अयोध्या के मलिन बस्ती में पहुंचे CM योगी:बच्चे को दुलारा, पूछा- कैसी हो तो बोली- जयश्री राम; फलों की टोकरी भी बांटी

अयोध्या के मलिन बस्ती में पहुंचे CM योगी:बच्चे को दुलारा, पूछा- कैसी हो तो बोली- जयश्री राम; फलों की टोकरी भी बांटी CM योगी ने दिवाली की सुबह यानी 20 अक्टूबर को राम मंदिर पहुंचे और रामलला के दर्शन किए। दर्शन के बाद मलिन बस्ती में वाल्मीकि समाज के लोगों से मुलाकात की। एक बच्चे से मुलाकात के दौरान पूछा कैसी हो तो उसने कहा- जयश्री राम। इसके बाद परिवार के लोगों को फलों की टोकरी दी। जबकि छोटे बच्चों को दुलारा और उन्हें चॉकलेट दिया। CM योगी ने कहा-दिवाली के अवसर पर मैं यहां के सभी बहनों और भाइयों को दिवाली की शुभकामनाएं देने और राज्य सरकार की ओर से उन्हें मिठाई बांटने आया हूं। मैं यह देखकर बहुत प्रभावित हूं कि आपका मोहल्ला इतना साफ़ है। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री ने प्रत्येक भारतीय से स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्ध होने का आग्रह किया है। मैंने अभी हनुमान गढ़ी और राम जन्मभूमि मंदिर का दौरा किया है। दिवाली के अवसर पर, आप आज शाम पटाखे फोड़ेंगे, लेकिन सावधानी और सतर्कता के साथ। आपको अपना ध्यान रखना है और यह भी सुनिश्चित करना है कि किसी को चोट न लगे। उन्होंने कहा- हर घर में एक दीया अवश्य जलना चाहिए क्योंकि वह दीया अयोध्या का भी प्रतीक बनेगा। इससे पहले सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन पूजन किए। इसके बाद प्राचीन गजेंद्र मंदिर पहुंचे। 3 तस्वीरें देखिए… CM योगी और दिवाली से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए

आगरा-दिल्ली हाईवे पर चलती बस में लगी आग, 3 झुलसे:पूरी बस जलकर राख; दिवाली पर घर जा रहे थे, यात्री बोले- पीछे बैठे लोग पी रहे थे सिगरेट

आगरा-दिल्ली हाईवे पर चलती बस में लगी आग, 3 झुलसे:पूरी बस जलकर राख; दिवाली पर घर जा रहे थे, यात्री बोले- पीछे बैठे लोग पी रहे थे सिगरेट मथुरा में आगरा-दिल्ली नेशनल हाईवे पर रविवार रात चलती बस में आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि पूरी बस जलकर खाक हो गई। सिर्फ उसका ढांचा ही बचा। बस में 50 से 60 लोग सवार थे। सभी कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि, तीन लोग आग की चपेट में आने से झुलस गए। आग की सूचना फायर ब्रिगेड की टीम को दी गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यात्रियों ने बताया कि पीछे बैठे कुछ यात्री सिगरेट पी रहे थे। उसी की वजह से आग लगी होगी। घायलों का इलाज कराया जा रहा है। हादसा थाना रिफाइनरी क्षेत्र में हुआ। 2 तस्वीरें देखिए अब जानिए पूरा मामला
आगरा दिल्ली नेशनल हाईवे पर रात करीब 3 बजे एक निजी ट्रेवल्स की स्लीपर क्लास बस गुरुग्राम से हमीरपुर जा रही थी। जैसे ही बस थाना रिफाइनरी क्षेत्र में पहुंची तभी उसमें अचानक आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि बस को कुछ ही देर में अपनी चपेट में ले लिया। बस धूं-धूं कर जलने लगी। जैसे ही आग लगी। सभी यात्रियों ने कूद-कूद कर जान बचाई। 3 लोग मामूली रूप से झुलसे
दो फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। जिन्होंने काफी एक घंटे बाद आग पर काबू पाया। हादसे में 3 लोग मामूली रूप से झुलसे हैं। घायलों की पहचान मोहम्मद जाबिद, पत्नी कुरैसा और एक बच्चा था। यह लोग जालौन जा रहे थे। जिनको इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। सिगरेट से लगी आग
यात्रियों ने बताया- पीछे बैठे कुछ लोग सिगरेट पी रहे थे। हम लोगों ने मना भी किया। लेकिन वह लोग नहीं माने। तीन बजे के करीब इन लोगों ने फिर से सिगरेट पी। सिगरेट पीने के बाद वहीं बस में डाल दी। थोड़ी देर बाद बस में आग लग गई। सभी कूद कर अपनी जान बचाई। नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। बस पूरी तरीके से जल राख हो गई है। हम सभी लोग गुरुग्राम में काम करते है। दिवाली मनाने अपने घर हमीरपुर जा रहे थे। NHAI मेंटीनेंस डिपार्टमेंट नरेश कुमार ने बताया- आगरा-दिल्ली नेशनल हाईवे पर चलती बस में आग लग गई। किसी तरह बस में सवार यात्रियों को निकाला गया। आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हमारी एबुलेंस भी मौके पर पहुंची है। घायलों को भर्ती कराया गया है। —————— ये खबर भी पढ़ें… प्रयागराज में जगुआर ने 8 को रौंदा, 1 की मौत:7 गाड़ियों को टक्कर मारी, कार का VIP नंबर-0070; लोग बोले- नशे में था प्रयागराज में दिवाली मार्केट में एक तेज रफ्तार जगुआर कार घुस गई। कार ने पहले 2 चार पहिया और 5 दो पहिया गाड़ियों में टक्कर मारी। इसके बाद 8 लोगों को रौंद दिया। इससे एक इलेक्ट्रीशियन की मौत हो गई। 4 लोगों की हालत गंभीर है, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में दो बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पढे़ं पूरी खबर…

