निकाय चुनावों में नामांकन रद्द होने पर भाजपा का बड़ा हमला, सुनील जाखड़ बोले- लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हो रहा खिलवाड़

निकाय चुनावों में नामांकन रद्द होने पर भाजपा का बड़ा हमला, सुनील जाखड़ बोले- लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हो रहा खिलवाड़

पंजाब में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर विपक्षी उम्मीदवारों को चुनावी मैदान से बाहर करने के लिए प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि बड़ी संख्या में भाजपा उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द किए गए हैं, जिसे पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ कदम मानती है।

सुनील जाखड़ ने दावा किया कि विभिन्न नगर निगम और निकाय चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों को निशाना बनाया गया। उनके अनुसार बटाला में 21, मोगा में 10, बरनाला में 11 और धूरी में 3 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में नामांकन खारिज करने के पीछे कोई स्पष्ट या ठोस कारण नहीं दिया गया।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के बजाय प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। जाखड़ ने कहा कि चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा होनी चाहिए ताकि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनी रहे। उन्होंने संकेत दिए कि पार्टी इस पूरे मामले को अदालत में चुनौती दे सकती है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Sunil Jakhar ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता Manish Sisodia के पुराने राजनीतिक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार अब उसी “साम, दाम, दंड, भेद” की रणनीति पर काम कर रही है। भाजपा का आरोप है कि प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है।

जाखड़ ने यह भी कहा कि भाजपा उन अधिकारियों का रिकॉर्ड तैयार कर रही है जिन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे मामलों को कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर उठाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कुछ सरकारी परियोजनाओं और टेंडरों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए और कहा कि आने वाले समय में कई अन्य मामलों में भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

राजनीतिक मुद्दों के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी केंद्र सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ने के बावजूद केंद्र सरकार किसानों को भारी सब्सिडी देकर राहत प्रदान कर रही है। उनके अनुसार केंद्र सरकार यूरिया और डीएपी पर हजारों करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है ताकि किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

जाखड़ ने दावा किया कि Punjab के किसानों को इस वर्ष खाद सब्सिडी के रूप में लगभग 32 हजार करोड़ रुपये का लाभ मिलने का अनुमान है। उन्होंने किसानों से संतुलित और वैज्ञानिक तरीके से खाद इस्तेमाल करने की अपील भी की, ताकि मिट्टी की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बनी रहे।

पेट्रोलियम कीमतों के मुद्दे पर भी उन्होंने केंद्र सरकार का बचाव करते हुए कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में कीमतों में अपेक्षाकृत कम वृद्धि हुई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में केंद्र सरकार किसानों और आम लोगों को राहत देने की कोशिश कर रही है।

स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब पंजाब की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में चुनावी प्रक्रिया, प्रशासनिक निष्पक्षता और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।