हरियाणा में फैमिली ID का होगा बड़ा डिजिटल अपग्रेड, AI तकनीक से जुड़ेगा करोड़ों लोगों का डेटा

हरियाणा में फैमिली ID का होगा बड़ा डिजिटल अपग्रेड, AI तकनीक से जुड़ेगा करोड़ों लोगों का डेटा

हरियाणा सरकार राज्य की डिजिटल प्रशासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। परिवार पहचान पत्र (PPP) प्रणाली को अब नए और आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से विभिन्न सरकारी विभागों के डेटा को एकीकृत किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और पात्र लोगों तक सरकारी सुविधाएं तेजी से पहुंच सकेंगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परिवार पहचान पत्र 2.0 परियोजना को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को दिसंबर 2026 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है।

एक प्लेटफॉर्म पर जुड़ेगा कई विभागों का रिकॉर्ड

नई PPP 2.0 प्रणाली के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, भूमि रिकॉर्ड, बिजली, सामाजिक सुरक्षा, शहरी निकाय और वित्तीय योजनाओं से जुड़ा डेटा एक मंच पर लाया जाएगा। इससे सरकार को नागरिकों की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति का अधिक सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों के अनुसार इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान आसान होगी और पात्र लोगों को बिना अतिरिक्त दस्तावेजी प्रक्रिया के योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

AI तकनीक से पकड़े जाएंगे फर्जी रिकॉर्ड

परियोजना की सबसे खास बात इसमें AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल है। सरकार का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से डुप्लीकेट रिकॉर्ड, गलत जानकारी और फर्जी लाभार्थियों की पहचान करना आसान होगा। इससे सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और वित्तीय गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि AI आधारित डेटा विश्लेषण से सरकार को यह समझने में भी मदद मिलेगी कि किस क्षेत्र या वर्ग को किस योजना की ज्यादा जरूरत है। इससे भविष्य की नीतियां अधिक वैज्ञानिक तरीके से तैयार की जा सकेंगी।

शिक्षा से लेकर भूमि रिकॉर्ड तक सब होगा लिंक

नई प्रणाली में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और छात्रवृत्ति योजनाओं से संबंधित डेटा को भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा स्वामित्व योजना, जमीन के रिकॉर्ड, नगर निकायों की जानकारी और जनगणना से जुड़े आंकड़े भी PPP 2.0 का हिस्सा बनेंगे।

श्रमिकों से संबंधित डेटा को भी इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। ई-श्रम, EPFO, मनरेगा और अन्य श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी AI आधारित प्रणाली में इंटीग्रेट की जाएगी। वहीं आयुष्मान भारत, HRMS और अन्य सरकारी पोर्टलों का डेटा भी इससे जोड़ा जाएगा।

डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा नया आधार

हरियाणा सरकार इस परियोजना को “स्मार्ट गवर्नेंस” की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में अधिकांश सरकारी सेवाएं परिवार पहचान पत्र के जरिए ही संचालित हो सकेंगी।

इससे नागरिकों को अलग-अलग विभागों में बार-बार दस्तावेज जमा कराने की जरूरत कम होगी और सरकारी प्रक्रियाओं में तेजी आएगी। साथ ही प्रशासनिक निर्णय लेने में डेटा आधारित व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

देश में मॉडल बन सकता है हरियाणा

राज्य सरकार का मानना है कि यदि PPP 2.0 योजना सफल रहती है तो हरियाणा देश के उन राज्यों में शामिल हो सकता है जहां नागरिक डेटा प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं का सबसे आधुनिक मॉडल लागू होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में फैमिली ID केवल पहचान पत्र नहीं बल्कि नागरिकों की सरकारी सेवाओं तक पहुंच का मुख्य डिजिटल आधार बन सकती है।