25 फोटो में देखें अयोध्या की रिकॉर्ड दीपोत्सव:26 लाख दीये जले, 15 मिनट तक ड्रोन से निगरानी; लेजर शो में दिखे रामायण के प्रसंग

25 फोटो में देखें अयोध्या की रिकॉर्ड दीपोत्सव:26 लाख दीये जले, 15 मिनट तक ड्रोन से निगरानी; लेजर शो में दिखे रामायण के प्रसंग राममय अयोध्या ने 19 अक्टूबर यानी रविवार को 9वें दीपोत्सव में 2 वर्ल्ड रिकॉर्ड बने। पहला सरयू के किनारे राम की पैड़ी से जुड़े 55 घाट पर 26 लाख 17 हजार 215 दीप जले। जबकि 2128 अर्चकों ने सरयू की महाआरती करके दूसरा रिकॉर्ड बनाया। राम की पैड़ी पर लेजर लाइट शो के जरिए रामायण का प्रसंग दिखाया गया। जबकि 11 सौ ड्रोन से विशेष शो का आयोजन हुआ। इसके बाद नयाघाट पर आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा इससे पहले दीपोत्सव की शुरुआत राम राज्याभिषेक शोभायात्रा से हुई। सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे। जहां उन्होंने हेलिकॉप्टर स्वरूप पुष्पक विमान से उतरे प्रभु राम, सीता व लक्ष्मण का स्वागत किया। उनके रथ को हाथ से खींचा और पूरी भव्यता के साथ उन्हें दीपोत्सव के लिए सजे मंच पर लेकर आए। वहीं शोभायात्रा में 22 झांकियां निकलीं। तस्वीरों में देखें अयोध्या का दीपोत्सव… ————————
ये खबर भी पढ़ें…
दीपावली पर तांत्रिक परंपराएं और जीव बलि; उल्लू-कछुए जैसे जीवों के लिए क्यों काल बन जाती है अमावस्या की रात? दीपावली की रात तांत्रिक सिद्धियों के लिए जानी जाती है। मान्यता है, अमावस्या की रात तंत्र क्रियाओं से मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जा सकता है। यही वजह है कि कुछ खास जीव-जंतुओं के लिए यह रात जानलेवा साबित होती है। विशेषकर उल्लू और कछुए जैसे जीवों के लिए। इनको मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। पढ़िए पूरी खबर

यूपी की बड़ी खबरें:मथुरा में तेज रफ्तार कैंटर ने 5 लोगों को रौंदा; एक की मौत, चार घायल

यूपी की बड़ी खबरें:मथुरा में तेज रफ्तार कैंटर ने 5 लोगों को रौंदा; एक की मौत, चार घायल मथुरा के महावन थाना क्षेत्र में राया-बलदेव मार्ग पर रविवार रात एक तेज रफ्तार कैंटर ने पैदल चल रहे लोगों को रौंद दिया। हादसे में 14 साल के कपिल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। घटना गांव कारब के पास रविवार रात करीब 9 बजे की है। हादसे की सूचना मिलते ही थाना महावन के निरीक्षक सुधीर कुमार और सीओ महावन संजीव कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कपिल की मौत की खबर सुनकर परिजनों और ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने काफी समझाने-बुझाने के बाद जाम खुलवाया। पढ़िए पूरी खबर कानपुर में चोरी का बच्चा बरामद; मजदूर दंपती को शराब पिलाकर चोरी कर लिया था डेढ़ महीने का बच्चा, CCTV से पकड़े गए कानपुर की नौबस्ता पुलिस ने शराब पिलाकर मजदूर दंपती का डेढ़ महीने का बच्चा चोरी करने वाले शातिर अपराधी और उसकी साथी महिला को अरेस्ट कर लिया है। दोनों ने दिवाली से ठीक पहले बच्चा बेचकर मोटी कमाई के लालच में चोरी किया था। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से आरोपी पिंटू और कुसुमा दोनों को अरेस्ट कर लिया और बच्चे को बरामद कर लिया। डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया- कानपुर देहात के अकबरपुर कोतवाली इलाके के आफताब और उसकी पत्नी शाहीन मजदूरी करते हैं। दोनों काम की तलाश में 12 अक्टूबर को घंटाघर गए थे। जहां उन पर आरोपियों की नजर पड़ी। गोद में डेढ़ माह का दुधमुहां बच्चा था। पढ़िए पूरी खबर

‘मेरा बेटा मेरी सूरत नहीं देखना चाहता’:बुजुर्ग शकुंतला बोलीं- बच्चों ने घर से निकाल दिया, अब तो वृद्धाश्रम में मनाएंगे दिवाली

