गर्मियों में दोपहर का समय शरीर के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक माना जाता है। खासतौर पर सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक सूरज की किरणें बेहद तेज होती हैं और तापमान तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ मिनट के लिए भी बाहर रहना शरीर पर बुरा असर डाल सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस दौरान लापरवाही करने पर डिहाइड्रेशन, लू और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर परेशानियां हो सकती हैं।
क्यों खतरनाक मानी जाती है दोपहर की धूप?
दोपहर के समय गर्म हवाएं और तेज धूप शरीर की प्राकृतिक ठंडक बनाए रखने की क्षमता को कमजोर कर देती हैं। शरीर लगातार पसीना निकालकर खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है, लेकिन अधिक गर्मी में यह प्रक्रिया शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालती है। यही वजह है कि थोड़ी देर बाहर रहने पर भी कमजोरी और बेचैनी महसूस होने लगती है।
शरीर में पानी की कमी बढ़ने का खतरा
तेज धूप में निकलते ही शरीर तेजी से पसीना छोड़ता है, जिससे पानी और जरूरी मिनरल्स कम होने लगते हैं। शुरुआत में प्यास ज्यादा नहीं लगती, लेकिन अंदर ही अंदर शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार होने लगता है। बाद में चक्कर आना, मुंह सूखना और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आने लगते हैं।
हार्ट और ब्लड प्रेशर पर भी पड़ता है असर
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ज्यादा गर्मी के दौरान शरीर को सामान्य तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे दिल की धड़कन और ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ सकता है। खासतौर पर हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट मरीजों के लिए यह मौसम ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।
किन लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?
बच्चे और बुजुर्ग गर्मी का असर जल्दी झेलते हैं। कई बार उन्हें समय रहते परेशानी का एहसास नहीं होता, जिससे हालत बिगड़ सकती है। इसके अलावा बाहर काम करने वाले लोग, स्कूल आने-जाने वाले बच्चे और रोजाना धूप में सफर करने वाले लोग भी ज्यादा जोखिम में रहते हैं।
तेज धूप से बचने के आसान उपाय
- कोशिश करें कि दोपहर 11 बजे से 4 बजे के बीच बाहर न निकलें।
- घर से निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकें।
- लगातार पानी और नींबू पानी, छाछ जैसी चीजें पीते रहें।
- हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें।
- धूप में ज्यादा देर खड़े रहने से बचें और छांव में रहें।
- आंखों को बचाने के लिए सनग्लासेस का इस्तेमाल करें।




