मिठाई कारोबारी का बेटा, नामी डॉक्टर का दामाद:जानिए कौन है डेढ़ करोड़ की जगुआर से 6 लोगों को रौंदने वाला रचित मध्यान

मिठाई कारोबारी का बेटा, नामी डॉक्टर का दामाद:जानिए कौन है डेढ़ करोड़ की जगुआर से 6 लोगों को रौंदने वाला रचित मध्यान प्रयागराज में रविवार शाम प्रयागराज के राजरूपपुर इलाके में हुई भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। डेढ़ करोड़ की लग्जरी जगुआर कार से छह लोगों को कुचल देने वाला युवक कोई साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि शहर के नामी कारोबारी और प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखता है। हादसे के बाद जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, आरोपी की पहचान सामने आई जो रचित मध्यान है। वह शहर के प्रसिद्ध मिठाई व्यवसायी वासुदेव मध्यान का बेटा और कामधेनु स्वीट्स परिवार से जुड़ा है। मिठाई कारोबार से जुड़ा प्रतिष्ठित परिवार रचित मध्यान का परिवार प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के लूकरगंज इलाके में रहता है। उसके पिता वासुदेव मध्यान और चाचा इंदल मध्यान, दोनों शहर के चर्चित कामधेनु स्वीट्स प्रतिष्ठान के मालिक हैं। यह मिठाई कारोबार प्रयागराज में दशकों से जाना जाता है और इस परिवार का नाम शहर के समृद्ध व्यापारिक घरानों में शुमार है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस जगुआर एफ-पेस (Jaguar F-Pace) कार से यह दर्दनाक हादसा हुआ, वह भी लूकरगंज पते पर ही रजिस्टर्ड है। नामी डॉक्टर का दामाद रचित मध्यान की पहचान केवल एक कारोबारी परिवार के बेटे के रूप में ही नहीं, बल्कि एक प्रतिष्ठित मेडिकल फैमिली से भी जुड़ी है। वह प्रयागराज के नामी अस्पताल संचालक डॉ. एम.के. मदनानी का दामाद है। रचित की पत्नी अमृता मदनानी डर्मेटोलॉजिस्ट हैं और शहर में अपना क्लीनिक चलाती हैं। एलएलबी की पढ़ाई कर चुका, क्रिकेट टीम का कप्तान रचित ने एलएलबी की पढ़ाई की है और वह खुद को अधिवक्ता के रूप में परिचित कराता है। लेकिन कानून की पढ़ाई के साथ-साथ उसकी दिलचस्पी क्रिकेट में भी गहरी थी। वह एल्गिन क्लब इलाहाबाद क्रिकेट टीम का कप्तान है। रविवार को भी जब यह हादसा हुआ, तब रचित क्रिकेट मैच खेलकर लौट रहा था। 3.25 मिनट पर खत्म हुआ था मैच सूत्रों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे एल्गिन क्लब इलाहाबाद और चंद्रकला यूनिवर्सल प्राइवेट लिमिटेड के बीच मुकाबला हुआ था। मैच 3:25 बजे समाप्त हुआ और इसके लगभग 20 मिनट बाद रचित अपनी जगुआर कार लेकर वहां से घर लौटने लगा। इसी दौरान राजरूपपुर इलाके में उसने नियंत्रण खो दिया और यह भीषण दुर्घटना हो गई, जिसमें छह लोगों की जान चली गई। मैच हारने से था तनाव में? सूत्रों का कहना है कि जिस मैच से लौटते वक्त यह हादसा हुआ, उसमें रचित की टीम को 56 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। कप्तान होने के बावजूद रचित को बैटिंग का मौका नहीं मिला, जिससे वह बेहद निराश था। इससे पहले सुबह खेले गए मैच में उसने केवल 10 रन बनाए थे, हालांकि वह मैच उसकी टीम जीत गई थी। आशंका जताई जा रही है कि कहीं वह इस हार के चलते तनाव में तो नहीं था। कहीं इसी वजह से तो उसने तेज गति से कार चलाई, जिससे नियंत्रण खो बैठा। हादसे के बाद का घटनाक्रम प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद रचित मौके से भागा नहीं, बल्कि खुद को कार के अंदर बंद कर लिया था। लोग जब तक उसके पास पहुंचे, तब तक पुलिस भी मौके पर आ गई। पुलिस ने उसे कार से बाहर निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। फिलहाल पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया है और आगे की विवेचना जारी है। फिलहाल देर रात उसे कॉल्विन और फिर एसआरएन अस्पताल भेजा गया, जहां से उसे देर रात लखनऊ रेफर किया गया। शहर में चर्चा का विषय बना हादसा राजरूपपुर की यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि शहर में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार का बेटा, नामी डॉक्टर का दामाद और सामाजिक रूप से पहचान रखने वाला युवक, ऐसे व्यक्ति से हुई लापरवाही ने सबको हैरान कर दिया है। पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि हादसे के समय रचित नशे में था या नहीं। इसके लिए उसका ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर टोल फ्री:बिना टोल दिए निकल गई हजारों गाड़ियां, कम बोनस देने पर कर्मचारियों ने उठा दिए बूम बैरियर

