पंजाब की राजनीति में इन दिनों एक नई सियासी हलचल देखने को मिल रही है। आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद और एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल अब जालंधर की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। हाल ही में उनके द्वारा आयोजित एक खास चाय बैठक ने शहर की राजनीतिक फिजा बदल दी है। भाजपा नेताओं के साथ हुई इस मुलाकात के बाद जालंधर के शहरी इलाकों में नए राजनीतिक समीकरण बनने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, तीन दिन पहले जालंधर कैंट स्थित माल रोड पर अपने निवास पर अशोक मित्तल ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को चाय पर आमंत्रित किया था। इसे महज औपचारिक मुलाकात नहीं माना जा रहा, बल्कि भाजपा के संगठनात्मक विस्तार और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, पूर्व सांसद सुशील रिंकू, पूर्व निकाय मंत्री मनोरंजन कालिया, पूर्व सीपीएस केडी भंडारी, पूर्व मेयर राकेश राठौर, पूर्व मंत्री सोम प्रकाश, पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना, तीक्ष्ण सूद, भाजपा जिला प्रधान सुशील शर्मा, सरबजीत सिंह मक्कड़, करमजीत कौर चौधरी और अन्य कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक के दौरान राजनीतिक रणनीति, संगठन विस्तार और आगामी चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई। भाजपा नेताओं का मानना है कि अशोक मित्तल के पार्टी में आने से शहरी क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत होगी। खासकर शिक्षण संस्थानों, कारोबारी वर्ग और युवा मतदाताओं के बीच भाजपा को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया ने कहा कि जब कोई प्रभावशाली व्यक्ति पार्टी से जुड़ता है तो उसका सीधा लाभ संगठन को मिलता है। वहीं केडी भंडारी ने कहा कि पहले भी अशोक मित्तल से मुलाकात होती रहती थी, लेकिन अब भाजपा के मंच पर साथ आने से राजनीतिक मायने बदल गए हैं।
इस दौरान भाजपा जिला प्रधान सुशील शर्मा ने भी संकेत दिए कि आने वाले दिनों में पार्टी पदाधिकारियों, मंडल प्रधानों और पार्षदों की बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें अशोक मित्तल का औपचारिक स्वागत किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं और मित्तल के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जालंधर में मित्तल परिवार का मजबूत कारोबारी और सामाजिक नेटवर्क भाजपा के लिए बड़ा सहारा बन सकता है। लवली ग्रुप और एलपीयू से जुड़े हजारों लोगों तक भाजपा की पहुंच बढ़ने की संभावना है। यही वजह है कि शहर के कारोबारी वर्ग और शिक्षण संस्थानों से जुड़े कई चेहरे अब भाजपा के करीब आते दिखाई दे रहे हैं।
भाजपा के अंदर भी अशोक मित्तल की सक्रियता को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है। पार्टी को उम्मीद है कि उनका प्रभाव आगामी निकाय और विधानसभा चुनावों में संगठन को नई ऊर्जा देगा। जालंधर की राजनीति में यह बदलाव आने वाले समय में बड़े असर के रूप में सामने आ सकता है।




