चंडीगढ़ को देश के सबसे आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल शहरों में शामिल करने की दिशा में प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर शहर के पर्यावरणीय विकास और सतत शहरी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान चंडीगढ़ में हरित विकास को बढ़ावा देने, प्रदूषण नियंत्रण, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा शहर के सौंदर्यीकरण, जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और भविष्य की इको-फ्रेंडली परियोजनाओं को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई।
मेयर सौरभ जोशी ने “विकसित भारत 2047 – विकसित चंडीगढ़ 2047” विजन के तहत शहर को देश की अग्रणी मॉडल ग्रीन सिटी बनाने की योजना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि नगर प्रशासन शहर में स्वच्छता, हरियाली और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाओं पर काम कर रहा है।
उन्होंने वैज्ञानिक वेस्ट डिस्पोजल सिस्टम, आधुनिक रीसाइक्लिंग तंत्र, सार्वजनिक स्थानों में हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण के अनुकूल शहरी ढांचे के विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी साझा की। मेयर ने कहा कि चंडीगढ़ की पहचान केवल “सिटी ब्यूटीफुल” तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे पर्यावरणीय सुशासन और टिकाऊ विकास के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने चंडीगढ़ प्रशासन की पहलों की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि तेजी से शहरीकरण के दौर में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास बेहद जरूरी हैं तथा चंडीगढ़ इस दिशा में एक उदाहरण बन सकता है।
मेयर ने कहा कि आने वाले वर्षों में शहर को और अधिक स्वच्छ, हरित, स्मार्ट और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य की पीढ़ियों को बेहतर जीवन गुणवत्ता देना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, “Environment First, Chandigarh First केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाले समय के लिए हमारी जिम्मेदारी है। चंडीगढ़ को भारत का बेंचमार्क ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जाएंगे।”