‘मेरा बेटा मेरी सूरत नहीं देखना चाहता’:बुजुर्ग शकुंतला बोलीं- बच्चों ने घर से निकाल दिया, अब तो वृद्धाश्रम में मनाएंगे दिवाली जिस बेटे को आंखों का तारा बना कर रखा उसी ने बुढ़ापे में बेघर कर दिया। अब ना तो बेटा हमारा रहा और ना ही घर। भगवान ऐसे दिन किसी को ना दिखाएं। अब कभी याद भी नहीं करता है। ये दर्द है रामलाल वृद्धाश्रम में रहने वाली बुजुर्ग शकुंतला देवी के। वह अकेली महिला नहीं हैं जिसे अपनों का इंतजार हैं। यहां आश्रम में रहने वाले कई बुजुर्ग हैं जिन्हें अपनों ने ठुकराया है। लेकिन अब वह यहां खुशी हैं लेकिन आंखों में आंसू जरूर त्योहारों पर छलक उठते हैं। आश्रम में इस दीपावली बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान तो थी, लेकिन दिल में गहरी उदासी थी। बुजुर्ग शकुंतला देवी ने कहा- बेटा शराब का आदी है। मुझे और मेरे पति श्यामलाल खंडेलवाल को 2-2 दिन तक भूखा प्यासा रखता था। खाना नहीं देता था। हमें घर से निकाल दिया। और बोला- अपनी सूरत भी मत दिखाना। अब तो वह हमें याद तक नहीं करता। उन्होंने कहा- मैं और मेरे पति श्यामलाल अब काम बहुत मुश्किल से कर पाते हैं। अब दर्द को नहीं सह पाते हैं। अब तो यहीं परिवार लगने लगा है राजेश ने कहा- मुझे और मेरी पत्नी को कोई उम्मीद नहीं है कि हमारा बेटा आएगा। हमें नहीं लगता कि उसे हमारी याद आती है। इसलिए इस दीपावली हम अपने साथी आश्रमवासियों के साथ ही त्योहार मनाएंगे। यही अब हमारा परिवार है। 12 साल से अपनों के आने का कर रही हूं इंतजार राधारानी गोयल ने कहा- 12 सालों में कोई आया नहीं तो अब क्या आएंगे। अब तो ये ही है हमारा परिवार। वृद्धाश्रम में मौजूद बुजुर्गों ने मिलकर दीये जलाए। एक-दूसरे को “शुभ दीपावली” की शुभकामनाएं दीं और अपनापन महसूस किया। लगभग 350 बुजुर्ग इस साल आश्रम में ही दीपावली मना रहे हैं।

प्रेमानंद की ज्ञानानंद महाराज से मुलाकात,VIDEO:ब्रह्मलीन होने की अफवाह फैली, हाल जानने पहुंचे हरियाणा के गीता मनीषी; संत ने चरण धोकर किया स्वागत

प्रेमानंद की ज्ञानानंद महाराज से मुलाकात,VIDEO:ब्रह्मलीन होने की अफवाह फैली, हाल जानने पहुंचे हरियाणा के गीता मनीषी; संत ने चरण धोकर किया स्वागत वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज और हरियाणा के संत गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज की भेंट का वीडियो अनुयायियों में श्रद्धा का केंद्र बना है। इसमें ज्ञानानंद महाराज वृंदावन में प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य हाल पूछने गए। वहां संत ने चरण धोकर और दंडवत होकर स्वागत किया। वृंदावन की इस मुलाकात पर ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि प्रेमानंद महाराज एक ऐसे संत हैं, जिन्होंने समाज में नाम और भक्ति के प्रति गहरा भाव जगाया है। उन्होंने बताया कि जब वह वृंदावन पहुंचे तो प्रेमानंद महाराज ने बहुत ही विनम्रता के साथ उनका स्वागत किया। ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को जानने के लिए ही वह वृंदावन गए थे। वहां जाकर पता चला कि वह थोड़ा अस्वस्थ हैं, लेकिन वह मानसिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा, “जब हम उनसे मिले तो उन्होंने गहरे भाव दिखाए, और हमें लगा कि यह उनका बड़प्पन है। जब संत अपने किसी भाव की स्थिति में होते हैं तो उनकी विनम्रता और भी बढ़ जाती है। प्रेमानंद महाराज का यही स्वभाव उनकी महानता को दर्शाता है।” प्रेमानंद से मुलाकात पर क्या बोले गीता मनीषी गीता के भाव पर हुई सात्विक चर्चा, समाज में सरल भाषा में गीता प्रचार पर हर्ष
ज्ञानानंद महाराज ने बताया कि उस समय वहां कई संत उपस्थित थे। चर्चा के दौरान प्रेमानंद महाराज ने कहा कि आप समाज में सरल भाषा में गीता का प्रचार कर रहे हैं, यह अत्यंत सराहनीय कार्य है। गीता के एक भाव पर सात्विक चर्चा भी हुई। दोनों संतों ने भगवत गीता के संदेशों को आज के समाज में लागू करने के महत्व पर विचार साझा किए। ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि उन्होंने प्रेमानंद महाराज के उत्तम स्वास्थ्य के लिए भगवान से विशेष प्रार्थना भी की। भगवान उन पर कृपा बनाए रखें और वे शारीरिक रूप से भी जल्द स्वस्थ हों, क्योंकि मानसिक रूप से वे पूर्णत: संतुलित और दृढ़ हैं। गीता मनीषी ने कहा- 20 को मनाएं दीवाली, 21 रात को अमावस्या का अंश नहीं
करनाल पहुंचे गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि कार्तिक मास में पांच दिनों का समय हनुमान जयंती, धनतेरस, दीवाली, अन्नकूट और भैया दूज, ये पांचों दिन विशेष माने जाते हैं। कभी कभी ऐसा हो जाता है कि अपने यहां त्योहारों का जो भाव होता है, वो केवल एक तारीख को लेकर नहीं होता। अपने यहां त्योहार तिथियों के अनुसार होता है और तिथियों में बहुत कुछ देखा जाता है, जिसमें नक्षत्र, लगन, ग्रह व अन्य कुछ बातों का ध्यान रखा जाता है। जहां तक दीवाली की बात है, वह 20 अक्टूबर को ही है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि हम अपने त्योहारों की एक कसौटी बना लें तो बहुत अच्छा रहेगा। जहां का जो त्योहार है यानी केंद्र वहां पर किस दिन त्योहार मनाया जा रहा है, उसके हिसाब से मनाएं। अयोध्या में 20 को ही दीवाली है, क्योंकि 21 अक्तूबर को रात को अमावस्या का अंश नहीं है। सोशल मीडिया और एआई पर बोले- हमारी संस्कृति में कुछ भी आर्टिफिशियल नहीं’
सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सवाल पर स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया और एआई का दौर है, लेकिन हमारी संस्कृति में तो कुछ भी आर्टिफिशियल नहीं है। हम सनातन धर्मी हैं और वास्तविकता में जीने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा- हमारी परंपराओं और ग्रंथों में सबकुछ सत्य और अनुभव पर आधारित है। जो लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक प्रचार करते हैं और नकारात्मक वातावरण बनाते हैं, उन्हें स्वयं पर ग्लानि होनी चाहिए। ज्ञानानंद महाराज ने यह भी कहा कि एआई के माध्यम से जो भ्रामक समाचार प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर फैलाए गए, वे अत्यंत निंदनीय हैं। इस तरह के झूठे प्रचार किसी के भी प्रति नहीं होने चाहिए, लेकिन जब यह किसी महापुरुष के बारे में किया जाए तो यह और भी बड़ा अपराध है। प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनियां फेल, रोज डायलिसिस
प्रेमानंद महाराज पॉलिसिस्टिक किडनी डिजीज (PKD) जैसी गंभीर जेनेटिक बीमारी से जूझ रहे हैं। इस बीमारी के कारण उनकी दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं, और रोजाना डायलिसिस कराना पड़ता है। ताकि शरीर का खून साफ किया जा सके। यह स्थिति पिछले लगभग दो दशकों से बनी हुई है। उन्होंने अपनी किडनियों को ‘राधा’ और ‘कृष्णा’ नाम दिए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी शेष जीवन संभाव्यता पहले केवल 2 से ढाई साल बताई गई थी, परंतु उनकी सकारात्मक सोच ने उन्हें वर्षों तक जीवित और मानसिक रूप से शांत बनाए रखा है। हालांकि, हाल ही में कुछ अफवाहें फैल गई थीं कि वग गंभीर रूप से बीमार हैं या ब्रह्मलीन हो गए हैं। इन अफवाहों का खंडन करते हुए, प्रेमानंद महाराज ने स्वयं कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। हाल ही में, उन्होंने वृंदावन के राधा केली कुंज आश्रम से लगभग 200 मीटर की पदयात्रा की, जिससे उनके भक्तों को दर्शन मिल सके और अफवाहों को विराम मिला।

