‘कांग्रेस ने राम के अस्तित्व को नकारा, सपा ने भक्तों पर चलवाईं गोलियां’, विपक्ष पर बरसे CM योगी

‘कांग्रेस ने राम के अस्तित्व को नकारा, सपा ने भक्तों पर चलवाईं गोलियां’, विपक्ष पर बरसे CM योगी <p style=”text-align: justify;”>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या के भव्य और दिव्य दीपोत्सव को समृद्धि और सुशासन का प्रतीक बताने के साथ पूर्ववर्ती सपा और कांग्रेस की सरकारों पर तीखी टिप्पणी की है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को विदेशी आक्रांताओं ने अपमानित किया था, जहां जन्म लेने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के अस्तित्व को कांग्रेस की सरकारों ने नकारने का कुत्सित प्रयास किया था और सपा सरकार ने रामभक्तों को लहूलुहान करते हुए कई षड्यंत्र किए थे. आज वही अयोध्या नव्य और दिव्य होकर देश और दुनिया को आकर्षित कर रही है.&nbsp;</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>सीएम योगी ने वनवासियों के साथ मनाई दीपावली&nbsp;</h3>
<p style=”text-align: justify;”>सीएम योगी सोमवार को वनटांगिया गांव जंगल तिनकोनिया नंबर तीन में वनवासियों के साथ दीपावली मनाने पहुंचे थे. उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री लगातार नौवीं बार वनटांगियों के साथ दीपपर्व की खुशियां साझा की.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>अयोध्याधाम में रविवार को दीपोत्सव में नया विश्व कीर्तिमान रचने के बाद सोमवार (20 अक्टूबर) पूर्वाह्न वनटांगिया गांव तिकोनिया नंबर तीन पधारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के लिए 49 करोड़ रुपये की लागत से 133 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को दीपावली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए सीएम योगी ने कहा कि कल अयोध्या के दीपोत्सव की भव्यता और दिव्यता देखते ही बन रही थी. व्यक्ति जब पुरुषार्थ करता है, अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति करता है, पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का भाव रखता है तो उल्लास और उमंग का दिव्य आयोजन ईश्वर की कृपा से आ ही जाता है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>मुख्यमंत्री ने कहा कि कायाकल्प और दीपोत्सव से पहचान सिर्फ अयोध्या की ही नहीं बनी है, बल्कि नव्य अयोध्या और इसका दीपोत्सव पूरे भारत की पहचान बन गई है. समाज का हर तबका यहां बिना भेदभाव आयोजन का सहभागी बनता है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>आज की अयोध्या बांटती नहीं है बल्कि सबको जोड़ती है- योगी आदित्यनाथ</h3>
<p style=”text-align: justify;”>सीएम योगी ने कहा कि आज की अयोध्या बांटती नहीं है बल्कि सबको जोड़ती है. यहां एयरपोर्ट महर्षि वाल्मीकि के नाम पर है. भोजनालय माता शबरी के नाम पर और प्रमुख चौराहा प्रभु श्रीराम का भजन गाने वाली स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के नाम पर है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>दक्षिण भारत के प्रमुख संतों की भी प्रतिमा अयोध्या में स्थापित कराई गई है. श्री<a title=”राम मंदिर” href=”https://www.abplive.com/topic/ram-mandir” data-type=”interlinkingkeywords”>राम मंदिर</a> के परिसर में वाल्मीकि जी, विश्वमित्र जी के भी मंदिर बन गए हैं. यहां शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, रामानंदाचार्य के नाम पर द्वार हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित हो रही अयोध्या- योगी आदित्यनाथ</h3>
<p style=”text-align: justify;”>मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या देश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित हो रही है. यहां सूर्य के किरणों से ही बिजली दी जा रही है. अयोध्या में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश का दिग्दर्शन हो रहा है. यहां का दीपोत्सव समृद्धि और सुशासन का प्रतीक बन चुका है. उन्होंने कहा कि पर्व और त्योहार का हेतु ही समाज में उमंग और उल्लास का संचार करना है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन मे अनुशासन और कार्य के प्रति समर्पण ही हमारी ताकत होती है. इसी के दम पर उत्तर प्रदेश ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था के नए मानक गढ़े हैं. अनुशासन और समर्पण से ही आने वाले समय में उत्तर प्रदेश और बेहतर करने में सफल होगा. उन्होंने स्वदेशी के प्रति लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमारी समृद्धि में स्वदेशी की झलक देखनी चाहिए.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>अब योजनाओं से संतृप्त हैं वनटांगिया- योगी आदित्यनाथ</h3>
<p style=”text-align: justify;”>सीएम योगी ने कहा कि 1 तानिया गांव में 15 वर्ष को सुविधाओं का घोर अभाव था. न सड़क थी, न बिजली, न मकान, न स्कूल था. जबकि आज &nbsp;यहां हर व्यक्ति के पास पक्का मकान है, बच्चों के लिए स्कूल है, आंगनबाड़ी केंद्र है, बिजली है, पानी है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>यहां के लोग राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन योजनाओं के लाभ से आच्छादित हैं. वनटांगिया गांव योजनाओं और सुविधाओं से संतृप्त है. यहां की महिलाएं एफपीओ से सब्जी की खेती कर समृद्धि के मार्ग पर चल पड़ी हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>सीएम योगी ने लोगों से की अपील</h3>
<p style=”text-align: justify;”>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के उन लोगों की मदद अवश्य करें जो किन्ही कारणों से वंचित हैं या अभाव में हैं. उन्होंने कहा कि यह कोशिश होनी चाहिए कि कोई भी व्यक्ति दीपपर्व के उल्लास से वंचित न रहे. हमारा प्रयास होना चाहिए दिवाली में कि हर घर में दीप जले और हर व्यक्ति तक मिठाई भी पहुंचे.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कम से कम एक गरीब परिवार में दीपावली की खुशियां जरूर बांटें. उन्होंने कहा कि गरीब के घर में दीप जलाते हुए, उसे मिष्ठान और उपहार देते हुए सेल्फी लें और पूरी दुनिया को बताएं कि हम साथ साथ खुशियां बांटते हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>सीएम योगी से सीख लेते हैं अन्य प्रदेशों के नेतृत्वकर्ता- डॉ. संजय निषाद</h3>
<p style=”text-align: justify;”>इस अवसर पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनकल्याण के कार्यों से अन्य प्रदेशों के नेतृत्व कर्ता भी सीख लेते हैं. सीएम योगी के नेतृत्व में त्योहार अब तलवार के भय से नहीं बल्कि सौहार्द और प्यार के माहौल में मनाए जाते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री ने यूपी को अपराधमुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त बनाकर अर्थव्यवस्था को भी अग्रणी पंक्ति में ला दिया है. डॉ. संजय निषाद ने कहा कि जो सम्मान त्रेता में भगवान श्रीराम ने वमगमन के दौरान निषादराज को दिया था, वर्तमान दौर में वही भाव सीएम योगी भी रखते हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>सीएम के हाथों मिला जिले को 49 करोड़ का दीपावली उपहार</h3>
<p style=”text-align: justify;”>वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर तीन में वनटांगिया दीपोत्सव मनाने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों को 49 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का दीपावली उपहार भी दिया.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने 32 करोड़ 81 लाख 60 हजार रुपये के 128 विकास कार्यों का लोकार्पण और 16 करोड़ 80 हजार रुपये की लागत वाली 5 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया. जंगल तिकोनिया नंबर तीन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंचीय कार्यक्रम के बाद यहां वन, कृषि, उद्यान, महिला कल्याण, बाल विकास, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, बेसिक शिक्षा, पशुपालन, स्वास्थ्य, ओडीओपी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, समाज कल्याण, खादी आदि विभागों की तरफ से स्टालों के माध्यम से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया।&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>प्रदर्शनी के जरिए लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही थी. उन्होंने स्टालों पर रुककर वहां मौजूद लोगों से जानकारी भी ली. इस दौरान उन्होंने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के स्टाल पर तीन बच्चों का अन्नप्राशन कराया और उन्हें खूब दुलारा. सीएम योगी ने तीन गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराकर उन्हें उपहार प्रदान किए.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>सीएम ने दीप जलाकर दीपोत्सव का किया शुभारंभ</h3>
<p style=”text-align: justify;”>स्टालों का अवलोकन करने के बाद मुख्यमंत्री <a title=”योगी आदित्यनाथ” href=”https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath” data-type=”interlinkingkeywords”>योगी आदित्यनाथ</a> गांव के भ्रमण पर निकले. वह सबसे पहले वनटांगिया समाज के मुखिया रामगणेश के घर पहुंचे. उनके घर के बाहर सजाई रंगोली के बीच दीप प्रज्वलित कर मुख्यमंत्री ने सभी गांववासियों के लिए दीपोत्सव का शुभारंभ किया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>&nbsp;इसके बाद गांव का भ्रमण करते हुए लोगों से मिले और उनका अभिवादन स्वीकार कर उनसे संवाद भी किया. कई बच्चों संग उन्होंने ठिठोली भी की. मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों के साथ फोटो खिंचवाकर उन्हें और अधिक खुश कर दिया.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, कुशीनगर के सांसद विजय दूबे, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक श्रीराम चौहान, ग्रामीण विधायक विपिन सिंगन, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, काशी से आए जगद्गुरु स्वामी संतोषाचार्य सतुआ बाबा आदि प्रमुख रूप से मंच पर उपस्थित रहे.&nbsp;</p>

