EVM हटाने के फैसले पर पंजाब में सियासी घमासान, चुनाव आयोग पहुंची भाजपा, सुनील जाखड़ ने सरकार को घेरा

EVM हटाने के फैसले पर पंजाब में सियासी घमासान, चुनाव आयोग पहुंची भाजपा, सुनील जाखड़ ने सरकार को घेरा

पंजाब में होने वाले निकाय चुनावों को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की बजाय बैलेट पेपर से चुनाव करवाने के फैसले पर अब भारतीय जनता पार्टी ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ की अगुवाई में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब राज्य चुनाव आयोग से मुलाकात कर इस फैसले पर कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई।

प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, वरिष्ठ नेता विजय सांपला, सोम प्रकाश, मनोरंजन कालिया, अविनाश राये खन्ना, राकेश राठौड़ और विनीत जोशी भी शामिल रहे। नेताओं ने चुनाव आयोग से मांग की कि निकाय चुनाव पहले की तरह ईवीएम के जरिए ही करवाए जाएं ताकि मतदान प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सुनील जाखड़ ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार संभावित हार को देखते हुए बैलेट पेपर प्रणाली लागू कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। जाखड़ ने आरोप लगाया कि राज्य चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है और बिना राजनीतिक दलों से चर्चा किए अचानक नियम बदल दिए गए।

उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से स्थानीय निकाय चुनाव ईवीएम मशीनों से कराए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार चुनावों की घोषणा के बाद अचानक बैलेट पेपर से मतदान करवाने का फैसला लिया गया। भाजपा नेताओं का दावा है कि सामान्य प्रक्रिया के तहत चुनावों से पहले सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक की जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत चुनावों के दौरान भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई थीं। उन्होंने पटियाला में एक पुलिस अधिकारी की कथित वायरल ऑडियो कॉल का जिक्र करते हुए कहा कि उससे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए थे और अब निकाय चुनावों में भी उसी तरह की स्थिति बनने की आशंका है।

जाखड़ ने कहा कि कई जगहों पर आरक्षित वार्डों में बदलाव किए गए हैं और मतदाता सूचियों को लेकर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डबंदी प्रक्रिया में भी बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। भाजपा ने साफ किया है कि यदि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई तो पार्टी राज्यभर में इसका विरोध करेगी।

गौरतलब है कि पंजाब में जल्द ही कई नगर निगमों, नगर कौंसिलों और नगर पंचायतों के चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि ईवीएम मशीनें समय पर उपलब्ध न होने के कारण इस बार मतदान बैलेट पेपर के जरिए कराया जाएगा। हालांकि इस फैसले के बाद अब राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।