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर टोल फ्री:बिना टोल दिए निकल गई हजारों गाड़ियां, कम बोनस देने पर कर्मचारियों ने उठा दिए बूम बैरियर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के कर्मचारियों ने दीपावली बोनस में कम मिलने पर कार्य बहिष्कार कर दिया। उन्होंने टोल के बूम बैरियर उठा दिए। इससे हजारों गाड़ियां बिना टोल दिए गुजर गईं। कर्मचारी टोल प्लाजा पर तैनात थे, लेकिन सबकुछ देखते रहे। सूचना पर पुलिस पहुंच गई, लेकिन वह भी कुछ न कर सकी। कंपनी अधिकारियों ने 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि का आश्वासन देकर स्थिति संभाली। रात 12 बजे से यहां फतेहाबाद टोल पर कार्य बहिष्कार शुरू हो गया। अब जानिए पूरा मामला
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के फतेहाबाद स्थित टोल प्लाजा के 21 कर्मचारी दीपावली का बोनस न मिलने पर हड़ताल करते हुए धरने पर बैठ गए। इससे शनिवार रात 12 बजे से टोल प्लाजा फ्री हो गया। वाहन बिना टोल दिए ही हजारों वाहन निकल गए। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर टोल संचालन का ठेका श्री साईं एंड दातार कंपनी देख रही है। कंपनी ने मार्च 2025 से ठेका संभाला था। दीपावली पर कर्मचारियों को 1100 रुपए का बोनस दिए जाने की जानकारी होते ही टोल प्लाजा के कर्मचारियों का आक्रोश भड़क गया। शनिवार रात 10 बजे से लखनऊ टोल पर कार्य बहिष्कार कर दिया। उन्होंने बूम बैरियर उठा दिए और गाड़ियों का टोल नहीं काटा। कर्मचारियों के प्रदर्शन की तस्वीरें 12 बजे से कर्मचारी वापस काम पर लौटे
बूम उठाए जाने के कारण आगरा की तरफ से जाने वाले वाहन बिना टोल टैक्स के गुजरने लगे। अधिकारियों ने कर्मचारियों से बात कर स्थिति संभाली। कार्य बहिष्कार की जानकारी होने पर फतेहाबाद टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने काम बंद करते हुए टोल के बूम खोल दिए। पिछले साल मिला था 5 हजार का बोनस
कर्मचारियों का कहना था कि पिछले वर्ष कंपनी ने पांच हजार रुपए का बोनस दिया था। इस बार उनके साथ धोखा किया जा रहा है। टोल फ्री की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने संपर्क किया, लेकिन बात नहीं बनी। व्यवस्था संभालने के लिए दूसरे टोल प्लाजा पर काम करने वाले कर्मचारियों को बुलाया गया, लेकिन उन्हें स्थानीय कर्मचारियों से कार्य नहीं करने दिया। पांच हजार से अधिक गाड़ियां बिना टोल के निकल गई
रविवार सुबह कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर कृष्णा जुरैल ने कर्मचारियों को 10 प्रतिशत वेतन बढ़ोत्तरी का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी रविवार सुबह 10 बजे काम पर लौटे आए। बताया जा रहा है कि लखनऊ की तरफ से आने वाले पांच हजार से अधिक गाड़ियां बिना टोल टैक्स के निकल गईं। तेज रफ्तार होने के फास्टैग नहीं हुआ स्कैन
प्रोजेक्ट मैनेजर जुरैल ने बताया- बूम हटाए जाने के बाद फास्टैग स्कैनर काम कर रहा था। तेज रफ्तार होने के कारण कई वाहनों के फास्टैग रीड नहीं हुए। नगद भुगतान देने वाले वाहन फ्री गुजर गए हैं। कितने वाहन फ्री गुजरे हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। एक तरफ का 665 रुपए टैक्स
एक्सप्रेसवे पर आगरा से लखनऊ तक का कार से एक तरफ का 665 रुपए टैक्स लगता है। टोल टैक्स एक्जिट प्वाइंट पर कटता है। लखनऊ से आगरा आने वाले वाहनों का टोल टैक्स आगरा में कटेगा, जबकि आगरा से लखनऊ जाने वाले वाहन का टोल लखनऊ टोल प्लाजा पर कटेगा। —————— ये खबर भी पढ़ें… प्रयागराज में जगुआर ने 8 को रौंदा, 1 की मौत:7 गाड़ियों को टक्कर मारी, कार का VIP नंबर-0070; लोग बोले- नशे में था प्रयागराज में दिवाली मार्केट में एक तेज रफ्तार जगुआर कार घुस गई। कार ने पहले 2 चार पहिया और 5 दो पहिया गाड़ियों में टक्कर मारी। इसके बाद 8 लोगों को रौंद दिया। इससे एक इलेक्ट्रीशियन की मौत हो गई। 4 लोगों की हालत गंभीर है, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में दो बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पढे़ं पूरी खबर…

सोनभद्र में चाचा ने भतीजे की गर्दन काटी, मौत:एक्सीडेंट में बेटे की हुई थी मौत,  चाचा को था भाई के परिवार पर जादू-टोना का शक