अखिलेश बोले- भाजपा मंदिरों के खजाने तो छोड़ दे:फलाहारी बाबा ने की CBI जांच की मांग, बांके बिहारी के खजाने में खाली मिले बॉक्स

अखिलेश बोले- भाजपा मंदिरों के खजाने तो छोड़ दे:फलाहारी बाबा ने की CBI जांच की मांग, बांके बिहारी के खजाने में खाली मिले बॉक्स वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के तोशाखाने में खाली संदूक और आभूषणों के खाली डिब्बे मिलने का मामला राजनैतिक रंग लेने लगा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने X पर लिखा- भाजपा सरकार से करबद्ध आग्रह है कि कम से कम मंदिरों के खजाने तो छोड़ दें। इतना लालच अच्छा नहीं। वहीं, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी ने सीएम योगी को लेटर लिखकर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। बांके बिहारी खजाने को लेकर किन-किन लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी, उनके बारे में विस्तार से जानते हैं। सबसे पहले जानते हैं कि बांके बिहारी मंदिर के खजाने में पहले और दूसरे दिन क्या-क्या मिला। 18 अक्टूबर को पहले दिन क्या हुआ? बांके बिहारी मंदिर का खजाना 54 साल बाद 18 अक्टूबर को खोला गया। ये खजाना 160 साल पुराना है। खजाने के गेट को खोलने से पहले दिनेश गोस्वामी ने दीपक जलाया। इसके बाद अफसरों की मौजूदगी में दरवाजे को ग्राइंडर से काटा गया। फिर, खजाने की पहचान के लिए तय कमेटी के सारे मेंबर एक-एक करके अंदर गए। कमेटी में सिविल जज, सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, सीओ वृंदावन, सीओ सदर और चारों गोस्वामी शामिल रहे। सभी ने मास्क लगाकर एंट्री की। टीम को शनिवार की सर्चिंग में 2 बक्से (एक लोहे और दूसरा लकड़ी का) और 3 कलश मिले हैं। लकड़ी के बक्से के अंदर ज्वेलरी के छोटे-बड़े कई खाली डिब्बे मिले। 4-5 ताले भी निकले हैं। बक्से में 2 फरवरी, 1970 का लिखा हुआ एक पत्र और एक चांदी का छोटा छत्र भी मिला था। अगले दिन 19 अक्टूबर को क्या मिला? रविवार को दूसरे दिन भी खजाना खोला गया। लॉक मुख्य दरवाजे को ग्राइंडर से काटने के बाद टीम और कमेटी अंदर गई। यहां सीढ़ियों के जरिए नीचे जाने वाला तहखाना मिला। खजाने में मुख्य दरवाजे के अंदर बने एक कमरे में लकड़ी के दो संदूक मिले, एक बड़ा और दूसरा छोटा। इस संदूक में कई बर्तन, कीमती नग और सिक्के मिले थे। कमरे में लकड़ी का लगभग एक मीटर लंबा और 4 मीटर चौड़ा बक्सा मिला। जिसमें सोने की चमचमाती छड़ी और गुलाल लगी हुई चांदी की 3 छड़ें मिलीं। टीम सीढ़ियों से नीचे उतरकर तहखाने में भी गई। एक-एक करके कमेटी के सभी सदस्य तहखाने में उतरे। तहखाना एकदम साफ मिला। वहां कुछ भी नहीं मिला। ठाकुर जी इन छड़ियों से होली खेलते थे खजाने के बारे में दिनेश गोस्वामी ने बताया- नीचे तहखाने तक सब क्लियर हो गया है। जो छड़ियां मिली हैं, उन्हें देखकर ऐसा लग रहा है कि मानो ठाकुर जी ने होली में चांदी की छड़ियों से रंग खेला होगा। होली के 4-5 दिन बाद धुरेली पर सोने की छड़ी धारण की होगी। अब जानते हैं, बांके बिहारी खजाने को लेकर किन-किन लोगों ने रिएक्शन दिया… अखिलेश यादव बोले- भाजपा सरकार मंदिरों के खजाने तो छोड़ दे बांके बिहारी मंदिर में लकड़ी के बक्से और ज्वेलरी के छोटे-बड़े लगभग सभी खाली डिब्बे मिले। इस पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए भाजपा सरकार पर तंज कसा। सपा प्रमुख ने पोस्ट में लिखा- भाजपा सरकार से करबद्ध आग्रह है कि कम से कम मंदिरों के खजाने तो छोड़ दें। इतना लालच अच्छा नहीं। फलाहारी बाबा बोले- पहले के मंदिर व्यवस्थापकों की संपत्ति जांचे मंदिर में कई वर्षों की दान की गई संपत्ति नहीं मिलने से गोवर्धन-श्रीकृष्ण जन्म भूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा। फलाहारी बाबा ने कहा- मंदिर में भक्तों, राजा-महाराजाओं और आमजन ने वर्षों से करोड़ों की संपत्ति, हीरे-जवाहरात और आभूषण दान किए थे। लेकिन, अब उनके अभिलेख और संदूक खाली मिले हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने सालों बाद खजाना खोले जाने की क्या जरूरत थी। इसके पीछे कौन लोग हैं। हमारी मांग है कि उस समय के मंदिर व्यवस्थापकों की संपत्ति की भी जांच की जाए। गोस्वामी ने खजाना खोले जाने की प्रक्रिया पर नाराजगी जताई खजाना खोले जाने की प्रक्रिया को लेकर अनंत गोस्वामी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लाइव के लिए टीवी नहीं लगाई गई। वीडियो रिकॉर्डिंग से क्या होगा? अनंत गोस्वामी से मीडिया ने सवाल पूछा- गोस्वामी जी, आप कमेटी के मेंबर हैं, आप क्यों बाहर हैं। इस पर गोस्वामी बोले- हमें शामिल ही नहीं किया गया। हमें क्या मीडिया को भी कवरेज नहीं करने दिया। आप लोगों के लिए लाइव चलना चाहिए था। अंदर क्या हो रहा है, ये हम लोगों का क्या पता। अंदर क्या निकल रहा है, क्या नहीं निकल रहा है। कैसे पता लगेगा। हम लोग भी अंदर नहीं जा पा रहे हैं। हमारे यहां होने का क्या मतलब है। मंदिर का जो पैसा है, उसे लाइव दिखाना चाहिए था। किस गोस्वामी को अंदर ले जाया गया है हमें कुछ पता ही नहीं है। कौन सी हाईपावर कमेटी अंदर गई है, किसी को नहीं पता। मनोज गोस्वामी बोले- गेट मत खोलो, अंदर दाढ़ी वाला नाग बैठा है मनोज गोस्वामी बोले- मंदिर की मर्यादा को मत तोड़ो। भक्तों को कोई परेशानी न हो। मंदिर की व्यवस्था बढ़िया से चलती रहे। हम हर तरह से तैयार है। 50 साल में कभी ये गेट नहीं खुला। ये पत्थर का गेट है। हम बचपन से सुनते आए हैं कि इसमें एक बड़ा विशाल दाढ़ी वाला नाग है। इसमें बिहारी जी का खजाना है। यहां मर्यादा भंग हो रही है, ये गेट खुलना नहीं चाहिए। ये कुबेर का खजाना है। ये हमारी चंदन वाली कोठी है। इस गेट को मत खोलो। आगे तुम्हारी मर्जी है। आज धन का दिन धनतेरस है। कुबेर का दिन है आगे तुम्हारी मर्जी है। …………………….. पढ़ें पूरी खबर… अयोध्या में योगी ने श्रीराम का रथ खींचा, VIDEO:राम मंदिर में CM ने दीप जलाए; काली बनीं कलाकार का तांडव अयोध्या में आज 9वां दीपोत्सव मनाया जा रहा है। सीएम योगी ने राम मंदिर में दीप जलाए। इसके बाद दीपोत्सव की शुरुआत की। इसी के साथ राम की पैड़ी पर दीये जलाने का काम शुरू हो गया है। इससे पहले साकेत महाविद्यालय से 22 झांकियां और शोभायात्रा निकाली गई। तीन किमी की दूरी तक कर शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंची। 22 झांकियों में 7 रामायण कांडों पर आधारित रहीं। अन्य झांकियां महाकुंभ, महिला शक्ति और यूपी सरकार की प्रमुख योजनाओं पर आधारित रहीं। मां काली के रौद्र रूप में असम से आए कलाकार ने जमकर तांडव किया। सड़क पर आग के गोलों में नृत्य किया। मुकुट से आग की लपटें निकलीं तो लोग दंग रह गए।…पढ़ें पूरी खबर

अखिलेश भैया ने गला दिए सोने के मुकुट:बृजभूषण बाबा ने राजभर को लपेटा, SP साहब ने हीरो लुक में मारी एंट्री

अखिलेश भैया ने गला दिए सोने के मुकुट:बृजभूषण बाबा ने राजभर को लपेटा, SP साहब ने हीरो लुक में मारी एंट्री ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें… आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है….

