चंडीगढ़ स्थित Postgraduate Institute of Medical Education and Research (PGI) के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एजुकेशन (नाइन) ऑडिटोरियम में सोमवार दोपहर अचानक एसी सिस्टम से गैस रिसाव होने के कारण अफरा-तफरी मच गई। सेमिनार में मौजूद नर्सिंग स्टूडेंट्स और स्टाफ को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी, जिसके बाद पूरे ऑडिटोरियम को तत्काल खाली कराया गया। घटना के दौरान कुछ समय के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा हादसा या जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार घटना सोमवार दोपहर करीब एक बजे की है, जब नाइन ऑडिटोरियम में नर्सिंग विद्यार्थियों का एक सेमिनार चल रहा था। इसी दौरान एयर कंडीशनिंग सिस्टम से अचानक तेज गंध आने लगी। कुछ ही देर में ऑडिटोरियम के भीतर धुंआ फैलने लगा, जिससे वहां मौजूद छात्रों और कर्मचारियों में घबराहट फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई छात्रों को घुटन और सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। स्थिति बिगड़ती देख छात्र-छात्राएं तेजी से बाहर निकलने लगे। अचानक मची अफरा-तफरी के कारण कुछ समय के लिए वहां भगदड़ जैसे हालात बन गए। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे ऑडिटोरियम को तुरंत खाली करा लिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पीजीआई की सुरक्षा टीम, तकनीकी विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। तकनीकी स्टाफ ने तत्काल एयर कंडीशनिंग सिस्टम को बंद कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में गैस रिसाव एसी यूनिट से होने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते सिस्टम बंद कर दिया गया, जिससे स्थिति पर जल्द नियंत्रण पा लिया गया।
सूत्रों के अनुसार सेमिनार में उस समय लंच ब्रेक होने वाला था, इसलिए ऑडिटोरियम में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे। यदि रिसाव कुछ देर और जारी रहता तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी।
नाइन की नर्सिंग हेड डॉ. सुखपाल ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी ऑडिटोरियम में तकनीकी खराबी के कारण स्पीकर में आग लगने की घटना हुई थी। लगातार दूसरी बार तकनीकी खामी सामने आने के बाद संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था और उपकरणों के रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, खासकर उन जगहों पर जहां नियमित रूप से बड़े कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
बताया जा रहा है कि नाइन ऑडिटोरियम में हर एक-दो महीने में शैक्षणिक, सांस्कृतिक और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके बावजूद एयर कंडीशनिंग सिस्टम और विद्युत उपकरणों की नियमित जांच व मेंटेनेंस को लेकर लापरवाही सामने आ रही है।
सोमवार की घटना ने यह साफ कर दिया कि यदि तकनीकी खामियों को समय रहते दूर नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अब पीजीआई प्रशासन पूरे एयर कंडीशनिंग सिस्टम और ऑडिटोरियम के सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत जांच कराने की तैयारी में है, ताकि आगे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।