सोनभद्र में चाचा ने भतीजे की गर्दन काटी, मौत:एक्सीडेंट में बेटे की हुई थी मौत,  चाचा को था भाई के परिवार पर जादू-टोना का शक सोनभद्र में चाचा ने भतीजे की हत्या कर दी। रविवार शाम को भतीजा घर के दरवाजा पर मोबाइल चला रहा था। चाचा ने धारदार हथियार से हमला करते हुए उसकी गर्दन पर वार किया। युवक जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। पास खड़ी बहन ने भाई को बचाने की कोशिश की तो चाचा ने उस पर भी वार कर दिया। चाचा के वार से बचने के लिए वह दूर भागी। उसने चिल्लाते हुए परिवार के लोगों को पुकारा। लेकिन तबतक हमलावर फरार हो गया। खून से लथपथ घायल युवक को लेकर परिवार के लोग स्थानीय सीएचसी पहुंचे। यहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया- आरोपी के बेटे की मौत के बाद उसे अपने भाई के परिवार पर जादू-टोना कराए जाने का शक था। बेटे की मौत का बदला लेने के लिए उसने अपने भतीजे की हत्या की है। घटना दुद्धी थानाक्षेत्र के नगवा गांव की है। मृतक युवक का नाम जीत सिंह और उम्र 20 वर्ष है। आरोपी चाचा का नाम छोटू सिंह है। देखिए तीन तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला आरोपी के बेटे की कुछ महीनों पहले हुई थी मौत नगवा गांव में पंचू सिंह खरवार और छोटू सिंह खरवार सगे भाई हैं। छोटू सिंह के बेटे की 19 फरवरी 2025 को एक एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। गांववाले बताते हैं कि 18 फरवरी को पंचू सिंह के बड़े बेटे अजीत सिंह की शादी की सालगिरह थी। कार्यक्रम में आर्केस्ट्रा भी बुलाया गया था। कार्यक्रम खत्म होने के बाद अगले दिन छोटू सिंह का बेटा दिनेश सिंह आर्केस्ट्रा की कलाकारों को छोड़ने गया था। लौटते वक्त लीलासी गांव में बिजली के खंभे से टकराने से उसकी मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद छोटू सिंह अपने भाई के परिवार पर जादू-टोना कराकर बेटे को मारने का आरोप लगाने लगे। हालांकि, दिनेश सिंह की एक्सीडेंट में मौत के बाद गांव के लोगों ने पंचायत की। पंचायत ने तय किया कि पंचू सिंह, अपने भाई छोटू सिंह को पांच बिस्वा जमीन या एक लाख रुपए मुआवजा देंगे। लेकिन बताया जा रहा है कि पंचायत के फैसला को उन्होंने मान तो लिया लेकिन महज 10 हजार रुपए ही दिए। इससे वह लगातार नाराज चल रहे थे। बहन बोली- कंबल ओढ़कर चाचा आए और हत्या कर भाग गए मृतक की बहन सुनीता ने पुलिस को बताया- हम तीन भाई और एक बहन हैं। जिसमें वह दूसरे नंबर का था। हमें चाचा छोटू सिंह को कई महीनों से उनके परिवार पर शक था। चाचा आए दिन धमकी देते थे कि वह “घर का एक सदस्य लेकर रहेगा”। रविवार को मौका पाकर उन्होंने हमला कर दिया। वह कंबल ओढ़कर आए और भाई की हत्या कर फरार हो गए। सुनीता ने बताया कि वारदात के समय वह वहीं मौजूद थी। उसने कहा, “मैं भाई के पास ही खड़ी थी कि अचानक चाचा ने हमला कर दिया। जब मैंने बचाने की कोशिश की तो वह मेरे ऊपर भी टूट पड़ा। मैं किसी तरह जान बचाकर भागी और शोर मचाया, तब गांव वाले पहुंचे। तब तक चाचा भाग चुका था।” आरोपी पहले ही बोला था, आपका दूसरा लड़का जाएगा आरोपी चाचा छोटू सिंह अक्सर कहा करता था कि “मेरा दूसरा नंबर का लड़का जैसे गया है, वैसे ही तुम्हारे घर से भी मझला लड़का जाएगा।” वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी छोटू सिंह किसी ओझा के संपर्क में था और संभवतः उसी के प्रभाव में आकर उसने यह घटना अंजाम दी। पुलिस ने हथियार कब्जे में लिया घटना की जानकारी मिलते ही अमवार चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की सूचना थाना प्रभारी दुद्धी और क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार राय को दी। पुलिस ने मौके से धारदार हथियार बरामद किया गया है। ……………….. यह खबर भी पढ़ें बहन को धोखा दिया तो देवर का प्राइवेट पार्ट काटा:कमरे में सो रहा था, प्रयागराज में आधी रात भाभी ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया प्रयागराज में छोटी बहन को प्यार में धोखा देने पर भाभी ने चाकू से देवर का प्राइवेट पार्ट काट डाला। इसके बाद भाभी वहां से भाग निकली। देवर दर्द से छटपटाता रहा। शोर सुनकर परिजन भागते हुए आए। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। दरअसल, भाभी मंजू ने पूरी प्लानिंग के साथ आधी रात को देवर उमेश कुमार पर हमला किया। उमेश उस वक्त सो रहा था। तभी मंजू उसके कमरे में पहुंची और चाकू से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पढ़िए पूरी खबर

उन्नाव में महिला सिपाही की सड़क हादसे में मौत:अचानक बाइक फिसली, सिर में आई गंभीर चोट; ड्यूटी से लौटते समय हुआ हादसा

