकांकों के विपरीत, ब्रॉडर मार्केट में हल्की तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.10% और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 0.32% ऊपर रहे। बाजार में कुल मिलाकर मिलाजुला रुख रहा, जहां एनएसई पर गिरने वाले शेयरों की संख्या 970 रही, जबकि 1576 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। सेक्टर के लिहाज से निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3% से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि एफएमसीजी सेक्टर में करीब 1% की बढ़त देखी गई।
आखिर क्यों आई गिरावट?
बाजार में कमजोरी की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता रही। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को बढ़ाने की बात कही है, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जारी तनाव और अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
इसके अलावा, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ईरान के साथ संभावित बातचीत भी नहीं हो पाई, जिससे हालात और उलझते नजर आ रहे हैं। इन घटनाओं ने निवेशकों के मन में चिंता बढ़ाई है कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ सकते हैं, जिसका असर बाजार पर पड़ रहा है।




