हरियाणा सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर तबादले किए हैं। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 17 आईपीएस और 3 एचपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बदलाव को कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक दक्षता और आगामी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तबादलों की सूची में एडीजीपी, आईजी, डीआईजी और पुलिस कमिश्नर स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। सबसे चर्चित बदलाव गुरुग्राम पुलिस कमिश्नरेट में हुआ है, जहां पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह अब शिबास कविराज को गुरुग्राम का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में पुलिस नेतृत्व बदलने का फैसला हालिया प्रशासनिक समीक्षा बैठकों के बाद लिया गया। सरकार का मानना है कि बदलते सुरक्षा हालात, साइबर अपराध, संगठित अपराध और ट्रैफिक प्रबंधन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देना जरूरी था।
गुरुग्राम पर विशेष फोकस
गुरुग्राम को राज्य का सबसे संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल जिला माना जाता है। साइबर फ्रॉड, कॉर्पोरेट अपराध, ट्रैफिक दबाव और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए यहां पुलिस कमिश्नर की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। ऐसे में शिबास कविराज की नियुक्ति को महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नए पुलिस कमिश्नर शहर में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसिंग सिस्टम को और मजबूत करने पर जोर देंगे।
कई जिलों में बदली जिम्मेदारियां
सरकार द्वारा जारी तबादला सूची में कई जिलों और पुलिस रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई तैनाती दी गई है। कुछ अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग दी गई है, जबकि कुछ को मुख्यालय में जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को आगामी चुनावी और सुरक्षा रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
कानून-व्यवस्था पर सरकार का फोकस
हाल के महीनों में प्रदेश में साइबर अपराध, गैंगवार और नशा तस्करी से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऐसे में सरकार पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्रिय तथा जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक स्तर पर कुछ और बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। सरकार विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा कर रही है और प्रदर्शन के आधार पर जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।
पुलिस विभाग में हुए इस बड़े फेरबदल के बाद अब सभी की नजर नए अधिकारियों की कार्यशैली और उनके अगले कदमों पर रहेगी।