उन्नाव में महिला सिपाही की सड़क हादसे में मौत:अचानक बाइक फिसली, सिर में आई गंभीर चोट; ड्यूटी से लौटते समय हुआ हादसा उन्नाव में रविवार को सड़क हादसे में महिला सिपाही की मौत हो गई। महिला सिपाही जिला अस्पताल से एक नाबालिग लड़की का मेडिकल कराकर बाइक से लौट रही थीं। थाने से 30 किलोमीटर पहले सड़क पर बाइक फिसल गई। इस हादसे में महिला सिपाही को गंभीर चोट आई। मौके पर मौजूद लोगों ने एम्बुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस घायल महिला सिपाही को जिला अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 2018 बैच की महिला सिपाही मूलरूप से मऊ जनपद की रहने वाली थीं। दुर्घटना सफीपुर थाना क्षेत्र में हुई। अब पूरा मामला विस्तार से… रविवार सुबह 11 बजे महिला सिपाही प्रियंका यादव (29) बांगरमऊ थाने के एक नाबालिग लड़की का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए उन्नाव जिला अस्पताल गईं। देर शाम तक लड़की का मेडिकल नहीं हो सका। इसके बाद लड़की को वन स्टॉप सेंटर में रोक दिया गया। इसके बाद शाम साढ़े 7 बजे प्रियंका लड़की के गांव के ही सुहेल (55) पुत्र मो. इस्माइल के साथ बाइक से थाने के लिए निकलीं। थाने से 30 किलोमीटर दूर सफीपुर के जमलद्दीपुर चौराहे के पास उनकी बाइक फिसल गई। पुलिसकर्मी और अफसर अस्पताल पहुंचे
महिला सिपाही की मृत्यु की सूचना मिलने पर बांगरमऊ कोतवाली के पुलिसकर्मी और अधिकारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने प्रियंका की मौत पर दुख जताया। सफीपुर पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। प्रियंका यादव बरकोला थाना घोसी की रहने वाली थीं। 10 जून 2023 को उनकी शादी बब्लू के साथ हुई। जो उत्कर्ष फाइनेंशियल बैंक में कार्यरत हैं। उनकी एक साल की बेटी वैष्णवी है। प्रियंका अपनी बेटी के साथ बांगरमऊ में रहती थीं। पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि विभाग ने एक मेहनती और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही को खो दिया है। उन्होंने परिजनों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। ——————————– यह खबर भी पढ़ें बहन को धोखा दिया तो देवर का प्राइवेट पार्ट काटा, कमरे में सो रहा था, प्रयागराज में आधी रात भाभी ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया प्रयागराज में छोटी बहन को प्यार में धोखा देने पर भाभी ने चाकू से देवर का प्राइवेट पार्ट काट डाला। इसके बाद भाभी वहां से भाग निकली। देवर दर्द से छटपटाता रहा। शोर सुनकर परिजन भागते हुए आए। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। पढ़ें पूरी खबर…

प्रयागराज में जगुआर कार ने 8 को रौंदा:1 की मौत, गाड़ी का नंबर-0070; 7 गाड़ियों को भी टक्कर मारी

प्रयागराज में जगुआर कार ने 8 को रौंदा:1 की मौत, गाड़ी का नंबर-0070; 7 गाड़ियों को भी टक्कर मारी प्रयागराज में दिवाली मार्केट में एक तेज रफ्तार जगुआर कार घुस गई। कार ने पहले 2 चार पहिया और 5 दो पहिया गाड़ियों में टक्कर मारी। इसके बाद 8 लोगों को रौंद दिया। इससे एक इसेक्ट्रीशियन की मौत हो गई। 4 लोगों की हालत गंभीर है, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिस जगुआर से यह हादसा हुआ, वह प्रयागराज के बड़े मिठाई कारोबारी कामधेनु स्वीट्स के परिवार की बताई जा रही है। इसी परिवार का एक युवक कार चला रहा था। वह भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, क्योंकि कार का एयर बैग नहीं खुला। हादसे के बाद पहुंची पुलिस ने युवक को भी अस्पताल में भर्ती कराया। हादसा धूमनगंज थाना क्षेत्र के राजरूपपुर इलाके में हुआ। जगुआर का गेट अंदर से लॉक कर बैठा रहा ड्राइवर
बताया जा रहा है कि जगुआर कार चला रहा युवक पूरी तरह से नशे में धुत था। हादसे के बाद वह बुरी तरहसे डर गया और कार के गेट अंदर से लॉक कर लिए। बाहर मौजूद लोग उससे गेट खोलने के लिए कहते रहे, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। जब पुलिस आई, तब युवक को बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे अस्पताल भेजा गया। जगुआर कार की कीमत 70 लाख से डेढ़ करोड़ के बीच है। अब तस्वीरें देखिए नशे में धुत था कार का ड्राइवर
घायलों में दो बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। दरअसल, दिवाली की खरीदारी को लेकर बाजार में काफी भीड़ थी। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने अचानक नियंत्रण खो दिया। पहले उसने आगे जा रही 3 गाड़ियों को को टक्कर मारी। इसके बाद लोगों को रौंद दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के वक्त गाड़ी रचित मध्यान चला रहा था। वह लूकरगंज का रहने वाला है और कामधेनु स्वीट्स के परिवार का सदस्य है। वह नशे में धुत था और अकेले ही गाड़ी चला रहा था। कार की स्पीड काफी ज्यादा थी। हालांकि, कार केएसएन फूड एलएलपी के नाम पर रजिस्टर्ड है। आरटीओ के दस्तावेजों में इसका पता 122 लूकरगंज दर्ज है। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। लोगों ने जगुआर कार में तोड़-फोड़ कर दी। गुस्साए लोगों ने राजरूपपुर चौराहे पर रोड जाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की। इस हादसे में मरने वाला प्रदीप पटेल इलेक्ट्रीशियन था। उसके परिजनों ने मृतक का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारी लोगों को शांत कराने में जुटे हैं। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से स्थिति को नियंत्रित कर यातायात बहाल किया। एक प्रत्यक्षदर्शी रामानंद अग्रहरि ने बताया कि जगुआर कार ड्राइवर बहुत ज्यादा नशे में था। करीब 100 की स्पीड से कार दौड़ा रहा था। गाड़ियों को टक्कर मारते हुए उसने 8 लोगों को रौंदा दिया। इसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कार ने पहले चौराहे पर कटलेट के ठेले में टक्कर मारी। इस दौरान दुकानदार और उसका 10 साल का बेटा घायल हो गया। एक आदमी अपने घर से सामान लेने निकाला था। उसे भी कार ने रौंद दिया। खबर लगातार अपडेट हो रही है बहन को धोखा दिया तो देवर का प्राइवेट पार्ट काटा:कमरे में सो रहा था, प्रयागराज में आधी रात भाभी ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया प्रयागराज में छोटी बहन को प्यार में धोखा देने पर भाभी ने चाकू से देवर का प्राइवेट पार्ट काट डाला। इसके बाद भाभी वहां से भाग निकली। देवर दर्द से छटपटाता रहा। शोर सुनकर परिजन भागते हुए आए। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। पढ़ें पूरी खबर…

