पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए राजस्व विभाग में 12 जिला माल अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। इस फैसले को राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार ने कई अधिकारियों को पदोन्नति के बाद नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को अलग-अलग जिलों में तैनात कर प्रशासनिक ढांचे में बदलाव किया गया है।
जारी आदेशों के अनुसार प्रदीप कुमार, जसविंदर सिंह, जसप्रीत सिंह, दिव्या सिंगला, जिन्सू बंसल और करमजीत सिंह को पदोन्नति के बाद नई पोस्टिंग दी गई है। वहीं लक्ष्य कुमार को मोगा में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा अमनदीप चावला और नवकीरत सिंह रंधावा को भी नए पदों पर नियुक्त किया गया है।
कई जिलों में बदले प्रशासनिक चेहरे
सरकार द्वारा किए गए इस फेरबदल के तहत संदीप सिंह, लवप्रीत कौर और जसकरनजीत सिंह को अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया है। गुरदासपुर, फरीदकोट, फिरोजपुर और पठानकोट समेत कई जिलों में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
राजस्व विभाग में यह बदलाव ऐसे समय पर किया गया है जब सरकार भूमि रिकॉर्ड, रजिस्ट्री प्रक्रियाओं और राजस्व प्रशासन को डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है। माना जा रहा है कि नई नियुक्तियों से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और लंबित मामलों के निपटारे में भी सुधार होगा।
प्रशिक्षण और भूमि रिकॉर्ड विभाग में भी बदलाव
तबादलों की सूची में कुछ अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां भी दी गई हैं। कुछ अधिकारियों को प्रिंसिपल स्टेट पटवार ट्रेनिंग स्कूल में नियुक्त किया गया है, जबकि कुछ को डिप्टी डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पटवार और भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था राज्य के प्रशासनिक ढांचे की महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों को प्रशिक्षण और रिकॉर्ड प्रबंधन से जुड़े विभागों में तैनात करना सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की कोशिश
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह फेरबदल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसके जरिए सरकार विभिन्न जिलों में कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश कर रही है। राजस्व विभाग सीधे तौर पर जमीन, रजिस्ट्री, म्यूटेशन और ग्रामीण प्रशासन से जुड़ा होने के कारण आम लोगों के लिए बेहद अहम माना जाता है।
राज्य सरकार पिछले कुछ समय से प्रशासनिक सुधारों और डिजिटल गवर्नेंस पर जोर दे रही है। ऐसे में अधिकारियों की नई तैनाती को बेहतर समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।




