अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि जिन पांच कांग्रेस विधायकों ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर वोट दिया, उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर उपचुनाव करवाए जाएं।
हुड्डा ने कहा कि इन विधायकों ने न केवल कांग्रेस के साथ विश्वासघात किया, बल्कि अपने राजनीतिक करियर को भी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इनसे समर्थन तो ले लिया, लेकिन अब उन्हें पार्टी में शामिल करने से बच रही है।
यह बयान उस समय आया जब कांग्रेस पहले ही मोहम्मद इलियास, मोहम्मद इसराइल, शैली चौधरी, रेणु बाला और जरनैल सिंह को पार्टी से बाहर कर चुकी है। हुड्डा ने कहा कि भाजपा को पारदर्शिता दिखाते हुए इन नेताओं को तुरंत शामिल करना चाहिए और संबंधित विधानसभा क्षेत्रों—पुन्हाना, हथीन, नारायणगढ़, सढ़ोरा और रतिया—में उपचुनाव करवाने चाहिए।
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा ने कुमारी सैलजा के उस आरोप पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी, जिसमें उन्होंने सवाल उठाया था कि जब विधायकों को हिमाचल प्रदेश ले जाया गया था, तब पर्यवेक्षक क्या कर रहे थे और फिर भी क्रॉस वोटिंग कैसे हो गई।
इसके अलावा, हुड्डा ने इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि चौटाला जितनी बार उनका और भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम लेते हैं, उतनी बार भगवान का नाम लें तो उनका भला हो सकता है।
शहरी निकाय चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर हुड्डा ने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा के खिलाफ माहौल है और कांग्रेस को इसका फायदा मिलेगा।