हरदोई में बीच बाजार लड़की से बैड टच:धनतेरस पर पीछे-पीछे घूमा, पहले कमर पर हाथ लगाया, फिर सिर से सिर टकराया

हरदोई में बीच बाजार लड़की से बैड टच:धनतेरस पर पीछे-पीछे घूमा, पहले कमर पर हाथ लगाया, फिर सिर से सिर टकराया हरदोई में बीच बाजार में एक युवक ने लड़की से बैड टच किया। युवक लगातार लड़की का पीछा कर रहा था। इसी दौरान उसने पहले लड़की की कमर में हाथ लगाया। इसके कुछ देर बाद उसने हंसते हुए अपना सिर लड़की के सिर से टकराया। फिर मुस्कुराते हुए वहां से भाग गया। यह मामला धनतेरस वाली रात (18 अक्टूबर) का है, लेकिन वीडियो रविवार को सामने आया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे अच्छे से सबक सिखाया। इसके बाद युवक थाने से लंगड़ाते हुए बाहर आया। वह माफी मांगता रहा। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। मामला कोतवाली शहर इलाके का है। अब जानिए पूरा मामला… 18 अक्टूबर को धनतेरस वाले दिन शहर के सिनेमा रोड स्थित काशीनाथ ज्वेलर्स के पास बाजार में जबरदस्त भीड़ थी। यहां एक लड़की, अपनी पहचान वाले लड़के साथ घूमने आई थी। इसी दौरान वहां एक युवक उसका पीछा करने लगा। अश्लील हरकत कर बाइक से भागा आरोपी
वह लड़की के पीछे-पीछे चलता रहा। इसके बाद युवक ने लड़की की कमर पर पीछे से हाथ लगाया। इसके बाद आगे बढ़ गया। कुछ सेकेंड बाद वह लड़की के और करीब आ गया। हंसते हुए उसके सिर से अपना सिर टच कर दिया। इसके बाद वह मुस्कुराते हुए बाजार से बाहर निकल गया। अपनी बाइक स्टार्ट कर बाजार से भाग गया। दूध का कारोबार करता है आरोपी युवक
लड़की के पीछे चल रहे किसी शख्स से मोबाइल से युवक की हरकत को रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो पर पुलिस की नजर पड़ी, तो युवक की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। युवक की पहचान मतलूब (40) के रूप में हुई। वह हरदोई शहर का रहने वाला है और दूध का कारोबार करता है। थाने में ठीक से खड़ा नहीं हो पा रहा था
आरोपी युवक की मौके से एक बाइक भी बरामद हुई है। बाइक की नंबर प्लेट से अंतिम 4 अंक गायब थे। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने मतलूब को अच्छे सबक सिखाया। इसके बाद जब वह थाने से बाहर निकला, तो ठीक से खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। वह लंगड़ा रहा था। पुलिस से अपनी गलती की माफी मांग रहा था। कह रहा था- माफ कर दीजिए, अब दोबारा ऐसी गलती नहीं होगी। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया- आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, लोगों का कहना है कि मिशन शक्ति जैसे अभियान के बावजूद महिलाएं सड़क पर सुरक्षित नहीं हैं। यह पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है। ———————— ये खबर भी पढ़िए… महिला स्टेनो कोर्ट की छठी मंजिल से कूदी, मौत, कानपुर में नाना बोले- धक्का देकर हत्या की, 4 महीने पहले नौकरी लगी थी कानपुर कोर्ट में छठी मंजिल से कूदकर महिला स्टेनो ने जान दे दी। महिला के गिरते ही कोर्ट परिसर में भगदड़ मच गई। पुलिसकर्मियों ने लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ी महिला को अस्पताल पहुंचाया।जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि महिला किसी मामले की पैरवी को लेकर लंबे समय से परेशान चल रही थी। इसी के चलते उसने यह कदम उठाया। मृतका के नाना ने कोर्ट के कर्मचारियों पर हैरेसमेंट का आरोप लगाया। उनका कहना है कि 4 महीने पहले ही नातिन की नौकरी लगी थी। उसने अपनी मां को कॉल करके सब बताया था। पढ़िए पूरी खबर…

