लुधियाना में गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, शिक्षाविदों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को गुरु रविदास जी के विचारों, सामाजिक समरसता के संदेश और शिक्षा के महत्व से जोड़ना रहा।
इस अवसर पर दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं आज के दौर में भी समाज को दिशा देने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समानता, भाईचारे और शिक्षा पर आधारित विचार ही मजबूत और प्रगतिशील समाज की नींव बन सकते हैं।
सेमिनार के दौरान युवाओं के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें सामाजिक जागरूकता, शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत और युवाओं की जिम्मेदारी जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज में जाति और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाकर मानवता और समान अधिकारों का संदेश दिया, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम में पंजाब पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली, श्री खुरालगढ़ साहिब के संत केवल सिंह और CT यूनिवर्सिटी के चांसलर चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन केवल आध्यात्मिक प्रेरणा तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सामाजिक न्याय, मानव समानता और आत्मसम्मान के मूल्यों को भी मजबूत किया। युवाओं से अपील की गई कि वे आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से भी जुड़े रहें।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भक्ति संगीत के माध्यम से भी गुरु रविदास जी के संदेश को लोगों तक पहुंचाया गया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और सामाजिक एकता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।