पति की नौकरी के लिए लेटकर परिक्रमा का VIDEO:महिला बोली- हर बार 1-2 नंबर से चूक जाते थे; मनोकामना मानी तो टीचर बन गए

पति की नौकरी के लिए लेटकर परिक्रमा का VIDEO:महिला बोली- हर बार 1-2 नंबर से चूक जाते थे; मनोकामना मानी तो टीचर बन गए प्रयागराज की विद्योत्तमा सिंह अपने पति के लिए चित्रकूट में विशाल कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर रही हैं। यह परिक्रमा चलते हुए नहीं, लेटकर कर रही हैं। वजह ,हैं उनके पति। विद्योत्तमा और श्याम नंदन सिंह पटेल की शादी 2012 में हुई थी। 2014 में एक बेटा भी हो गया। श्याम एमए-बीएड करने के बाद भी बेरोजगार थे। भर्ती निकलती तो कभी 1 नंबर से तो कभी 2 नंबर से छंट जाते थे। सिलेक्शन ही नहीं होता था। 2019 में विद्योत्तमा सिंह ने चित्रकूट में भगवान कामतानाथ के सामने हाथ जोड़े। मनोकामना मांगी कि पति की नौकरी लग जाएगी, तो मैं कामदगिरि पर्वत की तीन बार लेटकर परिक्रमा करूंगी। भगवान ने सुन लिया। नवंबर, 2021 में टीजीटी के जरिए टीचर बन गए। विद्योत्तमा की मनोकामना पूरी हो गई। पति के टीचर बनते ही विद्योत्तमा ने पहली बार परिक्रमा की। इसके बाद अब फिर से परिक्रमा कर रही हैं। विद्योत्तमा सिंह कहती हैं- हमारे बीच कभी कोई झगड़ा नहीं हुआ। हम प्रेम से रहते हैं। टीवी-अखबार में पति-पत्नियों के झगड़े देखते हैं, तो अजीब लगता है। हम तो यही चाहते हैं कि सब पति-पत्नी हमारे जैसे मिल-जुलकर रहें। विद्योत्तमा ने परिक्रमा के दौरान अपनी बातों को हमारे साथ साझा किया है। देखिए VIDEO…

यूपी में तंत्र क्रिया के लिए उल्लुओं की तस्करी:स्टिंग में देखिए सौदा; कैसे और कहां से लाते हैं, इसका पूरा खुलासा