केशव मौर्य-ब्रजेश पाठक नाराज, अयोध्या नहीं गए:राज्यपाल भी नहीं गईं, दीपोत्सव के विज्ञापन में नाम नहीं छपा था

केशव मौर्य-ब्रजेश पाठक नाराज, अयोध्या नहीं गए:राज्यपाल भी नहीं गईं, दीपोत्सव के विज्ञापन में नाम नहीं छपा था अयोध्या दीपोत्सव में योगी सरकार के दोनों डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक शामिल नहीं हुए। दोनों ने रविवार का अपना अयोध्या दौरा कैंसिल कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या दीपोत्सव के विज्ञापन में दोनों डिप्टी सीएम का नाम नहीं छपा था। इससे दोनों डिप्टी सीएम नाराज हो गए। दोनों ने इसकी जानकारी पार्टी के प्रदेश और शीर्ष नेतृत्व को भी दी। इसके अलावा, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी अपना अयोध्या दौरा कैंसिल कर दिया। बताया जा रहा है कि उनका भी न तो विज्ञापन में नाम छपा था और न ही भूमिका तय थी। ऐसे में सीएम योगी अकेले ही अयोध्या पहुंचे। दीपावली पर इस घटनाक्रम ने योगी सरकार की गुटबाजी और खींचतान को सामने ला दिया। दरअसल, अयोध्या दीपोत्सव के लिए यूपी सरकार की ओर से जारी विज्ञापन शनिवार को सभी अखबारों में छपा था। इसमें पीएम मोदी और सीएम योगी की फोटो छपीं। इसके अलावा कृषि मंत्री एवं अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह का नाम भी छपा। विज्ञापन को लेकर मचे बवाल के बाद लखनऊ में सूचना विभाग के अफसरों ने तर्क दिया। कहा कि सूर्यप्रताप शाही अयोध्या के प्रभारी मंत्री हैं। इसलिए उनका नाम छपा है। जबकि कार्यक्रम का नोडल विभाग संस्कृति विभाग है, इसलिए जयवीर सिंह का नाम छपा। वहीं, दूसरी तरफ अयोध्या के प्रशासनिक सूत्रों ने भास्कर को बताया कि उन्होंने तीनों के नाम न होने की जानकारी शीर्ष अधिकारियों को दी थी। हालांकि, उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अखिलेश का तंज- अबकी बार, डिप्टी सीएम बाहर
इस मामले पर अखिलेश यादव ने भी तंज कसा। उन्होंने X पर एक के बाद एक दो पोस्ट किए। पहले लिखा- जनता पूछ रही है कि यूपी भाजपा सरकार में ‘उप-मुख्यमंत्री’ के दोनों पद समाप्त कर दिए गए हैं क्या? विज्ञापन में कनिष्ठ मंत्रियों के नाम तो दिख रहे, लेकिन डिप्टी सीएम साहब लोगों के नहीं। कहीं यहां भी ‘हाता नहीं भाता’ या ‘प्रभुत्ववादी सोच’ तो हावी नहीं हो गई। अबकी बार, डिप्टी सीएम बाहर! भाजपा में डबल इंजन ही नहीं, इंजन से डबल डिब्बे भी टकरा रहे हैं। बिहार से आए केशव मौर्य, लखनऊ में ही रुके रहे
दरअसल, डिप्टी सीएम केशव मौर्य बिहार चुनाव में सहप्रभारी बनाए गए हैं। वह अयोध्या जाने के लिए लखनऊ पहुंच गए थे, लेकिन ऐनवक्त पर उन्होंने वहां जाने का कार्यक्रम कैंसिल कर दिया। उन्होंने घर पर ही लोगों से मुलाकात की। वहीं, ब्रजेश पाठक रविवार सुबह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ रहे। इसके बाद वह अपने घर पर लोगों से मुलाकात की। खबर में आगे बढ़ने से पहले इस पोल पर अपनी राय दीजिए… 2022 में भी केशव मौर्य अयोध्या नहीं गए थे
इससे पहले भी केशव मौर्य 2022 के दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। उस समय सीएम ऑफिस की ओर से केशव को सीएम के सलाहकार अवनीश अवस्थी को हेलिकॉप्टर में साथ ले जाने के लिए कहा गया था। अवनीश अवस्थी केशव के घर भी पहुंचे थे, लेकिन केशव ने अयोध्या दौरा रद्द कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक, केशव ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के जरिए सीएम को संदेश भी भेज दिया था कि उन्हें सिराथू से चुनाव हराने में अवनीश अवस्थी की भी भूमिका है। इसलिए वह अवनीश के साथ हेलिकॉप्टर में नहीं जाएंगे। दोनों डिप्टी सीएम लगातार नाराज चल रहे
भाजपा के एक शीर्ष पदाधिकारी ने बताया कि दोनों डिप्टी सीएम सरकार से नाराज चल रहे हैं। सरकार की ओर से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में दोनों डिप्टी सीएम को अक्सर नहीं बुलाया जाता। जबकि संसदीय कार्य और वित्तमंत्री सुरेश खन्ना और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह अक्सर सीएम के साथ मंच साझा करते हैं। केशव का अयोध्या का कार्यक्रम जारी हो गया था… बाद में कार्यक्रम रद्द होने की जानकारी सामने आई… पहले भी कई बार आ चुकीं केशव की नाराजगी की खबरें ——————————— ये खबर भी पढ़ें… लखनऊ में बसपा का 10 दिन में तीसरा बड़ा कार्यक्रम, कोऑर्डिनेटरों से मायावती बोलीं- जैसे मेरा साथ दिया, वैसे आकाश की मदद कीजिए बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को लखनऊ में देशभर के कोऑर्डिनेटर के साथ बैठक की। करीब 2 घंटे चली बैठक में फोकस संगठन को मजबूत करने पर रहा। बैठक में यूपी-उत्तराखंड को छोड़कर देशभर से करीब 430 कोऑर्डिनेटर आए। इनमें 3 महिलाएं भी थीं। इस दौरान मायावती ने हर स्तर पर संगठन को मजबूत करने को कहा। पूरी खबर पढ़िए