ऊना के रिहायशी इलाके में तेंदुए का आतंक, 3 घायल:ग्रामीण की आंख पर किया वार, दिवाली पर लोग घरों में कैद होने को मजबूर

ऊना के रिहायशी इलाके में तेंदुए का आतंक, 3 घायल:ग्रामीण की आंख पर किया वार, दिवाली पर लोग घरों में कैद होने को मजबूर हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली उपमंडल की पालकवाह पंचायत के रिहायशी इलाके में सोमवार को एक तेंदुआ घुस आया। तेंदुए ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। घायलों में से एक व्यक्ति की आंख में गंभीर चोट लगी है, जबकि दो अन्य को मामूली चोटें आई हैं। तेंदुए के गांव में घुसने के बाद ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला किया। इसके बाद तेंदुआ ग्रामीणों से बचकर जंगल की ओर भाग गया। तेंदुए के हमले में 3 घायल जानकारी के अनुसार, तेंदुआ खेतों के बीच उगी झाड़ियों में शिकार की तलाश में बैठा था। जब कुछ लोग वहां से गुजर रहे थे, तो उनकी आवाज सुनकर तेंदुआ रिहायशी इलाके की ओर भागा। इसी भागदौड़ में तीन ग्रामीण तेंदुए की चपेट में आ गए। वन विभाग से पकड़ने की अपील ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़कर रिहायशी इलाके से दूर छोड़ने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यह तेंदुआ पहले भी कई बार खेतों के आसपास देखा गया है। ग्रामीणों और बच्चों का खेतों की ओर आना-जाना लगा रहता है, जिससे किसी अनहोनी का खतरा बना रहता है। सोमवार को सारा दिन आसपास के गांव में लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। हालात ऐसे हो गए कि लोगों ने न केवल अपने मवेशियों को मवेशी खानों में बंद कर दिया वही बच्चों को भी दीपावली त्योहार पर घर में दुबकने को मजबूर कर दिया।