यूपी में तंत्र क्रिया के लिए उल्लुओं की तस्करी:स्टिंग में देखिए सौदा; कैसे और कहां से लाते हैं, इसका पूरा खुलासा ‘ये देखिए… उल्लू, पैर बंधा नही है, निकालते समय सावधानी बरतिए। पैर बांध देना… नहीं तो उड़ जाएगा। उल्लू से बहुत बड़ी पूजा होती हैं। अपनी बलाएं लोग इसको दे देते हैं।’ ये कहना है शिकारियों का। दीपावली पर बलि के लिए ये उल्लू की तस्करी कर रहे हैं। तांत्रिक और अमीर लोग इनके बड़े ग्राहक हैं। ये एक उल्लू के 2000 से लेकर 1 लाख रुपए तक ले लेते हैं। हालांकि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत उल्लू पकड़ना, बेचना-खरीदना और बलि देना गैरकानूनी है। ऐसा करने पर 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। इसके बाद भी यूपी में उल्लू की तस्करी दीपावली के 1 महीने पहले से शुरू हो गई। यह दिवाली पर महालक्ष्मी पूजा तक चलती रहेगी। उल्लुओं की तस्करी के इस खेल को समझने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने कुशीनगर, लखनऊ, उन्नाव, गोरखपुर, बनारस में 10 दिन तक इन्वेस्टिगेशन किया। पढ़िए, पूरा खुलासा… हमने सबसे पहले उल्लुओं की बिक्री को लेकर यूपी के महराजगंज, कुशीनगर और गोरखपुर के साथ बिहार के बगहा तक पता किया। कुशीनगर से 35 किमी दूर रामकोला में पक्षियों का शिकार करने वाले कुछ बहेलियों से हमने बात की… शिकारी ने हमें मेहंदीगंज (कुशीनगर) बुलाया… रिपोर्टर: भाई जी… नमस्कार, पक्षी चाहिए… मिल जाएगा क्या? मंजूर: आप कौन, कहां से…? रिपोर्टर: मैं शिवम पडरौना से…। मंजूर: हां, मिल जाएगा… 9 बजे मेहंदीगंज पहुंचिए… वहीं मिलकर बात होगी। हम 9 बजे पहुंचे। 1 घंटे चौराहे पर इंतजार के बाद मंजूर आया। उसने चौक पर लगे RO के पास बुलाया। वह हमें चाय की दुकान पर ले गया। मंजूर (दुकान पर बैठते हुए): तब का कह रहे हैं? रिपोर्टर: हमारे रिश्तेदार हैं, उनको पूजापाठ करना है। उल्लू की डिमांड है… मिल जाएगा क्या…? मंजूर: मिल जाएगा… लेकिन पैसा ज्यादा लगेगा। रिपोर्टर: कितना…? मंजूर: 1000 रुपए से कम नहीं लेंगे… 100-200 ज्यादा भी हो सकता है। रिपोर्टर: ठीक है दे दिया जाएगा। मंजूर: ठीक है… चलिए, आज ही करा देता हूं। रिपोर्टर: भैया, जल्दी करिएगा… क्योंकि संतकबीरनगर रिश्तेदार के यहां पहुंचाना है। मंजूर: ठीक है… हम बतिया ले रहे… मिल जाएगा। रिपोर्टर: पूजा में और क्या लगता है? मंजूर: पूजा-पाठ में परेवा (कबूतर), उल्लू लगते हैं। (फिर उसने किसी को फोन लगाया) मंजूर (फोन पर): सद्दाम हैं क्या…? बाबू, जो उल्लू पकड़े थे… वे हैं कि भाग गए….? एक भाई आए हैं… अर्जेंट है…। शाम तक पकड़कर दे दो… 100% मान लें… ठीक है…। रिपोर्टर: हो जाएगा? मंजूर: हां, आप जाइए…। जब फोन करेंगे तो आ जाइएगा, शाम को… हमने उससे कह दिया है कि एडवांस मिल गया है। जब आएगा, तो दे दिया जाएगा। रिपोर्टर: कहां मिलता है… बाहर से आएगा क्या? मंजूर: यहीं मिलेगा, लेकर आप चले जाइएगा… बोरे में व्यवस्था हो जाएगी। रिपोर्टर: कोई दिक्कत तो नहीं होगी…? मंजूर: नहीं, इतना बड़ा-बड़ा काम करते हैं, कोई दिक्कत नहीं होती। आपका तो छोटा-सा काम है…। जाइए, शाम को आइएगा। मंजूर के बताए समय पर हमने शाम को फोन किया तो उसने बताया- लड़का काम करने गया है, थोड़ी देर में आइए। जब थोड़ी देर बाद हम मौके पर पहुंचे तो मंजूर नहीं मिला। फोन पर बोला कि उल्लू पकड़ा नहीं जा सका है। आप वापस जाइए…। कल सुबह आपको उल्लू मिल जाएगा। इसके बाद रात 9:30 बजे मंजूर ने फोन किया। बोला- उल्लू मिल गया है, ले जाइए। नहीं तो सुबह 6 बजे ले जाना। 