फतेहपुर में पटाखा मार्केट में धमाका, 70 दुकानें जलीं:50 बाइकें भी राख, 3 करोड़ के पटाखे दगे; 2 किमी दूर से दिखा धुआं

फतेहपुर में पटाखा मार्केट में धमाका, 70 दुकानें जलीं:50 बाइकें भी राख, 3 करोड़ के पटाखे दगे; 2 किमी दूर से दिखा धुआं फतेहपुर में पटाखा मार्केट में रविवार दोपहर भीषण आग लग आई। हादसे में करीब 70 दुकानें जल गईं। इस दौरान 3 करोड़ के पटाखे दग गए। इसके अलावा, पटाखा लेने आए लोगों की 50 से ज्यादा बाइकें भी आग की चपेट में आ गई। हादसा दोपहर 12.30 बजे हुआ। दरअसल, शहर में एमजी कॉलेज के ग्राउंड में पटाखा मंडी है। शनिवार को यहां बड़ी संख्या में लोग पटाखे लेने पहुंचे हुए थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान शॉर्ट सर्किट से एक दुकान में आग लग गई। इसके बाद आग बेकाबू हो गई। एक के बाद एक दुकानों में आग लगती चली गई। पटाखे रखे होने के चलते विस्फोट होना शुरू हो गए। हादसे के बाद दो किमी तक धुआं उठता देखा गया। आग लगने से मंडी में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में करीब 6 लोग झुलस गए। इनको एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बालू, बाल्टी से पानी और सिलेंडरों से आग बुझाई गई। दुकानदारों ने बताया- दुकान नंबर 2 से आग लगी। डेढ़ घंटे में 400 से अधिक धमाके हुए। 2 बजे तक धमाके होते रहे। सारी दुकानें जल गईं। चीफ फायर अधिकारी जयवीर सिंह सिंह ने बताया कि आग सबसे पहले एक दुकान में लगी। फिर तेजी से पूरी मंडी में फैल गई। 15-20 मिनट में पूरी मंडी को कवर कर लिया। 65-70 दुकानें पूरी तरह से जल गईं। साथ ही 30 से ज्यादा बाइक-स्कूटी भी जल गईं। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं हैं। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच आग को बुझाया। हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

बांके बिहारी मंदिर में दूसरे दिन खोला जा रहा खजाना:मेन दरवाजे को ग्राइंटर से काटा जा रहा, सीढ़ियों के रास्ते नीचे तहखाने में जाएगी टीम

बांके बिहारी मंदिर में दूसरे दिन खोला जा रहा खजाना:मेन दरवाजे को ग्राइंटर से काटा जा रहा, सीढ़ियों के रास्ते नीचे तहखाने में जाएगी टीम बांके बिहारी मंदिर में बने तोशाखाना में आज दूसरे दिन खजाना खोला जा रहा है। खजाने के मुख्य दरवाजे को ग्राइंडर से काटा जा रहा है। इसके बाद सीढ़ियों के जरिए नीचे तहखाने में जाने की कोशिश की जाएगी। इससे पहले, कल बांके बिहारी मंदिर के खजाने के दरवाजे के अंदर एक और कमरा मिला था। इस कमरे के नीचे तहखाना मिला था। वहां सीढ़ियां बनी हुई थीं। टीम कल 15 से 20 फीट नीचे ही जा पाई थी। मंदिर परिसर में दिनेश गोस्वामी ने बताया- जो कल प्रक्रिया रह गई थी, उसे आज वहीं से शुरू करके आगे बढ़ाया जा रहा है। वापस फोटोग्राफी करके सील को दिखाते हुए वेल्डिंग को ग्राइंडर से काटा जा रहा है। अब मैं आगे की प्रक्रिया के लिए अंदर जा रहा हूं। खजाना खोले जाने से जुड़े पल-पल अपडेट के लिए LIVE ब्लॉग से गुजर जाइए…

