AI तकनीक से लैस हुई पंजाब पुलिस, वॉइस रिकगनिशन से मिनटों में अपराधियों की पहचान: बलतेज पन्नू

AI तकनीक से लैस हुई पंजाब पुलिस, वॉइस रिकगनिशन से मिनटों में अपराधियों की पहचान: बलतेज पन्नू

पंजाब में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार लगातार नई तकनीकों का सहारा ले रही है। इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वॉइस रिकगनिशन सिस्टम को अपनाया है। राज्य के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह तकनीक अपराधियों पर शिकंजा कसने में गेम-चेंजर साबित होगी।

उन्होंने बताया कि भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य में कानून-व्यवस्था सुधारने और नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को और प्रभावी बनाया जा रहा है। ‘युद्ध नशयां विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरों पर वार’ जैसी पहलें पूरी मजबूती के साथ लागू की जा रही हैं।

पन्नू के मुताबिक, पंजाब पुलिस ने एक अत्याधुनिक “वॉइस बैंक” तैयार किया है, जिसमें 84 हजार से अधिक संदिग्धों और दोषियों के वॉइस सैंपल दर्ज किए गए हैं। इस तकनीक की मदद से किसी भी ऑडियो क्लिप या कॉल के जरिए अपराधियों की पहचान तेजी से की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में शम्भू धमाका मामले का खुलासा भी इसी हाई-टेक सिस्टम की मदद से संभव हो पाया, जहां आरोपियों को ट्रैक कर गिरफ्तार किया गया और उन्होंने अन्य वारदातों में भी अपनी भूमिका कबूल की।

पन्नू ने आगे बताया कि पंजाब पुलिस के पास अब देश-विदेश में सक्रिय करीब 3.9 लाख अपराधियों का बड़ा डिजिटल डेटाबेस मौजूद है। इस डेटा और वॉइस रिकगनिशन तकनीक के संयोजन से अब अपराधियों के ठिकानों और नेटवर्क का पता कुछ ही मिनटों में लगाया जा सकेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और हाई-टेक पुलिस किसी भी अपराधी को छिपने का मौका नहीं देगी।

नशे के खिलाफ अभियान तेज
नशा विरोधी अभियान का जिक्र करते हुए पन्नू ने बताया कि ‘युद्ध नशयां विरुद्ध’ मुहिम पिछले एक साल से अधिक समय से लगातार जारी है। इस दौरान बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं और तस्करों के नेटवर्क को तोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों पर भी सरकार सख्ती दिखा रही है और ऐसे मामलों में बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। सरकार का उद्देश्य साफ है कि पंजाब को नशामुक्त और सुरक्षित राज्य बनाया जाए।

तकनीक से बदलेगी पुलिसिंग की तस्वीर
विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित वॉइस रिकगनिशन सिस्टम पुलिसिंग में बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे न केवल जांच की गति तेज होगी, बल्कि सटीकता भी बढ़ेगी। कॉल रिकॉर्डिंग, फिरौती कॉल, धमकी भरे संदेश और गैंगस्टर नेटवर्क की निगरानी में यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो सकती है।

आने वाले समय में पंजाब पुलिस अन्य आधुनिक तकनीकों—जैसे फेस रिकगनिशन, डेटा एनालिटिक्स और साइबर ट्रैकिंग—को भी बड़े पैमाने पर अपनाने की तैयारी में है। इससे अपराध नियंत्रण के साथ-साथ अपराधों की रोकथाम में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, तकनीक के सहारे पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया यह कदम राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है।