4 शिकारी एक झोला लेकर उल्लू डिलीवर करने आए सुबह 6 बजे हम कुशीनगर से 25 किलोमीटर दूर पहुंचे और मंजूर को फोन लगाया। वह बोला- वहीं रुकिए, सामान भेज रहा हूं। फिर उसने एक लड़के को कॉन्फ्रेंस पर लिया और उससे बात कराई। उसने चाय की दुकान पर बुलाया, हमने पूछा कि कोई दिक्कत होगी तो… क्योंकि भीड़ अधिक होती है। उसने कहा- कोई दिक्कत नहीं होगी। हम चाय की दुकान से कुछ दूर खड़े हो गए। तभी 4 लोग एक झोला लेकर हमारी तरफ आते दिखे। एक ने अपना नाम आमिर हसन बताया। रिपोर्टर: अरे भाई, कोई दिक्कत हो जाएगी…? आमिर: कोई दिक्कत नहीं होगी। रिपोर्टर: दिखाइए…। आमिर : पैर बंधा नहीं है, निकालते समय सावधानी बरतिए। साथ आया व्यक्ति बोला पैर बांध दो… नहीं तो इन लोगों से उड़ जाएगा। रिपोर्टर: इसका होता क्या हैं. बलि दी जाती हैं क्या..? आमिर का साथी: इससे बहुत बड़ी पूजा होती है। आमिर: अपनी बलाएं लोग इसको देकर पूजा कर उड़ा देते… इसको पूजा में सम्मिलित करना बड़ा ही कारगर होता है। आमिर: पैसा दीजिए…। रिपोर्टर: कितना…? आमिर: 2000 रुपए। रिपोर्टर: बात तो 1000 रुपए की हुई थी…? आमिर: अरे, बड़ी मेहनत और रिस्क होता है, साथ ही यह अपने पंजे से मारकर घायल कर देता है। रिपोर्टर: पकड़ते कैसे हो…? आमिर का साथी: बहुत बड़ी जाल है… चवर इलाके में लगा दिया जाता… ये दिन में नहीं, सिर्फ रात को मिलते हैं। पूरी रात 5 लोग जागते रहे। आमिर: सबकी मजदूरी भी देंगे तो 400 रुपए प्रति आदमी के हिसाब से 2000 रुपए हुए। रिपोर्टर: क्या आस-पास कोई जंगल है…? आमिर: नहीं, 7 किलोमीटर का चवर (लो-लैंड की ऊसर भूमि) है। वहां बहुत से बाहरी पक्षी आते हैं… खतरा तो है लेकिन लालधर और अन्य जो भी बाहरी पक्षी खाने के शौकीन हैं, उनके लिए कुछ मायने नहीं रखता… इधर उनकी डिमांड भी है। हमने 2000 रुपए दिए लेकिन उल्लू नहीं लिया स्टिंग कर हमारा उद्देश्य यह बताना था कि बलि देने के लिए उल्लुओं को बेचा और खरीदा जा रहा है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 का पालन करते हुए हमने उल्लू नहीं खरीदा। हालांकि शिकारियों को 2000 रुपए दे दिए। इस पर आमिर ने कहा– पैसे वापस नही होंगे और शाम तक आप नहीं आए तो इसे उड़ा दूंगा। इस पूरी बातचीत से यह साफ हो गया कि प्रतिबंधित पक्षियों का शिकार जाल और अन्य तरीके से हो रहा है। दीपावली पर उल्लुओं की डिमांड है। क्या उल्लू की तस्करी यूपी में और जिलों में भी हो रही है? इसके जवाब के लिए हमने राजधानी लखनऊ में इन्वेस्टिगेशन किया। यहां हम पुराने लखनऊ में पक्षी बेचने वालों और एक्वेरियम बेचने वालों की दुकानों पर पहुंचे। यहां कुछ दुकानदारों ने उल्लू दिलाने की बात कही। रिपोर्टर: उल्लू चाहिए? दुकानदार 1: मिल जाएगा। 2 हजार रुपए लगेंगे। अभी नहीं है, अगर होगा तो करा देंगे। रिपोर्टर: आज ही मिल जाएगा? दुकानदार 1: हम कह देंगे किसी से, तो वो घर पहुंचा देगा। दुकानदार 2: कितने चाहिए…? एक या दो। रिपोर्टर: एक ही चाहिए। दुकानदार 1: हम पूछकर देख लेते हैं, अगर रखा होगा तो आज ही दे देंगे। रिपोर्टर: कितना बड़ा होता है? दुकानदार 1: इतना बड़ा होता है। हल्की-सी सफेदी होती है। रिपोर्टर: पहले तो आसानी से मिलते थे? दुकानदार 2: कोई दुकानदार आपको जानता है, तो फट से दे देगा। रिपोर्टर: एडवांस दे दें। दुकानदार 1: एडवांस की बात नहीं। हम आपको सामान लाकर दे देंगे, आप पैसा दे दीजिए। बातचीत के बाद जब हम जाने लगे तो दुकानदारों ने हमें फिर बुलाया। हम वापस पहुंचे तो उन्होंने कहा- एक के पास उल्लू है। हम देखकर आते हैं, अगर होगा तो अभी दे देंगे। इसके बाद रात को फोन आया। दुकानदार ने कहा- उल्लू है, लेकिन 