मोहाली और चंडीगढ़ में चल रही Enforcement Directorate की कार्रवाई के बीच पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता Bikram Singh Majithia ने आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईडी की जांच ने पंजाब में “कट्टर ईमानदारी” के दावों की सच्चाई सामने ला दी है।
Bikram Singh Majithia ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि ईडी की छापेमारी में पंजाब ‘आप’ प्रधान Aman Arora का नाम सामने आना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, “सब पकड़े जाएंगे चैप्टर-2”, और दावा किया कि अब मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के करीबी लोगों के बाद पार्टी नेतृत्व पर भी सवाल उठने लगे हैं।
मजीठिया ने आरोप लगाया कि ईडी की आधिकारिक जानकारी में गौरव धीर को अमन अरोड़ा का करीबी सहयोगी बताया गया है, जिसका नाम कथित सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला केवल एक कारोबारी विवाद नहीं बल्कि राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक दखल से जुड़ा गंभीर नेटवर्क प्रतीत होता है।
अकाली नेता ने यह भी दावा किया कि जांच एजेंसी ने दो कथित बिचौलियों—नितिन गोहिल और प्रीतपाल सिंह ढींढसा—की भूमिका का भी जिक्र किया है। उनके अनुसार ईडी का आरोप है कि इन लोगों ने राजनीतिक पहुंच और सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर कथित तौर पर प्रोजेक्ट्स और जमीन से जुड़े मामलों में मदद पहुंचाई।
Bikram Singh Majithia ने कहा कि “राजनीतिक संरक्षण, सरकारी हस्तक्षेप, फर्जी दस्तावेज, कथित मनी लॉन्ड्रिंग और नकदी बरामदगी” जैसे आरोप पंजाब की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतने बड़े स्तर पर कथित अनियमितताएं हुई हैं तो आखिर इसके पीछे कौन लोग शामिल थे और इस पूरे नेटवर्क को संरक्षण कौन दे रहा था।
ईडी की कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर करीब एक करोड़ रुपये नकद और कई दस्तावेज बरामद होने की खबरों के बाद विपक्ष सरकार को लगातार घेर रहा है। हालांकि अब तक जांच एजेंसी की ओर से किसी राजनीतिक नेता के खिलाफ प्रत्यक्ष आरोप या गिरफ्तारी की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
उधर Aman Arora पहले ही इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई और प्रोपेगेंडा करार दे चुके हैं। उन्होंने कहा है कि उनका नाम जानबूझकर विवाद में घसीटा जा रहा है और वह किसी दबाव में आने वाले नहीं हैं।
ईडी की कार्रवाई और उस पर जारी राजनीतिक बयानबाजी ने पंजाब की राजनीति को पूरी तरह गरमा दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच एजेंसी आगे क्या कदम उठाती है और क्या इस मामले में कोई बड़ा राजनीतिक या प्रशासनिक खुलासा सामने आता है।