भारतीय सेना की पहल से सीमा पर फैली ‘रौशनी’, कुपवाड़ा के गांव के 107 घरों को सौर ऊर्जा से किया जगमग

भारतीय सेना की पहल से सीमा पर फैली ‘रौशनी’, कुपवाड़ा के गांव के 107 घरों को सौर ऊर्जा से किया जगमग <p style=”text-align: justify;”>भारतीय सेना ने असीम फाउंडेशन और जम्मू-कश्मीर सरकार के सहयोग से सुदूर सीमावर्ती गांव केरन के लोगों को रोशनी परियोजना समर्पित की. कुपवाड़ा सेक्टर के सीमावर्ती गांव केरन में जहां सीमावर्ती गांवों को आत्मनिर्भर और टिकाऊ समुदायों में बदलने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस परियोजना के तहत, असीम फाउंडेशन ने भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर सरकार की मदद से 107 घरों वाले नौ समूहों को सफलतापूर्वक सौर ऊर्जा से रोशन किया और सीमा पर लगी बाड़ों के साथ-साथ ज़ीरो लाइन पर स्थित गांव को भी रोशन किया. जैसे ही रात में सौर ऊर्जा से चलने वाली रोशनियाँ गांव के घरों को रोशन करती हैं, इसकी चमक सीमा पार पाकिस्तान में रहने वाले लोगों को भी दिखाई देती है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>हर घर को किया रोशन</h3>
<p style=”text-align: justify;”>इस परियोजना के तहत प्रत्येक घर को सौर पैनल, बैटरी, इनवर्टर, एलईडी बल्ब और पावर सॉकेट से सुसज्जित किया गया है, जिससे चौबीसों घंटे नवीकरणीय बिजली उपलब्ध हो रही है. इस पहल ने न केवल घरों को रोशन किया है, बल्कि केरन के छात्रों के सपनों को भी रोशन किया है, खासकर सर्दियों की लंबी रातों में जब बिजली कटौती के कारण अक्सर पढ़ाई प्रभावित होती है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सौर प्रकाश पहल के साथ-साथ, स्वच्छ ईंधन योजना के अंतर्गत 40 घरों को डबल बर्नर स्टोव, रेगुलेटर और सुरक्षा किट के साथ एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं. यह कदम लकड़ी पर निर्भरता कम करता है, पर्यावरण की रक्षा करता है और स्वच्छ, धुआँ रहित खाना पकाने को बढ़ावा देकर परिवारों के स्वास्थ्य में सुधार करता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>और कहानी यहीं समाप्त नहीं होती क्योंकि इस पहल का उद्देश्य देश की पहली रक्षा पंक्ति के रूप में कार्य करने वाले सीमा पर तैनात ग्रामीणों के जीवन को पूरी तरह से बदलना है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>स्वच्छ जल पहल भी की शुरू</h3>
<p style=”text-align: justify;”>सीमावर्ती गांवों के परिवर्तन कार्यक्रम के एक भाग के रूप में, स्वच्छ जल पहल भी शुरू की गई है जिसके माध्यम से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के सहयोग से 2000 लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला जल निस्पंदन संयंत्र भी स्थापित किया गया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>यह संयंत्र दोहरे भंडारण टैंकों द्वारा समर्थित है जो निर्बाध आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे और सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करेंगे, जो इस सीमावर्ती गांव के निवासियों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित वरदान है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सुरक्षा और सुंदरता को और बढ़ाने के लिए, भारतीय सेना ने 90 लाइटों की एक सौर ऊर्जा चालित स्ट्रीट लाइट प्रणाली भी स्थापित की है, जिन्हें ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किशनगंगा नदी के किनारे स्थापित की गई है. ये लाइटें अब केरन के रास्तों को रोशन कर रही हैं, इसके आकर्षण को बढ़ा रही हैं और सुरम्य घाटी में इको-टूरिज्म को बढ़ावा दे रही हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>स्थानीय नेता ने सेना का जताया आभार&nbsp;</h3>
<p style=”text-align: justify;”>एक स्थानीय समुदाय के नेता ने हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘हम अपने सुदूर गांव में प्रकाश, आशा और विकास लाने के लिए भारतीय सेना और असीम फाउंडेशन के बहुत आभारी हैं. प्रोजेक्ट रोशनी ने हमें दिखाया है कि दूर-दराज के कोनों में भी प्रगति की किरणें दिखाई दे सकती हैं.'</p>
<p style=”text-align: justify;”>दिवाली की पूर्व संध्या पर एक भव्य समारोह में यह पूरी परियोजना लोगों के नाम समर्पित की गई है. इस समारोह में असीम फाउंडेशन के अध्यक्ष और 268 इन्फैंट्री ब्रिगेड के कमांडर सहित वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया और नागरिक-सैन्य सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के साझा दृष्टिकोण की पुष्टि की.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>विकास के तीन स्तंभों को समाहित करती है परियोजना</h3>
<p style=”text-align: justify;”>6 राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन / 268 इन्फैंट्री ब्रिगेड / 28 इन्फैंट्री डिवीजन के तत्वावधान में कार्यान्वित यह परियोजना विकास के तीन स्तंभों – स्वच्छ ऊर्जा, स्वच्छ ईंधन और स्वच्छ जल – को समाहित करती है, जो केरन के लोगों के लिए एक नई सुबह का प्रतीक है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>रोशनी परियोजना न केवल एक विकास पहल है, बल्कि आशा की किरण भी है- यह भारत की अपने सीमावर्ती गांवों को सशक्त बनाने, स्थिरता को बढ़ावा देने और हर घर को प्रगति और गौरव के प्रकाश से रोशन करने की प्रतिबद्धता का एक जीवंत प्रमाण है.</p>

