पंजाब और चंडीगढ़ में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। आयोग 15 जून से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान चलाएगा, जिसके तहत हर वोटर के रिकॉर्ड की दोबारा जांच की जाएगी। इस प्रक्रिया का मकसद फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाकर चुनावी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।
जानकारी के अनुसार पंजाब में करीब 2.14 करोड़ मतदाता हैं। चुनाव आयोग की टीमें बूथ स्तर पर घर-घर जाकर सत्यापन करेंगी। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मतदाताओं से संपर्क कर उनकी पहचान, पते और अन्य विवरणों की पुष्टि करेंगे। इस दौरान नए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाएगा, जबकि ऐसे लोगों के नाम हटाए जाएंगे जो किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं या जिनका नाम दो जगह दर्ज है।
चुनाव आयोग का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर लोगों का माइग्रेशन हुआ है, जिसके कारण कई स्थानों पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां सामने आई हैं। आयोग का कहना है कि इस विशेष अभियान से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल पात्र नागरिक ही मतदाता सूची में बने रहें और किसी योग्य मतदाता का नाम गलती से न कटे।
इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने लोगों से अपील की है कि वे अपने वोट संबंधी दस्तावेजों की जांच स्वयं भी करें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर बूथ पर अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात करेगी, ताकि पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके और किसी भी मतदाता के साथ अन्याय न हो।
क्या होती है SIR प्रक्रिया?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन चुनाव आयोग द्वारा चलाया जाने वाला विशेष अभियान है, जिसके तहत वोटर लिस्ट को अपडेट किया जाता है। इसमें 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं। साथ ही मृत, डुप्लीकेट या दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम हटाए जाते हैं। मतदाताओं के नाम, पता और अन्य जानकारियों में सुधार भी इसी प्रक्रिया के तहत किया जाता है।
किन राज्यों में पहले लागू हो चुकी है यह प्रक्रिया?
इससे पहले बिहार में पहले चरण के तहत यह अभियान पूरा किया जा चुका है, जहां अंतिम सूची में 7.42 करोड़ मतदाताओं को शामिल किया गया। दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गोवा और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी SIR लागू किया गया था।
मतदाताओं को क्या करना होगा?
अभियान के दौरान BLO और BLA मतदाताओं को संबंधित फॉर्म उपलब्ध कराएंगे। लोगों को अपनी जानकारी की पुष्टि करनी होगी। जिनका नाम दो अलग-अलग जगहों की वोटर लिस्ट में दर्ज है, उन्हें एक स्थान से नाम हटवाना अनिवार्य होगा। वहीं जिन लोगों का नाम सूची में शामिल नहीं है, उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा।
ये दस्तावेज होंगे मान्य
इस प्रक्रिया में आधार कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, 10वीं की मार्कशीट, सरकारी पहचान पत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, पेंशनर आईडी, परिवार रजिस्टर और जमीन या मकान आवंटन पत्र जैसे दस्तावेज मान्य होंगे।
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है, ताकि आने वाले चुनावों में पारदर्शिता बनी रहे और हर पात्र नागरिक अपने मतदान अधिकार का सही इस्तेमाल कर सके।