बहन को धोखा दिया तो देवर का प्राइवेट पार्ट काटा:कमरे में सो रहा था, प्रयागराज में आधी रात भाभी ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया

बहन को धोखा दिया तो देवर का प्राइवेट पार्ट काटा:कमरे में सो रहा था, प्रयागराज में आधी रात भाभी ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया प्रयागराज में छोटी बहन को प्यार में धोखा देने पर भाभी ने चाकू से देवर का प्राइवेट पार्ट काट डाला। इसके बाद भाभी वहां से भाग निकली। देवर दर्द से छटपटाता रहा। शोर सुनकर परिजन भागते हुए आए। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। दरअसल, भाभी मंजू ने पूरी प्लानिंग के साथ आधी रात को देवर उमेश कुमार पर हमला किया। उमेश उस वक्त सो रहा था। तभी मंजू उसके कमरे में पहुंची और चाकू से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। परिजनों की तहरीर पर आरोपी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी भाभी की तलाश में दबिश दे रही है। मामला मऊआइमा थाना क्षेत्र का है। विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… 3 साल से चल रहा था छोटी बहन से अफेयर
प्रयागराज के मऊआइमा के मलखानपुर, मिश्रिर पट्‌टी के रहने वाले राम आसरे के पांच लड़के हैं। दूसरे नंबर के बेटे उदय कुमार की शादी चार साल पहले मऊआइमा थाना क्षेत्र के कहली गांव की रहने वाली मंजू से हुई थी। दोनों के 2 साल का एक बेटा भी है। 3 साल पहले मंजू के सबसे छोटे देवर उमेश कुमार का मंजू की छोटी बहन मीना (बदला हुआ नाम) से अफेयर हो गया। उमेश ने मंजू से शादी करने का वादा किया। दोनों के बीच अफेयर की जानकारी घरवालों को भी थी। दोनों की शादी कराने को लेकर घर में बातचीत शुरू हो गई। करीब तीन महीने पहले उमेश ने अचानक शादी से इनकार कर दिया। उसने कहा कि वह किसी और से प्यार करता है। उसी से शादी करेगा। उमेश के मना करने के बाद उसके घरवालों ने भी रिश्ता करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा- नई जगह रिश्तेदारी करेंगे। मंजू ने देवर उमेश को समझाने की कोशिश की। मगर वह नहीं माना। इसके बाद भाभी और देवर के बीच झगड़ा हो गया। धोखा मिलने पर गर्लफ्रेंड डिप्रेशन में चली गई
इधर, लव अफेयर में धोखा मिलने पर मीना डिप्रेशन में चली गई। उसने जान देने की बात कही। बहन की ऐसी हालत देख मंजू ने देवर उमेश को सबक सिखाने की प्लानिंग की। 16 अक्टूबर की रात दो बजे मंजू चाकू लेकर देवर उमेश के कमरे में पहुंची। यहां सो रहे देवर के प्राइवेट पार्ट पर चाकू से हमला कर दिया। करीब चार वार कर प्राइवेट पार्ट काट डाला। उमेश चीखने लगा। चीख सुनकर घर वाले मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि उमेश खून से लथपथ बिस्तर पर दर्द से कराह रहा था। उसका प्राइवेट पार्ट बिस्तर पर कटा हुआ पड़ा था। परिजन उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले गए। वहां से उसे रेफर कर दिया गया। सुबह करीब 5 बजे उसे स्व रूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने 1.5 घंटे तक ऑपरेशन कर बचाई उमेश की जान
ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर यूरोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर शिरीश मिश्रा ने बताया कि करीब 1.5 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद उसकी जान बचाई जा सकी। अब उसकी हालत खतरे से बाहर है। उसे पूरी तरह से ठीक होने में उसे छह से आठ महीने लग सकते हैं। फिलहाल उसे गहन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। परिवार वालों से पूछताछ
एसीपी विवेक यादव के मुताबिक, उमेश के प्राइवेट पार्ट पर भाभी मंजू ने हमला किया था। बहन से रिश्ते खराब करने को लेकर वह सबक देना चाहती थी। मंजू को तलाश किया जा रहा है। परिवार वालों से पूछताछ हुई है। बताया कि आरोपी गर्भवती है। ……………………………… ये खबर भी पढ़िए- कार पर गिरा हाईटेंशन तार, युवक जिंदा जला:सीट से हिल तक नहीं पाया, सिर्फ हडि्डयां और राख बची मथुरा में पेट्रोल पंप के पास खड़ी कार पर हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर गया। देखते ही देखते ही कार आग के गोले में तब्दील हो गई। कार में बैठा युवक हिल तक नहीं पाया और जलकर खाक हो गया। सिर्फ हड्‌डियां और राख ही बची। मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड ने किसी तरह से आग पर काबू पाया। रेस्क्यू के बाद कार से कंकाल बरामद हुआ। वह पूरी तरह से जल चुका था। टीम ने कंकाल और राख को बैग में भरकर फोरेंसिक टीम को सौंपा। पढ़िए पूरी खबर…