‘देश आर्थिक दबाव में, सरकार सिर्फ भाषणों में व्यस्त’ : दुष्यंत चौटाला का BJP पर तीखा हमला, महंगाई-बिजली संकट को लेकर घेरा

‘देश आर्थिक दबाव में, सरकार सिर्फ भाषणों में व्यस्त’ : दुष्यंत चौटाला का BJP पर तीखा हमला, महंगाई-बिजली संकट को लेकर घेरा

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि देश इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है, लेकिन सरकार हालात संभालने की बजाय जनता को सलाह देने में व्यस्त है। उन्होंने दावा किया कि महंगाई, ईंधन संकट, बिजली कटौती और किसानों की समस्याओं ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

सोमवार को हरियाणा के उचाना दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आज देश की आर्थिक स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi को सार्वजनिक मंचों से लोगों को विदेश यात्राएं कम करने और वाहनों का कम इस्तेमाल करने की सलाह देनी पड़ रही है। दुष्यंत ने तंज कसते हुए कहा कि इससे साफ संकेत मिलता है कि देश केवल वैश्विक संकट नहीं, बल्कि आर्थिक दबाव का भी सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति कमजोर हो रही है और पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। दुष्यंत चौटाला ने दावा किया कि चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में तेल देने संबंधी पोस्टर लगाए जा रहे हैं, जबकि रसोई गैस सिलेंडर ब्लैक में ऊंचे दामों पर बिकने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को आर्थिक व्यवस्था मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन इसके बजाय जनता को जीवनशैली बदलने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि एक ओर आम लोगों से विदेश यात्रा कम करने को कहा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री लगातार विदेश दौरों पर रहते हैं।

दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मंडियों में गेहूं का समय पर उठान नहीं हो रहा और किसान अपनी फसलों के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा भीषण गर्मी में लंबे बिजली कटों ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में कई जगहों पर आठ-आठ घंटे तक बिजली कटौती हो रही है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र प्रभावित हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा की तथाकथित “डबल इंजन सरकार” पूरी तरह विफल साबित हुई है। दुष्यंत ने विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यदि सभी दल मिलकर काम करें तो जनता को इस संकट से बाहर निकाला जा सकता है और भाजपा सरकार को सत्ता से हटाया जा सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर रोक लगाने की नीति को लेकर भी दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति 10 वर्षों तक रोड टैक्स भरता है तो सरकार उसकी गाड़ी को सड़क से हटाने का फैसला कैसे ले सकती है। उन्होंने पूछा कि क्या राज्य सरकार के पास ऐसा कोई कानूनी प्रावधान है जो राष्ट्रीय मोटर वाहन अधिनियम से ऊपर हो।

मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini पर निशाना साधते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कमजोर सलाहकारों के कारण मुख्यमंत्री को बार-बार अपने फैसले बदलने पड़ते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हरियाणा की राजनीति में इतना “यू-टर्न” लेने वाला मुख्यमंत्री पहले कभी नहीं देखा गया।

इस दौरान दुष्यंत चौटाला ने भाजपा विधायक रामकुमार गौतम की उस टिप्पणी की भी आलोचना की, जो उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला को लेकर की थी। उन्होंने कहा कि इस बयान से ओमप्रकाश चौटाला के समर्थकों और कई लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

दुष्यंत ने भाजपा विधायक की टिप्पणी को “ओछी मानसिकता” करार देते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाजी समाज को बांटने का काम करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रामकुमार गौतम के परिवार को कानून की समझ होनी चाहिए, क्योंकि उनके बेटे वकालत से जुड़े हैं।