हिमाचल में हर्षोल्लास से मनाई जा रही दिवाली:8 से 10 बजे के बीच जलाए जाएंगे पटाखे; सीएम ने बालिका आश्रम में मनाया त्योहार

हिमाचल में हर्षोल्लास से मनाई जा रही दिवाली:8 से 10 बजे के बीच जलाए जाएंगे पटाखे; सीएम ने बालिका आश्रम में मनाया त्योहार हिमाचल में दिवाली को हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। लोगों ने बाजारों में जमकर पटाखों और मिठाइयों की खरीददारी की। एक दूसरे को दिवाली पर मिठाइयां बांट कर दीपो के इस पर्व की बधाईयां दी। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने भी प्रदेशवासियों को दिवाली के इस पर्व की शुभकामनाएं दी है। सीएम सुक्खू ने शिमला के समीप बालिका आश्रम का दौरा कर वहां रह रहे बच्चों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने आश्रम की बालिकाओं को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं और उनके सुखमय एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सीएम बोले- 27 साल तक सरकार पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रही सीएम ने बालिकाओं को मिठाई और उपहार भी वितरित किए। इस दौरान सीएम ने कहा- प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों की शिक्षा एवं देखभाल के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत 27 वर्ष की आयु पूरा होने तक इन बच्चों की पढ़ाई समेत अन्य सभी खर्च को एक अभिभावक के रूप में सरकार पूरा कर रही है। रात 8 से 10 बजे के बीच जलेंगे पटाखे प्रदेश में लोग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन के आदेशों की अनुपालना कर रहे हैं। प्रदूषण की समस्या को देखते हुए एनवायरमेंट, साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग ने दिन में पटाखे नहीं जलाने के निर्देश दे रखे हैं। प्रदेश में रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट के साल 2019 के आदेशानुसार, शाम 8 बजे से पहले और रात 10 बजे के बाद पटाखे जलाने की अनुमति नहीं है। डीसी शिमला ने सुरक्षित दिवाली मनाने की अपील की डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने लोगों से सुरक्षित दिवाली मनाने, प्रशासन द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना और ग्रीन पटाखे ही इस्तेमाल करने की अपील की है।

अमृतसर में बेटे-बहू ने बुजुर्ग को त्यागा:बेटियों ने की बीमार पिता की सेवा, अंतिम संस्कार में भी नहीं आया बेटा तो मुखाग्नि भी दी

अमृतसर में बेटे-बहू ने बुजुर्ग को त्यागा:बेटियों ने की बीमार पिता की सेवा, अंतिम संस्कार में भी नहीं आया बेटा तो मुखाग्नि भी दी रिश्तों की संवेदनशीलता और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर सवाल उठाता हुआ एक मार्मिक मामला अमृतसर के कोट खालसा से सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग पिता को उनके ही बेटे और बहू ने करीब डेढ़ साल पहले घर से निकाल दिया था। तब बेटियों ने पिता की सेवा की। अंतिम संस्कार में बेटे की गैरहाजिरी में धार्मिक क्रिया भी बेटियों ने निभाई। यह घटना कोट खालसा में एक बुजुर्ग की है, जिसने अपना पूरा जीवन लगाकर बेटे-बेटियों को अपने पैरों पर खड़ा किया। बीमारी और अकेलेपन में जीवन गुजारने के बाद जब उनका निधन हुआ तो बेटे की गैरहाजिरी में दो बेटियों ने अपने पिता को अंतिम विदाई दी और चिता को अग्नि दी। यह दृश्य समाज की पारंपरिक मान्यताओं से अलग था, लेकिन साथ ही एक गहरी पीड़ा और जिम्मेदार रिश्तों की अनदेखी की गवाही भी दे रहा था। लंबे समय से बीमार थे पिता बताया गया कि बुजुर्ग की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। वह लंबे समय से बीमार थे। बेटियों और लोगों की मानें तो बेटा और बहू पिता की कोई सेवा नहीं करते थे। इतना ही नहीं, बेटियां जब जाती थीं, उनसे ठीक व्यवहार नहीं करते थे। करीब डेढ़ साल पहले जब पिता की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तो दोनों ने उन्हें घर से निकाल दिया। ऐसे में बेटियां सहारा बनीं और उन्हें अपने पास रखा। बेटियों ने निभाया अंतिम फर्ज मृतक की बेटी वीणा ने बताया, “हमने डेढ़ साल तक पिता की सेवा की। वे रोज अपने बेटे को याद करते थे। कई बार फोन किया, लेकिन भाई ने एक बार भी हाल नहीं पूछा, न ही कोई जवाब दिया।” वीणा के अनुसार, “जब भी हम बहनें पिता से मिलने उनके घर जातीं, हमारी भाभी हमें दरवाजे से ही टका सा जवाब दे देती थीं, घर के अंदर तक नहीं आने देती थीं।” भाभी घर के अंदर तक नहीं आने देती थीं “अब जब वो दुनिया से चले गए, तो हमने ही उन्हें अग्नि दी, यही हमारा धर्म था।” दूसरी बेटी संगीता ने भी कहा कि पिता ने जीवन भर अपने बेटे के लिए सब कुछ किया, लेकिन अंत में बेटियां ही उनके साथ खड़ी रहीं। भाई ने कभी पिता की हालचाल तक नहीं पूछी। बेटा न फोन पर आया, न अंतिम संस्कार में स्थानीय निवासियों ने बताया कि बुजुर्ग व्यक्ति की तबीयत लंबे समय से खराब चल रही थी, लेकिन बेटे ने न तो उन्हें घर में रखा और न ही एक बार हाल चाल लेने आया। परिजनों के अनुसार, मृतक ने कई बार बेटे से संपर्क करने की कोशिश की, पर हर बार निराशा ही हाथ लगी। समाज के लिए चेतावनी बेटी ने कहा, “यह मामला केवल एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक गहरी चेतावनी भी है कि कैसे आधुनिक जीवनशैली और पारिवारिक कलह की वजह से बुजुर्ग उपेक्षित हो रहे हैं।” परंपरा के अनुसार बेटा अंतिम संस्कार करता है, लेकिन यहां बेटियों ने वो अधिकार निभाया जिसे निभाना उनका कर्तव्य भी था और प्यार भी। स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया स्थानीय निवासी हरभजन सिंह ने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि बेटियां वो काम करेंगी जो बेटे को करना चाहिए था। यह समाज के लिए शर्म की बात है कि बुजुर्ग को उनके अपने ही बेटा बेसहारा छोड़ दें।”

राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों को झटका! OPS पर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में सरकार

राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों को झटका! OPS पर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में सरकार <p style=”text-align: justify;”>राजस्थान में सवा पांच लाख से ज्यादा राज्य कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम पर एक बार फिर से खतरा मंडराने लगा है. सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम को खत्म कर न्यू पेंशन स्कीम लागू करने की शुरुआत कर दी है. पहले फेज में घाटे में चल रहे हैं निगमों – बोर्डों और आयोगों के साथ ही कुछ यूनिवर्सिटीज को भी ओल्ड पेंशन स्कीम खत्म करने की छूट दे दी है. प्रयोग के तौर पर अभी इस वहां लागू करने की कोशिश की जा रही है, जहां कर्मचारियों की संख्या बेहद सीमित है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस प्रयोग को लेकर कर्मचारियों और उनके संगठनों ने अभी से विरोध शुरू कर दिया है. उन्हें इस बात की आशंका सताने लगी है कि कुछ दिनों बाद इसे पूरे राजस्थान में लागू कर दिया जाएगा. कर्मचारियों का साफ तौर पर कहना है कि वह इसे वह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके लिए लोकतांत्रिक तरीके से हर लड़ाई लड़ेंगे.&nbsp;</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>गहलोत सरकार ने लागू की थी ओपीएस</h3>
<p style=”text-align: justify;”>दरअसल, राजस्थान की पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने साल 2022 में यह ऐलान किया था कि जो भी कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना में शामिल होना चाहते हैं वह इसके लिए आवेदन कर सकते हैं. राज्य के तकरीबन सभी कर्मचारियों ने इसके बाद अपनी पेंशन योजना में बदलाव कर दिया था. 1 अप्रैल 2023 से राज्य के 5,24,822 कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम का फायदा मिलना शुरू हो गया था. देश के दूसरे हिस्सों की तरह राजस्थान में भी 1 जनवरी 2004 से ओल्ड पेंशन स्कीम मिलनी बंद हो गई थी. हालांकि पुराने कर्मचारियों को यह लगातार मिल रही है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस बात की छूट दे दी कि अगर वह चाहे तो अपने कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम खत्म कर उन्हें एनपीएस के दायरे में ला सकती हैं. हालांकि इसे लागू करने से पहले उन्हें सरकार से औपचारिक तौर पर मंजूरी लेनी होगी. जिन संस्थाओं को अभी ओल्ड पेंशन स्कीम खत्म करने की छूट दी गई है, उनमें कर्मचारियों की संख्या बेहद सीमित है. ऐसे में वहां से विरोध की तेज आवाज नहीं निकल पा रही है.&nbsp;</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>त्योहार के बाद तेज हो सकता है आंदोलन</h3>
<p style=”text-align: justify;”>सरकार के इस फैसले के बाद राज्य के दूसरे कर्मचारियो और उनके संगठनों ने इसे लेकर विरोध शुरू कर दिया है. हालांकि विरोध के स्वर अभी धीमे हैं, लेकिन दीपावली और छठ के त्यौहार के बाद इसे धार देने की तैयारी की जा रही है. कर्मचारियों का साफ तौर पर कहना है कि सरकार एक तरह का प्रयोग कर रही है. संस्थाओं के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा और पांच लाख से ज्यादा कर्मचारियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>कर्मचारी फिलहाल अपने-अपने दफ्तरों या कार्य स्थलों पर ही प्रदर्शन और नारेबाजी कर अपना विरोध जाता रहे हैं, लेकिन उनका साफ तौर पर कहना है कि आने वाले दिनों में वह सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे और जरूरत पड़ने पर कामकाज ठप कर हड़ताल पर जाने को भी मजबूर होंगे. कर्मचारियों का कहना है कि अगर सांसद और विधायक खुद अपनी पेंशन योजना में बदलाव नहीं कर रहे हैं तो कर्मचारियों को इसका शिकार क्यों बनाया जा रहा है. वह इसे किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं करेंगे और हर स्तर पर इसका विरोध करेंगे.&nbsp;</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>कर्मचारियों के साथ करेंगे आंदोलन- कांग्रेस</h3>
<p style=”text-align: justify;”>चूंकि मामला पांच लाख से ज्यादा कर्मचारियों के हितों से जुड़ा हुआ है, इसलिए सियासी पार्टियां भी इसमें कतई पीछे नहीं रहना चाहतीं. विपक्ष ने भी आंदोलन कर रहे कर्मचारियो का साथ देने की बात कही है. कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का कहना है कि बीजेपी की मौजूदा सरकार किसी के हित के बारे में नहीं सोच रही है और वह सभी को परेशान करने में लगी हुई है. उनके मुताबिक कर्मचारी अगर इसे लेकर आवाज उठाएंगे तो कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी नजर आएगी.&nbsp;</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>सरकारी कर्मचारियों से करेंगे बात</h3>
<p style=”text-align: justify;”>दूसरी तरफ बैकफुट पर आई राजस्थान सरकार का कहना है कि वह जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों से बातचीत करने को तैयार है. राज्य के डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के मुताबिक सरकार कर्मचारियों से बातचीत करके ही कोई कदम उठाएगी.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>दूसरी तरफ इस बारे में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ का दावा है कि ओल्ड पेंशन स्कीम की जगह नई पेंशन स्कीम लागू किए जाने को लेकर कर्मचारियों में कतई कोई नाराजगी नहीं है. अब देखना यह होगा किसी कर्मचारियों की नाराजगी के बाद राजस्थान सरकार अपने कदम वापस खींचती है या फिर ओल्ड पेंशन स्कीम को ही खत्म करती है.</p>

