फतेहगढ़ साहिब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित ‘शुक्राना यात्रा’ से पहले राजनीतिक माहौल अचानक गर्मा गया। यात्रा के विरोध का आह्वान करने वाले भाजपा नेता सिकंदर सिंह चोलटी खेड़ी को पुलिस ने शनिवार सुबह उनके आवास से हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार भाजपा नेता ने शुक्रवार रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री की यात्रा का विरोध करने की अपील की थी। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए थाना बडाली आला सिंह की पुलिस टीम सुबह उनके घर पहुंची। इसके बाद उन्हें “राउंड अप” कर हिरासत में ले लिया गया।
भाजपा नेता को हिरासत में लिए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। भाजपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए राज्य सरकार पर राजनीतिक विरोध को दबाने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उठाया गया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह ‘शुक्राना यात्रा’ हाल ही में लागू किए गए ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026’ के संदर्भ में निकाली जा रही है। आम आदमी पार्टी सरकार का कहना है कि यह यात्रा गुरु साहिब के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। यात्रा का समापन शनिवार को फतेहगढ़ साहिब में होना प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रमुख मार्गों, कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कई स्थानों पर नाकेबंदी भी की गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो सके। प्रशासन ने दावा किया है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर माहौल पहले से संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में मुख्यमंत्री की यात्रा और उससे पहले हुई यह पुलिस कार्रवाई आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन सकती है।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार आलोचना और विरोध को दबाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है। दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और सरकार केवल शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई कर रही है।
पंजाब की राजनीति में पिछले कुछ समय से लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ईडी की कार्रवाई, कानून व्यवस्था, धार्मिक मुद्दों और राजनीतिक विरोध को लेकर विभिन्न दल आमने-सामने हैं। ऐसे में फतेहगढ़ साहिब की यह घटना भी राज्य की राजनीतिक बहस को और तेज करती दिखाई दे रही है।




