OTT प्लेटफॉर्म पर आने वाली डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। 27 अप्रैल को रिलीज से पहले ही इस सीरीज पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई है, जिससे सियासी हलकों में भी हलचल मच गई है।
दरअसल, लुधियाना से कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने इस सीरीज को लेकर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने संबंधित OTT प्लेटफॉर्म को कानूनी नोटिस भेजते हुए इसकी स्ट्रीमिंग पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सीरीज एक ऐसे व्यक्ति की कहानी को दिखाती है, जिस पर कई गंभीर आपराधिक मामले अभी भी अदालत में लंबित हैं।
वारिंग के मुताबिक, किसी कुख्यात अपराधी के जीवन को नाटकीय अंदाज में प्रस्तुत करना समाज के लिए गलत संदेश दे सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि इससे युवाओं के बीच अपराधियों को लेकर आकर्षण बढ़ सकता है और अपराध को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिल सकता है।
वहीं दूसरी ओर, इस सीरीज के डायरेक्टर राघव डार ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनका मकसद किसी भी तरह से अपराध या अपराधी का महिमामंडन करना नहीं है। बल्कि यह सीरीज इस बात की गहराई से पड़ताल करती है कि किन सामाजिक, राजनीतिक और डिजिटल परिस्थितियों के चलते एक आम व्यक्ति अपराध की दुनिया में कदम रखता है।
डायरेक्टर के अनुसार, कहानी में छात्र राजनीति, सोशल मीडिया का प्रभाव और समाज के बदलते माहौल को जोड़ते हुए यह समझाने की कोशिश की गई है कि अपराध की जड़ें कहां और कैसे पनपती हैं।
गौरतलब है कि इस सीरीज का कथानक गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन से प्रेरित बताया जा रहा है, जो साल 2018 में अभिनेता सलमान खान को धमकी देने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। उसके खिलाफ हत्या, फिरौती और अपहरण जैसे कई संगीन आरोप दर्ज हैं और वह जेल में रहते हुए भी अपने नेटवर्क को संचालित करने के आरोपों को लेकर सुर्खियों में रहा है।
फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि बढ़ते विवाद के बीच OTT प्लेटफॉर्म इस सीरीज की रिलीज को लेकर क्या फैसला लेता है। हालांकि, तय कार्यक्रम के अनुसार ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ का प्रीमियर 27 अप्रैल को ZEE5 पर हिंदी भाषा में किया जाना प्रस्तावित है।