जान दे दूंगी, तलाक नहीं दूंगी:दो शादी वालों की इज्जत नहीं होती; गोंडा में सुसाइड से पहले रोते हुए वीडियो बनाया

जान दे दूंगी, तलाक नहीं दूंगी:दो शादी वालों की इज्जत नहीं होती; गोंडा में सुसाइड से पहले रोते हुए वीडियो बनाया गोंडा में 30 साल की महिला ने घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मरने से पहले उसने रोते हुए 4 मिनट का वीडियो बनाया। इसमें वह पति की प्रताड़ना और बार-बार तलाक लेने का दबाव बनाने की बात कह रही है। रोते हुए कह रही- भले ही मर जाऊंगी, लेकिन तलाक नहीं दूंगी। मेरे पति मुझसे मोहब्बत भले न करते हों, लेकिन मैं उनसे हमेशा प्यार करती थी। करती हूं और करती रहूंगी। मुझे तलाक लेकर 10 लोगों के साथ नहीं रहना। एक के साथ रहने की तमन्ना थी। इसलिए ये कदम उठा रही हूं। मेरे बच्चे का ख्याल रखना, उसे खूब पढ़ाना लिखाना…। मामला नगर कोतवाली क्षेत्र का है। 2022 में हुई थी शादी इंदिरा नगर में रहने वाली नाजिया की शादी साल- 2022 में सिद्धार्थनगर निवासी इस्माइल के साथ हुई थी। इस्माइल अपने परिवार के साथ मुंबई में रहकर व्यापार करता है। थाने पहुंचे नाजिया के पिता मोहम्मद उस्मान ने रोते हुए बताया- शादी के बाद से ही इस्माइल मेरी बेटी को दहेज के लिए परेशान करने लगा था। बेटी हम लोगों से ये बातें छिपा लेती थी। वो तलाक लेने का दबाव बना रहा था। बुलेट गाड़ी और 2 लाख रुपए और लाने के लिए प्रताड़ित कर रहा था। दामाद बार-बार तलाक देने के लिए धमका रहा था। 9 अक्टूबर को नाजिया एक शादी में शामिल होने मुंबई से गोंडा आई थी। सोमवार सुबह भी उसका फोन पर झगड़ा हो रहा था। उसने कहा कि कपड़े बदलने के लिए कमरे में जा रही है। सुबह 9 बजे उसने फंदे से लटककर जान दे दी। काफी देर बाद जब दरवाजा नहीं खुला, तो हम लोगों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर मेरी बेटी पंखे के कुंडे के सहारे फंदे से लटकी मिली। हमने पुलिस को सूचना देकर बुलाया। पुलिस ने बेटी का फोन भी कब्जे में लिया, तो उसमें सुसाइड से पहले के वीडियो मिले। जिसमें मेरी बेटी ने रोते हुए अपना दर्द बताया है। पढ़िए 4 मिनट के वीडियो में नाजिया ने क्या कहा… मैं नाजिया इस्माइल शेख। मुझसे कोई गलती नहीं हुई, फिर भी मेरा पति मुझे तलाक देना चाहता है। वजह यह है कि मेरा भाई पति से एक मोबाइल लेकर आया था। अब पति पैसे मांग रहा है। अब मेरे पति को लग रहा है कि मैं अपने घरवालों की बात कर रही हूं। इसीलिए वो मुझे तलाक दे रहा है। मैं तलाक नहीं चाहती हूं, मैं एक ही आदमी के साथ जिंदगी बिताना चाहती हूं। इसके लिए मैं तलाक नहीं दे सकती, भले ही अपनी जान दे दूं। मेरे मरने के बाद कोई किसी को तकलीफ ना दे। मेरे बच्चे की हिफाजत करे। उसका अच्छा ख्याल रखे। पढ़ा-लिखाकर उसको बड़ा करे। लेकिन, मैं तलाक के मामले से नहीं गुजर सकती। मैं रिश्ते को नहीं बचा पाई
मैं अपने रिश्ते को बचाने के लिए पूरी तरीके से कोशिश कर चुकी हूं, लेकिन मैं नहीं बचा पा रही। मेरा आदमी इस बात पर अड़ा है कि मुझे तलाक देगा। मैं इसकी वजह से किसी को तकलीफ नहीं देना चाहती। इसीलिए मैं यह कदम उठा रही हूं। इसमें मेरे मम्मी-पापा, भाई-बहन किसी की गलती नहीं है। मेरे नसीब की गलती है। शायद मेरे नसीब में यही लिखा था। मैं एक की होकर जीना चाहती हूं, 10 के साथ नहीं रहना
नाजिया ने रोते हुए कहा- मैं एक की होकर रहना चाहती हूं, तलाक लेकर 10 लोगों के साथ नहीं रहना। मैंने देखा है कि जिनकी एक शादी होती है, उनकी इज्जत होती है। जिनकी दो या उससे ज्यादा शादियां होती हैं, उनकी कोई इज्जत नहीं करता। मेरे पति मेरे बच्चे को लेना चाहते हैं, लेकिन मैं बच्चे को देना नहीं चाहती। मैं भी उनके साथ रहना चाहती हूं। लेकिन, अब वो मुझसे तलाक लेना चाह रहे हैं। जबकि, मैं मेरे पति से हमेशा मोहब्बत करती थी, करती हूं और करती रहूंगी। मैं तलाक नहीं लेना चाहती। इसलिए मैं ये कदम उठा रही हूं। दुआ करना मुझे जन्नत नसीब हो। दुआओं में याद रखना…। ये वीडियो बनाने के बाद नाजिया ने अपने कमरे में खुद को बंद कर फांसी लगा ली। मृतका के पिता ने गोंडा के नगर कोतवाली में पति के खिलाफ प्रताड़ना की तहरीर दी है। नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया- नगर कोतवाली पुलिस जांच कर रही है। वीडियो का भी संज्ञान लिया गया है और तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा। ————————- ये खबर भी पढ़ें लखनऊ में कारोबारी की पत्नी की मौत, ससुरालवालों पर FIR; मां बोली- विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ताऊ, इसलिए कार्रवाई नहीं लखनऊ में कारोबारी की पत्नी की संदिग्ध हालात में मौत मामले में ससुरालवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दरअसल, महिला की गर्दन पर चोट के निशान थे। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। मायके वालों का आरोप है कि पति ने 10 लाख के दहेज के लिए हत्या की और शव को अपोलो अस्पताल में छोड़कर भाग गया। पूरी खबर पढ़ें