20 हजार रुपए लगेंगे। हमने लेने से इनकार कर दिया। उन्नाव में 5000 रुपए में बिक रहे उल्लू हम उन्राव जिले के आसीवन के मोहल्ला पीरजादा पहुंचे। यहां हमारी मुलाकात कल्लू, जाबिद, लियाकत और दानिश से हुई। इन्होंने उल्लुओं की तस्करी के बारे में विस्तार से बताया। कल्लू: उल्लू ऑर्डर पर मिलता है। ऑर्डर देने पर मंगवा दिया जाएगा। हमको ऑर्डर दे दो, हम मंगवा देंगे। रिपोर्टर: कब तक मिल जाएगा? कल्लू: कम से कम 8 से 10 दिन तो लगेंगे। उल्लू बहुत काम में आता है। नाखून बहुत काम में आते हैं। रिपोर्टर: कितने तक का मिल जाएगा? कल्लू: कम से कम 5 हजार का। हम यहीं मिलेंगे, यहीं मेरा मकान है। अपना एड्रेस, फोन नंबर और कुछ एडवांस पैसे दे दो। रिपोर्टर: देख लीजिए आप। कल्लू: अभी एक उल्लू था। एक औरत आई थी, उसके कहने पर पकड़ा था। वह 8 हजार का खरीद कर ले गई। उसने 5 हजार एडवांस दिए थे। बातचीत से साफ हो गया कि यहां उल्लू बिक रहे हैं। हम 5000 रुपए में उल्लू खरीदने की डील फाइनल किए बगैर ही यहां से निकल लिए। वाराणसी के पंडित ने कहा- उल्लू है, लेकिन किसी और के लिए हमें वाराणसी के पंडित का मोबाइल नंबर मिला, जो दिवाली पर उल्लू की पूजा कराते हैं। जब हमने उनसे वॉट्सऐप पर कॉल किया तो पहले तो उन्होंने इनकार किया। फिर बोले- हमारे बहुत कांटेक्ट हैं, लेकिन दो-चार दिन का समय चाहिए। बहेलिया लोग हैं, वे पकड़ते हैं। उनसे संपर्क करना पड़ेगा। अभी हमारे पास है, लेकिन वो किसी और के लिए है। हमने मंगवाया है। अब जानिए, मान्यता और अंधविश्वास मान्यता है, महालक्ष्मी की सवारी उल्लू है। दीपावली की रात मां लक्ष्मी उल्लू पर सवार होकर आती हैं। शास्त्रों में उल्लू की पूजा का विधान है, लेकिन कुछ लोग अंधविश्वास के चलते लोग इसकी बलि देने लगे, जो गलत है। यह गलत धारणा है कि दीपावली के दिन उल्लू की बलि देने से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है। इसलिए दुर्लभ प्रजाति है उल्लू
उल्लू की प्रजनन दर कम होती है। एक बार अंडा देने के बाद पालन-पोषण में वक्त लगता है, इसलिए आबादी जल्दी नहीं बढ़ती। वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट की सूची में उल्लू शामिल है। इसलिए ये दुर्लभ प्रजाति हैं। उल्लू की आबादी बढ़ना जरूरी है, क्योंकि ये कीड़े और चूहे खाकर इनकी संख्या को नियंत्रित रखते हैं। उल्लू की तस्करी अपराध है
सीनियर एडवोकेट रवि शंकर पांडेय का कहना है कि उल्लू को पकड़ना, बेचना या मारना भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत पूरी तरह से गैरकानूनी है। इस कानून के उल्लंघन पर 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। वनरक्षक और रेंजर की टीम बनाई
लखनऊ वन विभाग के डीएफओ सितांशु पांडेय ने बताया- हमने आदेश बनवाया और मीटिंग भी की। इसमें सभी रेंजर्स को बताया कि उल्लू से संबंधित गतिविधियों को रोका जाए। इसके लिए दो वनरक्षक और रेंजर की टीम बनाई है। ये सूचना मिलते ही जाकर देखेंगे और जरूरी कार्रवाई करेंगे। ———————— ये खबर भी पढ़ें… दीपावली पर तांत्रिक परंपराएं और जीव बलि, उल्लू-कछुए जैसे जीवों के लिए क्यों काल बन जाती है अमावस्या की रात? दीपावली की रात तांत्रिक सिद्धियों के लिए जानी जाती है। मान्यता है, अमावस्या की रात तंत्र क्रियाओं से मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जा सकता है। यही वजह है कि कुछ खास जीव-जंतुओं के लिए यह रात जानलेवा साबित होती है। विशेषकर उल्लू और कछुए जैसे जीवों के लिए। इनको मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। पढ़ें पूरी खबर