पंजाब में नगर निगम, नगर काउंसिल और नगर पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आज से राज्यभर में निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। चुनाव आयोग और प्रशासन ने इस बार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। रिटर्निंग अफसर के कार्यालयों के अंदर और बाहर कैमरे लगाए गए हैं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
इन चुनावों को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि निकाय चुनावों के बाद राज्य में विधानसभा चुनावों की तैयारियां भी तेज होनी हैं। ऐसे में सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी ताकत दिखाने के लिए पूरी रणनीति के साथ मैदान में उतर रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार उम्मीदवारों को नामांकन प्रक्रिया के दौरान केवल चार लोगों को साथ ले जाने की अनुमति होगी। इससे कार्यालयों में भीड़ और अव्यवस्था रोकने में मदद मिलेगी। नामांकन ऑनलाइन नहीं होगा और उम्मीदवारों को स्वयं रिटर्निंग अफसर के कार्यालय में पहुंचकर आवेदन जमा करवाना होगा।
नामांकन से जुड़ी सभी जानकारियां चुनाव विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की जाएंगी। उम्मीदवारों के शपथ पत्र, प्रोफाइल और अन्य दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएंगे ताकि मतदाता उम्मीदवारों की पूरी जानकारी देख सकें। इसके लिए अलग से ऑनलाइन लिंक भी जारी किया जाएगा।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 18 मई को नामांकन पत्रों की जांच यानी स्क्रूटनी की जाएगी। इस दौरान उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि रिटर्निंग अफसर के सामने आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे। यदि किसी उम्मीदवार का नामांकन रद्द होता है तो उसकी जानकारी भी आधिकारिक रूप से दी जाएगी। वहीं 19 मई नाम वापस लेने की अंतिम तारीख तय की गई है।
राज्य में कुल 105 निकायों के लिए चुनाव कराए जाएंगे। इनमें 8 नगर निगम शामिल हैं—मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट। इसके अलावा 76 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों में भी मतदान होगा।
चुनावों के लिए राज्यभर में 3977 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। कुल 36 लाख 72 हजार से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें लगभग 18 लाख पुरुष, 17.73 लाख महिला और 226 अन्य मतदाता शामिल हैं।
प्रशासन ने चुनाव को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की है। करीब 35,500 पुलिसकर्मी और होमगार्ड जवान चुनाव ड्यूटी पर तैनात किए जाएंगे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर पांच कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी, जबकि जिलों में आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चुनाव प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। रिटर्निंग अफसर के कमरों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। प्रशासन ने जिलों के डीसी को हथियार जमा करवाने संबंधी निर्देश भी जारी किए हैं, ताकि चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे।
राजनीतिक दलों को पार्टी चिन्ह पर चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही उम्मीदवारों को नामांकन पत्र के साथ शपथ पत्र जमा करवाना अनिवार्य होगा।
चुनाव खर्च को लेकर भी सीमाएं तय कर दी गई हैं। नगर निगम चुनाव में उम्मीदवार अधिकतम 4 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। नगर काउंसिल और नगर पंचायत चुनावों के लिए भी अलग-अलग खर्च सीमा निर्धारित की गई है।
पंजाब में निकाय चुनावों को लेकर अब राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है, क्योंकि यह चुनाव आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जनता का मूड तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।