ग्रेटर नोएडा में चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या:थार और स्विफ्ट से आए हमलावर; लाठी-डंडों से पीटने के बाद 8 राउंड फायरिंग की

ग्रेटर नोएडा में चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या:थार और स्विफ्ट से आए हमलावर; लाठी-डंडों से पीटने के बाद 8 राउंड फायरिंग की ग्रेटर नोएडा में नाली के झगड़े में चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पहले दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। फिर एक पक्ष के लोगों ने गुस्से में दूसरे पक्ष पर फायरिंग कर दी। इसमें चाचा-भतीजे समेत एक अन्य युवक घायल हो गया। तीन लोगों को गोली लगते देख आरोपी थार और स्विफ्ट कार से भाग निकले। मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने चाचा-भतीजे को मृत घोषित कर दिया। युवक की हालत गंभीर है। घटना से नाराज घरवालों ने चौकी के सामने जीटी रोड पर सड़क जाम कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घरवालों से बात कर उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर वे शांत हुए। इसके बाद शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। मामला जारचा थाना क्षेत्र का है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला नाली को लेकर 19 अक्टूबर को भी हुआ था झगड़ा
प्रिंस भाटी और अजय पाल सेथली गांव में रहते हैं। दोनों पड़ोसी हैं। अजय पाल सीआईएसएफ से इसी साल मार्च में SI के पद से रिटायर हुए हैं। उनके बीच नाली से पानी निकालने को लेकर अक्सर झगड़ा होता रहता था। रविवार को भी उनके बीच कहासुनी और झगड़ा हुआ था। सोमवार सुबह प्रिंस भाटी ने अपने मामा के यहां से कुछ लड़कों को फोन करके बुला लिया। इसके बाद वे लोग स्विफ्ट और थार से आए। उन्होंने लाठी-डंडे और हथियार ले रखे थे। उन्होंने अजय पाल के घर के बाहर गाली-गलौज शुरू कर दी। अजय पाल और भतीजे दीपांशु ने अस्पताल में तोड़ा दम
अजय पाल और उसके परिवार के लोग विरोध करने के लिए जैसे ही बाहर आए, उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसी दौरान प्रिंस के लोगों ने अजय पाल और उसके परिवारवालों पर फायरिंग कर दी। 8 राउंड गोलियां चलीं। इस घटना में अजय पाल और उसके भतीजे दिपांशु भाटी को गोली लग गई। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घरवाले दोनों को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
अजय पाल और दीपांशु की मौत होने के बाद उनके घरवाले चौकी के पास पहुंचे। वे जीटी रोड पर धरने पर बैठ गए। सड़क जाम कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही जारचा थाने से पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजन से बात कर घटना की जानकारी ली। परिजन ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। अधिकारियों ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। आधे घंटे बाद वे माने। उनके जाने के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। डीसीपी साद मिया खान ने बताया- सेंथली चौकी इलाके में आज फायरिंग की घटना हुई। इसमें दीपांशु भाटी और अजय की मौत हो गई। परिजन की शिकायत पर प्रिंस भाटी, बॉबी तोमर और मनोज नागर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। घटना की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 4 टीमें बनाई गई हैं। कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपी पकड़े जाएंगे। ———————– ये खबर भी पढ़ें… जगुआर से 6 को रौंदने वाला करोड़पति कारोबारी का बेटा, डॉक्टर का दामाद, प्रयागराज में पुलिस ने कार से पकड़ा प्रयागराज में दिवाली मार्केट में जगुआर कार से 6 को कुचलने वाला शख्स रचित मध्यान नामी कारोबारी का बेटा और जानेमाने डॉक्टर का दामाद निकला। चौंकाने वाली बात यह है कि धूमनगंज थाना पुलिस ने देर रात मृतक प्रदीप पटेल के भाई दिलीप की तहरीर पर कार नंबर UP70 DQ 0070 के अज्ञात चालक के खिलाफ FIR दर्ज की। जबकि, पुलिस ने ही रचित को ड्राइविंग सीट से उठाकर एम्बुलेंस से हॉस्पिटल भेजा था। पढ़िए पूरी खबर

