6 घंटे से कम नींद बन रही साइलेंट किलर, दिमाग और दिल पर पड़ रहा गहरा असर

6 घंटे से कम नींद बन रही साइलेंट किलर, दिमाग और दिल पर पड़ रहा गहरा असर

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की नींद सबसे पहले प्रभावित हो रही है। देर रात तक मोबाइल, काम का दबाव और अनियमित लाइफस्टाइल के कारण ज्यादातर लोग 6 घंटे से कम ही सो पा रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर कर रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी होती है। इससे कम सोने पर दिमाग और दिल दोनों पर गंभीर असर पड़ता है।

कम नींद लेने से सबसे पहले दिमाग प्रभावित होता है। इससे फोकस कम होता है, निर्णय लेने की क्षमता कमजोर होती है और याददाश्त पर भी असर पड़ता है। लंबे समय तक नींद की कमी रहने से डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी मानसिक समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

वहीं दिल की सेहत पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। रिसर्च के मुताबिक, जो लोग 6 घंटे से कम सोते हैं उनमें हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है। नींद की कमी शरीर में स्ट्रेस हार्मोन को बढ़ाती है, जिससे दिल पर दबाव बढ़ जाता है।

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि कम नींद से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, जिससे शरीर जल्दी बीमार पड़ सकता है। इसके अलावा वजन बढ़ने और डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है।

क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

डॉक्टर्स का कहना है कि अच्छी नींद के लिए कुछ आसान आदतें अपनानी चाहिए –

  • रोज एक तय समय पर सोने और उठने की आदत बनाएं
  • सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी रखें
  • कैफीन और भारी खाना रात में न लें
  • शांत और अंधेरे वातावरण में सोएं

कम नींद को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। यह सिर्फ थकान नहीं, बल्कि शरीर के कई जरूरी सिस्टम को नुकसान पहुंचाती है। इसलिए बेहतर है कि समय रहते अपनी नींद की आदतों को सुधार लिया जाए।