चेतावनी: बढ़ता मोटापा बना ‘सिटी ब्यूटीफुल’ के लिए खतरा, हर तीसरा व्यक्ति प्रभावित

चेतावनी: बढ़ता मोटापा बना ‘सिटी ब्यूटीफुल’ के लिए खतरा, हर तीसरा व्यक्ति प्रभावित

चंडीगढ़ में अब मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संसद में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, शहर में सामान्य मोटापे की दर 31.3% और पेट के आसपास जमा होने वाले मोटापे की दर 36.2% तक पहुंच चुकी है। इसका मतलब है कि लगभग हर तीसरा व्यक्ति इस समस्या से जूझ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, फास्ट और जंक फूड का बढ़ता सेवन तथा शारीरिक गतिविधियों में कमी इस स्थिति के प्रमुख कारण हैं। मोटापा सिर्फ बाहरी रूप-रंग को प्रभावित नहीं करता, बल्कि शरीर के अंदर कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है।

वजन बढ़ने से शरीर में इंसुलिन की प्रभावशीलता घटती है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और फैटी लिवर जैसी समस्याएं भी मोटापे से जुड़ी हुई हैं। कई मामलों में यह कैंसर जैसी बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ा सकता है।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि शहर के लोग रोजाना औसतन 88 से 101 ग्राम तक वसा का सेवन कर रहे हैं, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार यह मात्रा लगभग 25 ग्राम होनी चाहिए। यानी जरूरत से करीब चार गुना अधिक फैट शरीर में जा रहा है।

आहार विशेषज्ञों का कहना है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड और हाई कैलोरी फूड्स की आसान उपलब्धता ने खानपान की आदतों को काफी हद तक प्रभावित किया है। सुविधा के नाम पर लोग स्वास्थ्य से समझौता कर रहे हैं, जो आने वाले समय में और बड़ी समस्या बन सकता है।

अब समय है कि लोग अपनी डाइट और लाइफस्टाइल पर गंभीरता से ध्यान दें और स्वस्थ आदतों को अपनाने की शुरुआत घर से ही करें।