फरीदाबाद में जीजा ने साले को मारी गोली:जमीन विवाद के चलते हुए विवाद, बात करते हुए किया फायर, लहूलुहान छोड़ हुआ फरार

फरीदाबाद में जीजा ने साले को मारी गोली:जमीन विवाद के चलते हुए विवाद, बात करते हुए किया फायर, लहूलुहान छोड़ हुआ फरार हरियाणा में फरीदाबाद के में जमीनी विवाद को लेकर जीजा ने अपने साले को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल साले को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सारण थाना पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। साथ ही फरार आरोपी जीजा की तलाश में जुट गई है। सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, क्या है पूरा मामला… पुलिस ने जांच शुरू की
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पर्वतीय कॉलोनी पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घायल रॉबिन का बयान दर्ज कर लिया है। आरोपी आशीष के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर छापामारी शुरू कर दी है।

बालाघाट के कटंगी में बाघ ने चरवाहे पर किया हमला, वन विभाग का सर्च ऑपरेशन जारी

बालाघाट के कटंगी में बाघ ने चरवाहे पर किया हमला, वन विभाग का सर्च ऑपरेशन जारी <p style=”text-align: justify;”>मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के कटंगी परिक्षेत्र में एक बार फिर बाघ का आतंक लौट आया है. आदमखोर बन चुका बाघ अब तक कई बार इंसानों पर हमला कर चुका है. बाघ के हमले में सिवनी जिले का एक चरवाहा गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है. वहीं बाघ की तलाश में रेस्क्यू टीम पिछले तीन दिनों से जंगल में डेरा डाले हुए है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>जानकारी के मुताबिक, यह घटना अंबेझरी गांव के पास की बताई जा रही है, जहां शनिवार शाम को 60 वर्षीय चरवाहा खेमराज नाने मवेशी चराने गया था. अचानक झाड़ियों से निकले बाघ ने उस पर झपट्टा मारा. गिरने की वजह से उसकी जान तो बच गई, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गया. ग्रामीणों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां हालत नाज़ुक होने पर नागपुर रेफर कर दिया गया है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>तीन दिनों से बाघ की तलाश कर रहे वनकर्मी</h3>
<p style=”text-align: justify;”>पिछले तीन दिनों से पेंच टाइगर रिजर्व से आई रेस्क्यू टीम, हाथी दल और ड्रोन कैमरों की मदद से जंगल में बाघ की तलाश कर रही है. मगर, वन विभाग की टीम के हाथ बाघ नहीं लग सका है, जिससे स्थानीय रहवासियों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में एक नहीं, बल्कि दो बाघ सक्रिय हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल</h3>
<p style=”text-align: justify;”>अंबेझरी, पथरापेठ और पिपरवानी गांवों में लोगों में जबरदस्त दहशत है. परिक्षेत्र अधिकारी बाबूलाल चढ्ढार ने बताया कि रेस्क्यू टीम पूरी ताकत से बाघ को पकड़ने की कोशिश कर रही है. हालांकि ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>एक साल में बाघ के हमले में 5 मौत</h3>
<p style=”text-align: justify;”>बता दें कि बीते एक साल में अब तक बाघ के हमले से पांच ग्रामीणों की मौत हो चुकी है, वहीं शनिवार को घटी यह छठवीं घटना है जिसमें चरवाहा गंभीर रूप से घायल हो चुका है जो जिंदगी और मौत से जूझ रहा है. फिलहाल बाघ की लोकेशन को लेकर रेस्क्यू टीम अलर्ट है, लेकिन लगातार हो रहे हमले से जंगल से सटे गांवों में डर का माहौल बना हुआ है.</p>